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क्या कोरोना वायरस का नया प्रकार है भारत में बढ़ते मामलों की वजह?

24 घंटे में 6 लोगों की मौत कोरोना से दिल्ली मेें हुई है. (प्रतीकात्मक)

24 घंटे में 6 लोगों की मौत कोरोना से दिल्ली मेें हुई है. (प्रतीकात्मक)

Covid-19 in India: ब्रिटेन के कोविड-19 का इस म्यूटेंट स्ट्रेन का भारत में पहला मामला 27 दिसंबर 2020 को दर्ज किया गया था. जिसमें कि यूके से लौटे 6 यात्री इससे संक्रमित पाए गए थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 24, 2021, 4:58 PM IST
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नई दिल्ली. भारत में पांच महीनों के बाद कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामलों में तेजी से इजाफा होता दिख रहा है. हाल ही में बढ़ रहे मामलों के अलावा जो एक चिंताजनक बात सामने आई है वह कोरोनावायरस का इंग्लैंड में मिला नया प्रकार (Coronavirus New Strain) है. पंजाब सरकार द्वारा जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए 401 सैंपल में से 81 प्रतिशत कोरोना के इसी प्रकार के संक्रमण के हैं. एक्सपर्ट्स ने बताया कि वायरस का ये प्रकार कोविड-19 के सामान्य प्रकार से 30 से 70 प्रतिशत ज्यादा तेजी से फैलता है. ब्रिटेन के प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा था कि इससे पहले के साक्ष्यों में ये पता चला है कि यूके में सामने आया वायरस का ये प्रकार पहले से अधिक घातक हो सकता है.

क्या है कोरोना का नया वेरियंट?
कोविड-19 के इस प्रकार की 20 म्यूटेशंस हैं इसमें कि कई ऐसे हैं जो प्रभावित करते हैं कि वायरस मानव कोशिकाओं पर लॉक करते हैं और उन्हें संक्रमित करता है.  कोरोना वायरस के यूके म्यूटेशन में आई इस गिरावट के रूप को इसके मॉलीक्यूल मेकअप के चलते B.1.1.7. के नाम से जाना जाता है. यूके के वैज्ञानिकों ने सरकार द्वारा कराई गई फॉलोअप स्टडी के आधार पर कहा है कि कोरोना वायरस का ये प्रकार काफी घातक हो सकता है.

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ब्रिटेन के कोविड-19 का इस म्यूटेंट स्ट्रेन का भारत में पहला मामला 27 दिसंबर 2020 को दर्ज किया गया था. जिसमें कि यूके से लौटे 6 यात्री इससे संक्रमित पाए गए थे.



क्या भारत में बढ़े मामलों की वजह यूके का वेरियंट है?
देश में सार्स-कोव-2 के यूके, साउथ अफ्रीका और ब्राजील वेरिएंट के साथ कुल मामलों की संख्या 795 तक पहुंच गई है, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि भारत में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. 18 मार्च को रिपोर्ट किए गए 400 मामलों के बाद देश में म्यूटेंट स्ट्रेंस के मामलों की संख्या बढ़कर 795 हो गई है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, तीन देशों यूके, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील के सार्स-कोव-2 वायरस के विभिन्न प्रकार के म्यूटेंट फैल रहे हैं. इसमे से दक्षिण अफ्रीकी और ब्राजील के वेरिएंट में उन व्यक्तियों को संक्रमित करने की क्षमता है जो पहले ही वायरस से संक्रमित हो चुके हैं.

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क्या यूके के वेरियंट से और भी देश प्रभावित हुए हैं?
अब तक 45 देशों में यूके के वेरियंट के केस सामने आए हैं, एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि कई और देशों में आने वाले कुछ हफ्तों में कोविड मामलों में इस तरह की तेजी देखी जा सकती है. द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक, 13 देशों में B117 वेरियंट के कम्युनिटी ट्रांसमिशन के मामले दर्ज किए गए हैं, जो कि तेजी से फैलता है और इसके चलते इंग्लैंड में तीसरी बार लॉकडाउन लगाने की नौबत आ गई थी.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये वेरियंट पहले के वेरियंट की तुलना में 56 प्रतिशत अधिक फैलता है. फ्रांस, स्पेन, पुर्तगाल, जर्मनी और इटली में इस म्यूटेशन का स्थानीय स्तर ट्रांसमिशन हुआ है.

क्या यूके वेरियंट के लिए कारागर हैं भारतीय वैक्सीन?
भारत में बनाया गया स्वदेशी कोविड टीका कोवैक्सीन, यूके वेरियंट के खिलाफ काम कर सकता है, आईसीएमआर और एनआईवी की नई स्टडी में इस बात की जानकारी मिली है. स्टडी के मुताबिक वैक्सीन वायरस के यूके स्ट्रेन को पूरी तरह से बेअसर करती है.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत बायोटेक को आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिलने की एक बड़ी वजह यूके स्ट्रेन था.
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