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NEET UG 2021 examination: आरक्षण संबंधी याचिकाओं पर 16 नवंबर को SC में सुनवाई

NEET UG 2021 examination: आरक्षण संबंधी याचिकाओं पर 16 नवंबर को SC में सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट. (File pic)

सुप्रीम कोर्ट. (File pic)

केंद्र सरकार (central government) और चिकित्सा काउंसिलिंग समिति (एमसीसी) के 29 जुलाई के नोटिस को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) 16 नवंबर को सुनवाई करेगा. केंद्र सरकार और एमसीसी ने 29 जुलाई को नोटिस जारी कर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 फीसदी और ईडब्ल्यूएस को 10 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा की थी. सोलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, ‘मैं आग्रह करता हूं कि दीवाली के बाद मामले पर सुनवाई हो. साथ ही हम यह भी आश्वासन देते हैं कि जब तक अधिसूचना की वैधता पर निर्णय नहीं हो जाता है तब तक काउंसिलिंग शुरू नहीं होगी.’

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    नयी दिल्ली. केंद्र सरकार (central government) और चिकित्सा काउंसिलिंग समिति (एमसीसी) के 29 जुलाई के नोटिस को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) 16 नवंबर को सुनवाई करेगा. केंद्र सरकार और एमसीसी ने 29 जुलाई को नोटिस जारी कर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 फीसदी और ईडब्ल्यूएस को 10 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा की थी. न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति विक्रम सेठ और न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्न की पीठ को सोलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और अधिसूचना तैयार करने वालों के साथ विस्तृत बातचीत की है.

    मेहता ने कहा, ‘मैं आग्रह करता हूं कि दीवाली के बाद मामले पर सुनवाई हो. साथ ही हम यह भी आश्वासन देते हैं कि जब तक अधिसूचना की वैधता पर निर्णय नहीं हो जाता है तब तक काउंसिलिंग शुरू नहीं होगी.’ पीठ ने कहा, ‘हम सोलीसीटर जनरल के आश्वासन को रिकॉर्ड में लेते हैं. मामले पर 16 नवंबर को सुनवाई होगी.’ इससे पहले सितंबर में मेडिकल के अंडरग्रेजुएट कोर्स में ओबीसी और इडब्लूएस वर्ग के अभ्यर्थियों को 27 फीसदी आरक्षण देने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था. सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार द्वारा 27 फीसदी आरक्षण देने के खिलाफ एक याचिका पर सुनवाई कर रहा है.

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    सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में आरक्षण नीति के कार्यान्वयन के लिए चिकित्सा परामर्श समिति द्वारा जारी 29 जुलाई 2021 की अधिसूचना के प्रभाव व संचालन पर रोक लगाने की मांग की गई है. साथ ही वर्तमान आरक्षण नीति से संबंधित तौर तरीकों की जांच करने के लिए विशेषज्ञों की समिति का गठन करने का निर्देश देने की मांग की है. नीट यूजी 2021 परीक्षा से ठीक पहले भी एक याचिका दायर की गई थी. जिसमें 12 सितंबर को होने वाली परीक्षा पर रोक लगाने की मांग की गई थी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस याचिका को खारिज करने के बाद नीट परीक्षा 12 सितंबर को ही संपन्न हुई थी.

    ऐसा रहा है घटनाक्रम 

    केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने मेडिकल एडमिशन के लिए जुलाई 2021 में बड़ा फैसला किया. सरकार ने ओबीसी वर्ग में 27% और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2021-22 सत्र से इसे लागू करने का फैसला किया. इस फैसले से करीब 5,500 छात्रों को लाभ मिलेगा. आरक्षण का लाभ यूजी और पीजी मेडिकल/डेंटल कोर्स (एमबीबीएस/एमडी/एमएस/डिप्लोमा/बीडीएस/एमडीएस)में एडमिशन लेने वालों को मिलेगा. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सरकार ओबीसी और EWS वर्ग के लोगों को आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है. दरअसल, मामले ने उस वक्त तूल पकड़ लिया था जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 12 जुलाई को नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी नीट 2021 की तारीखों का ऐलान किया. उन्होंने कहा था कि इस बार भी नीट परीक्षा ओबीसी वर्ग को बिना आरक्षण दिए ही होगी. इसके बाद कई संगठनों ने देश व्यापी हड़ताल की धमकी दी थी.

    Tags: Central government, NEET UG 2021 examination, Supreme Court

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