कोरोना वायरस से लड़ाई के लिए गृह मंत्रालय जारी करेगा नई गाइडलाइंस, 4 मई से होंगी लागू

कोरोना वायरस से लड़ाई के लिए गृह मंत्रालय जारी करेगा नई गाइडलाइंस, 4 मई से होंगी लागू
आने वाले दिनों में इससे जुड़ी जानकारी दी जाएंगी.

गृह मंत्रालय (Ministry of Home Ministry) की प्रवक्ता ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा कि लॉकडाउन (Lockdown) की शुरूआत से अब तक स्थिति में जबरदस्त लाभ और सुधार हुआ है. प्रवक्ता ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि ये सुधार बने रहें इसलिए लॉकडाउन के दिशानिर्देशों का 3 मई तक सख्ती से पालन किया जाना चाहिए.

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  • Last Updated: April 30, 2020, 7:07 AM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस (Coronavirus) से लड़ाई के लिए नई गाइडलाइंस 4 मई से लागू होंगी. गृह मंत्रालय की प्रवक्ता ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा कि इन गाइडलाइंस में कई जिलों में विभिन्न प्रकार की छूट दी जा सकती हैं. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इससे जुड़ी जानकारी दी जाएंगी.

प्रवक्ता ने ट्वीट कर बताया कि गृह मंत्रालय ने बुधवार को लॉकडाउन (Lockdown) की स्थिति कि समीक्षा के लिए विस्तृत बैठक की. उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की शुरूआत से अब तक स्थिति में जबरदस्त लाभ और सुधार हुआ है. प्रवक्ता ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि ये सुधार बने रहें इसलिए लॉकडाउन के दिशानिर्देशों का 3 मई तक सख्ती से पालन किया जाना चाहिए.


शर्तों के साथ दूसरे शहरों में फंसे लोगों को घर जाने की इजाजत
वहीं बुधवार को ही देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य लोगों को कुछ शर्तों के साथ उनके गंतव्यों तक जाने की अनुमति दे दी गयी जिससे एक बड़े वर्ग को राहत मिल सकती है.



केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने एक आदेश में कहा कि ऐसे फंसे हुए लोगों के समूहों को ले जाने के लिए बसों का इस्तेमाल किया जाएगा और इन वाहनों को सैनेटाइज किया जाएगा तथा सीटों पर बैठते समय सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करना होगा.

शर्तों के बारे में नहीं किया गया खुलासा
गृह मंत्रालय ने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या किसी व्यक्ति या परिवार को निजी वाहन में जाने की इजाजत मिल सकती है और यदि अनुमति मिल सकती है तो उसके लिए क्या शर्तें होंगी सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भेजे आदेश में भल्ला ने कहा, ‘‘लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूर, तीर्थयात्री, सैलानी, छात्र और अन्य लोग विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं. उन्हें जाने की इजाजत दी जाएगी.’’

मंत्रालय ने शर्तें गिनाते हुए कहा कि सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इस बाबत नोडल अधिकारी बनाने होंगे और ऐसे लोगों को रवाना करने तथा इनकी अगवानी करने के लिए मानक प्रोटोकॉल बनाने होंगे.

आदेश में कहा गया है कि नोडल अधिकारी अपने राज्यों में फंसे हुए लोगों का पंजीकरण भी करेंगे.

इसके अनुसार यदि फंसे हुए लोगों का समूह किसी एक राज्य या केंद्रशासित प्रदेश से दूसरे राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के बीच यात्रा करना चाहता है तो दोनों राज्य एक दूसरे से सलाह-मशिवरा कर सकते हैं और सड़क से यात्रा के लिए आपसी सहमति जता सकते हैं.

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