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पंजाब में शराब के शौकीनों को राहत, नहीं बढ़ेंगे दाम; नई आबकारी नीति जारी

कैप्टन अमरिंदर सिंह. (फाइल फोटो)
कैप्टन अमरिंदर सिंह. (फाइल फोटो)

Punjab News: इस नई व्यवस्था से 2021-22 में 7000 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है. राज्य सरकार को बजट (Budget) के लक्ष्य अर्थात 5578 करोड़ रुपए से भी 300 करोड़ रुपए अधिक कमाई होने की आशा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 2, 2021, 6:59 PM IST
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चंडीगढ़. पंजाब (Punjab) में इस साल शराब (Liquor) महंगी नहीं होगी क्योंकि पंजाब सरकार ने नई आबकारी नीति (New excise policy) में टैक्स की दरों और उपभोक्ताओं के लिए देसी शराब की दरों में कोई वृद्धि नहीं की है. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) की कैबिनेट ने पंजाब आबकारी नीति 2021-22 को मंज़ूरी दे दी है. इसमें आबकारी के राजस्व से 7002 करोड़ रुपए के अनुमानित लाभ का लक्ष्य निश्चित किया जो कि मौजूदा वर्ष के 5794 करोड़ रुपए की अपेक्षा 20 प्रतिशत अधिक है.

आबकारी नीति के मुख्य बिंदू
नीति का मकसद मौजूदा ठेकों का नवीकरण करना है बशर्ते कि लाइसैंस धारकों द्वारा अतिरिक्त शराब उठाई जाए. 2020-21 के दौरान राजस्व में 12 प्रतिशत की न्यूनतम वृद्धि सुनिश्चित होगी. मौजूदा वर्ष का राजस्व 5794 करोड़ रुपए रहने की उम्मीद है जो कि बीते वर्ष के 5027 करोड़ रुपए की अपेक्षा 15 प्रतिशत अधिक है. आबकारी नीति में रिटेल लाइसेंस धारकों को राहत देना और शराब कारोबार को बढ़ावा देने के पक्षों को रखा गया है.


इस नई व्यवस्था से 2021-22 में 7000 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है. राज्य सरकार को बजट के लक्ष्य अर्थात 5578 करोड़ रुपए से भी 300 करोड़ रुपए अधिक कमाई होने की आशा है. सरकार एल-13 थोक लाइसेंसियों की जगह शराब के थोक व्यापार की ऑनलाइन निगरानी करेगी. वहीं कनवर्शन कोटे को बढ़ाकर 15 से 20 प्रतिशत किया गया है.



भारत में बनी विदेशी शराब का कोटा 6 प्रतिशत और बीयर का कोटा 4 प्रतिशत बढ़ाया. होटलों और रेस्टोरेंट्स के बार में सालाना निर्धारित लाइसेंस फीस ही 30 प्रतिशत तक घटाई गई विभाग की तरफ से देसी शराब का कोटा 12 प्रतिशत बढ़ाया गया. मैरिज पैलेसों की सालाना लाइसेंस फीस भी 20 प्रतिशत तक घटा दी गई.
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