होम /न्यूज /राष्ट्र /COVID-19: कोरोना के नए वेरिएंट ने भारत में भी बढ़ाई चिंता, त्योहारों में सावधानी बरतने की सलाह, जानें कितना बड़ा है खतरा

COVID-19: कोरोना के नए वेरिएंट ने भारत में भी बढ़ाई चिंता, त्योहारों में सावधानी बरतने की सलाह, जानें कितना बड़ा है खतरा

भारत में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ने लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है. (सांकेतिक फोटो-Shutterstock)

भारत में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ने लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है. (सांकेतिक फोटो-Shutterstock)

भारत में ओमिक्रॉन का नया सब-वेरिएंट्स BF.7 सामने आया है. इसको लेकर चिंता की बात यह है कि यह अन्य सब-वेरिएंट के मुकाबले ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर ने BF.7 के पहले मामले का पता लगाया है.
यह वेरिएंट संयुक्त राज्य अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया और बेल्जियम जैसे अन्य देशों में भी पहुंच चुका है.

नई दिल्ली. भारत में कोरोना महामारी को ढाई साल से ज्यादा हो गए, लेकिन इसके वेरिएंट पर किसी तरह का कोई रोक नहीं लग पा रहा है. साल 2021 में कोरोना वायरस का ओमिक्रॉन वेरिएंट आया और तब से लेकर अब तक इसके कई सारे सब-वेरिएंट सामने आ रहे हैं. भारत में अब ओमिक्रॉन के नए सब-वेरिएंट्स BA 5.17 और BF.7 सामने आया है. भारत में ओमिक्रॉन का नया सब-वेरिएंट्स BF.7 सामने आया है. इसको लेकर चिंता की बात यह है कि यह अन्य सब-वेरिएंट के मुकाबले तेजी से लोगों के बीच फैल रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर ने BF.7 के पहले मामले का पता लगाया है.

इस नए ओमिक्रॉन वेरिएंट को अत्यधिक संक्रामक माना जा रहा है और इसमें अन्य सब-वेरिएंट के मुकाबले अधिक ट्रांसमिसेबल यानी कि संचरण क्षमता ज्यादा है.  स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, ‘ओमिक्रॉल स्पॉन’ के रूप में जाना जाने वाला BF.7, 4 अक्टूबर को चीन के यंताई और शोगुआन शहर में पाया गया था. ओमिक्रॉन का यह वेरिएंट संयुक्त राज्य अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया और बेल्जियम जैसे अन्य देशों में भी पहुंच गया है.

कथित तौर पर, Omicron वेरिएंट BF.7, एक अन्य वेरिएंट BA.5.1.7 के कारण चीन में कोरोना के मामलों में तेजी से उछाल आए हैं.  द लैंसेट इंफेक्शियस डिजीज जर्नल में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार, Omicron का BF.7 या BA.2.75.2 वेरिएंट अन्य वेरिएंट के मुकाबले पहले के वैक्सीनेशन और एंटीबॉडी से बच सकता है. इसके चलते इसे और अधिक संक्रामक माना जा रहा है.

स्वीडन के करोलिंस्का इंस्टिट्यूट के शोधकर्ताओं का कहना है कि इस बार की सर्दी में SARS-CoV-2 संक्रमण के बढ़ने का जोखिम बढ़ सकता है. जब तक कि लोगों की इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए दोबारा वैक्सीनेशन नहीं किया जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी अत्यधिक संक्रामक BF.7 के खिलाफ एक चेतावनी जारी की है और कहा है कि नया सबवेरिएंट कोरोना वायरस का सबसे खतरनाक वेरिएंट बन सकता है. इस नए सब-वेरिएंट के लक्षण गले में खराश, थकान, छाती में जमाव, खांसी, सर्दी और नाक बहना है.

त्योहारों में सावधानी बरतने की सलाह

भारत में त्योहारी सीज़न को देखते हुए विशेषज्ञों ने इसे लेकर बेहद एहतियात बरतने और कोविड-उपयुक्त व्यवहार करने की सलाह दी है. करोलिंस्का इंस्टिट्यूट में सहायक प्रोफेसर बेन मुरेल ने कहा, ‘अब हम जानते हैं कि यह इसी तरह के म्यूटेशन के साथ उभरते हुए वेरिएंट में से एक है, जो निकट भविष्य में तेजी से फैल सकता है.’ इसके साथ ही वह कहते हैं कि हमें इस सर्दी में संक्रमण बढ़ने की चिंता है.

हालांकि, शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या ये नए वेरिएंट अस्पताल में भर्ती होने की दरों में वृद्धि करेंगे.

Tags: Coronavirus, Omicron variant

टॉप स्टोरीज
अधिक पढ़ें