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Kisan Anodlan पर बोले सोनू सूद- मैें खुद पंजाब से, किसानों की दुर्दशा देखकर हो रहा दुख

सोनू सूद (Photo Credit- @/Instagram Video)
सोनू सूद (Photo Credit- @/Instagram Video)

बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने किसान आंदोलन पर टिपप्णी की है. कोरोना संक्रमण के काल में लोगों की मदद कर चर्चा में आए सूद ने कहा कि वह किसानों की दुर्दशा देखकर दुखी हैं.

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मुंबई. लोकप्रिय अभिनेता सोनू सूद (Sonu Sood) ने शुक्रवार को कहा कि तीन नए कृषि कानूनों (Farm Laws) का विरोध कर रहे किसानों की दुर्दशा देखकर उन्हें बहुत दुख हो रहा है. इसके साथ ही उन्होंने उनकी समस्याओं के समाधान की उम्मीद जतायी.

हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्यों के हजारों किसान दिल्ली की सीमा पर नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन (Kisan Andolan) कर रहे हैं, उन्हें डर है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली समाप्त हो जाएगी और उनपर बड़े कॉर्पोरेट का नियंत्रण हो जाएगा.

इस साल कोरोना वायरस महामारी के दौरान प्रवासी श्रमिकों की मदद करने के प्रयासों के लिए सोनू सूद की खूब सराहना की गई थी. अभिनेता ने कहा कि वह इस बहस में नहीं पड़ना चाहते कि कौन सही है या कौन गलत, बल्कि वह केवल यह चाहते हैं कि किसानों की समस्याओं का समय पर समाधान हो.



सूद ने कहा, 'यह बहुत दुखद है. मुझे पता है कि हर समस्या का समाधान है. मैं पंजाब में पैदा हुआ और बड़ा हुआ, मैंने किसानों के साथ समय बिताया है और मेरा मानना ​​है कि अगर हम उन्हें समय दें तो पंजाबी समुदाय को प्यार से मनाया जा सकता है.' सूद ने यह बात ‘वी द वीमेन’ नामक एक ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान कही, जहां वह पत्रकार बरखा दत्त के साथ बातचीत कर रहे थे.
24 दिनों से दिल्ली किसान आंदोलित
बता दें बीते 24 दिनों से दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर किसान आंदोलित हैं. सरकार के साथ-साथ अब अदालत भी समाधान निकालने पर जोर दे रही है. वहीं ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) ने शुक्रवार को कहा कि तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन का समाधान निकलाने की जरूरत सरकार को है, सुप्रीम कोर्ट को नहीं.

संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान आंदोलन में शामिल करीब 40 किसान संगठनों में से एक किसान सभा ‘दिल्ली चलो’ अभियान का नेतृत्व कर रहा है और उसका कहना है कि पहले-पहल किसी किसान संगठन ने अदालत का दरवाजा खटखटाकर मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध नहीं किया.

संगठन के वरिष्ठ नेता पी. कृष्ण प्रसाद ने कहा, 'समाधान निकालने की जरूरत सरकार को है, सुप्रीम कोर्ट को नहीं. अदालती आदेश में भी यह स्पष्ट कहा गया है. हम इस समझ के कारण अदालत नहीं गए कि किसानों का यह संघर्ष सरकारी नीतियों के खिलाफ है और संकट का समाधान कार्यपालिका को करना है.'
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