'लापरवाही ने मां को मारा', आगरा 'मॉक ड्रिल' मामले में मरीज की बेटी ने लगाए गंभीर आरोप

लाइसेंस रद्द होने के चलते अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदार परेशान हो गए हैं. (फाइल फोटो)

लाइसेंस रद्द होने के चलते अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदार परेशान हो गए हैं. (फाइल फोटो)

Agra Mock Drill Case: न्यूज18 से बातचीत के दौरान प्रियंका कथित घटना वाले दिन को याद करती हैं. वो बताती हैं, 'जिस दिन मां की मौत हुई, तब अस्पताल ने रिसेप्शन समेत आधे से ज्यादा CCTV कैमरा बंद कर दिए थे.'

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आगरा. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के आगरा में हुआ 'ऑक्सीजन मॉक ड्रिल' (Oxygen Mock Drill) का मामला गरमाया हुआ है. राज्य सरकार ने अस्पताल को सील कर मामले की जांच के आदेश दिए हैं. जिस वक्त यह कथित घटना हुई, उस दौरान अस्पताल में मुन्नी देवी भी भर्ती थीं. उनकी बेटी प्रियंका दावा कर रही हैं कि लापरवाही के चलते उनकी मां की मौत हुई. अब वो न्याय के लिए भटक रही हैं. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

बंद कर दिए थे सीसीटीवी कैमरा

न्यूज18 से बातचीत के दौरान प्रियंका कथित घटना वाले दिन को याद करती हैं. वे बताती हैं, 'जिस दिन मां की मौत हुई, तब अस्पताल ने रिसेप्शन समेत आधे से ज्यादा सीसीटीवी कैमरा बंद कर दिए थे. हमें अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के बारे में भी बताया गया था.' वो कहती हैं कि 22 मृतकों में उनकी मां भी शामिल हैं.

'नहीं दी गईं दवाएं'
उन्होंने इस दौरान अस्पताल पर उनकी मां का इलाज ठीक से नहीं करने के आरोप लगाए हैं. प्रियंका ने कहा कि डॉक्टर ने उन्हें बताया कि उनकी मां को दवाएं दी गई हैं और वो वेंटिलेटर पर हैं. जबकि, उनके शरीर पर इंजेक्शन के निशान नहीं थे. उन्होंने कहा, 'मैं भी अस्पताल में काम करती हूं. मेरी मां को कोविड वार्ड में शिफ्ट किया गया था. मुझे दवाएं खरीदने और उन्हें डॉक्टर्स को सौंपने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्हें कोरोना वायरस की कोई दवा नहीं दी गई थी.'

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कहां तक पहुंची जांच



कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर वीरेंद्र भारती और डॉक्टर संजीव वर्मन को मौतों की जांच करने के लिए कहा गया है. अधिकारियों से दो दिनों में रिपोर्ट मांगी गई है. स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा, 'आगरा के पारस अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई की घटना पर जांच के आदेश दिए गए हैं. अस्पताल को सील कर दिया गया है.' उन्होंने जानकारी दी, 'जांच कमेटी को राज्य सरकार को रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है. इस रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी.'

वहीं, श्री पारस अस्पताल के मालिक अरिंजय जैन इन आरोपों से इनकार करते हैं और कहते हैं कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. भाषा के अनुसार, अस्पताल के मालिक डॉ.अरिंजय जैन के वीडियो हाल ही में वायरल हुए थे. इनमें जैन को पांच मिनट के लिए कोविड मरीजों की ऑक्सीजन बंद करने की मॉकड्रिल किये जाने की बात कहते सुना जा सकता है.


भर्ती मरीजों को हुई परेशानी

लाइसेंस रद्द होने के चलते अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदार परेशान हो गए हैं. एक मरीज के साथ वहां पहुंचे लाल कुमार चौहान ने कहा, 'हमारे मरीज को 15 दिन पहले भर्ती कराया गया था और उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ. हमें फाइल प्राप्त करने के लिए मरीज के डिस्चार्ज के कागजों पर हस्ताक्षर करने कहा जा रहा था. हम नहीं जानते की मरीज को कहां ले जाएं.'

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