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    मिदनापुर में TMC के बड़े नेता के पोस्टर और रैलियां ममता के लिए एक नई चुनौती

    टीएमसी नेता की रैली में ममता का पोस्टर और पार्टी सिंबल नदारद (फोटो साभार- न्‍यूज18 इंग्लिश)
    टीएमसी नेता की रैली में ममता का पोस्टर और पार्टी सिंबल नदारद (फोटो साभार- न्‍यूज18 इंग्लिश)

    West Bengal Assembly Election 2021: परिवहन मंत्री और पुरबा मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम के विधायक और टीएमसी नेता सुवेंदु अधिकारी का प्रचंड प्रचार अभियान चल रहा है. 'आमरा दादर अनुगामी' नामक समूह इस प्रचार को अंजाम दे रहा है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 23, 2020, 10:00 PM IST
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    (सुजीत नाथ)

    कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) में अगले साल विधानसभा चुनाव (Assembly Election 2021) होने हैं. राज्य में अपना वर्चस्व बरकरार रखने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने अपने राजनीतिक रणनीतिकारों को उनकी जिम्मेदारी सौंप दी हैं. लेकिन राज्य के मिदनापुर जिले में एक अलग ही लहर देखने को मिल रही है जो ममता बनर्जी शासन के लिए किसी खतरे से कम नहीं लग रही है. दरअसल, परिवहन मंत्री और पुरबा मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम के विधायक और टीएमसी नेता सुवेंदु अधिकारी का प्रचंड प्रचार अभियान चल रहा है. 'आमरा दादर अनुगामी' नामक समूह इस प्रचार को अंजाम दे रहा है.

    टीएमसी नेता का प्रचंड प्रचार
    गौर करने वाली बात यह है कि इस प्रचारक समूह का नेतृत्व कौन कर रहा है इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है. इससे भी ज्यादा गौर करने वाली बात यह है कि इस समूह द्वारा निकाली जा रही रैलियों में न तो टीएमसी का प्रतीक है और न ही पार्टी का झंडा. बता दें कि इस नेतृत्वहीन प्रचारक समूह के सदस्य सुवेंदु के पोस्टर, बैनर और झंडे लेकर टीएमसी नेता के प्रचार अभियान में जुटे हुए हैं.
    बीजेपी के खिलाफ टीएमसी की कोई नई चाल?


    वहीं, जिले में पिछले कुछ हफ्तों से लोगों ने कई सवाल उठाए हैं कि अमरा दादर अनुगामी आखिर कौन हैं? क्या इन रैलियों से टीएमसी को सुवेंदु की ताकत और रुतबे का कोई संदेश भेजने की कोशिश की जा रही है? क्या सुवेंदु बंगाल की राजनीति में कोई बड़ा चमत्कार करने की स्थिति में हैं. या फिर यह बीजेपी को डराने की टीएमसी की यह कोई नई चाल है?

    अभी इन सब सवालों पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है. बस एक सिरे से हजारों लोग सुवेंदु अधिकारी के पक्ष में प्रचार को अंजाम दे रहे हैं. इन रैलियों से एक बात तो साफ हो रही है कि बंगाल में विधानसभा चुनाव 2021 में सुवेंदु अधिकारी के समर्थकों की कोई कमी नहीं होने वाली है.



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    रैली में ममता का पोस्टर और पार्टी सिंबल नदारद
    बता दें कि बीते कुछ हफ्ते पहले भी पूर्वी मेदिनीपुर के इगरा, नंदीग्राम और दीघा में भी आमर-दादर-अनुगामी के बैनर तले कई रैलियां निकाली गई थीं. इन रैलियों में कोविड-19 और सामाजिक कल्याण के मुद्दे शामिल थे. साथ ही आने वाले उत्सवों की शुभकामनाएं भी दी गई थीं. इस दौरान भी रैलियों में टीएमसी का प्रतीक और ममता की तस्वीर तक नहीं दिखाई दी थीं. रैलियों में इस्तेमाल किए गए बैनरों पर 'बंगलर गोरबो ममता' और 'दीदी को बोलो' की बजाय 'आमरा दादर अनुगामी' के ही नारे 'बंगलर बाग' और 'बेंगल राइजिंग सन' लिखे हुए थे.

    ममता के रणनीतिकार तैयारियों में जुटे
    अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव है और टीएमसी के राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर और अभिषेक बनर्जी ने प्रार्टी के लिए रणनीति बनाना शुरू कर दिया है और यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी सुवेंदु अधिकारी के लिए हो रहे इस प्रचंड प्रचार अभियान को कैसे हैंडल करते हैं. सवाल खड़ा होता है कि क्या यह प्रचार अभियान ममता सरकार के लिए कोई नई चुनौती तो नहीं है.
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