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2 वर्षों में नई गुवाहाटी-तवांग एक्सिस का निर्माण होगा पूरा, सर्विलांस के जरिए सेना रखेगी निगाह

2 वर्षों में नई गुवाहाटी-तवांग एक्सिस का निर्माण होगा पूरा, सर्विलांस के जरिए सेना रखेगी निगाह

भारत-चीन के बीच बीते साल से ही विवाद जारी है

भारत-चीन के बीच बीते साल से ही विवाद जारी है

क्षेत्र में सैन्य तैयारियों के बारे में पत्रकारों से बात करते हुए 5 माउंटेन डिवीजन के जनरल-ऑफिसर-कमांडिंग मेजर जनरल जुबिन ए मिनवाला ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में सिविल गवर्नमेंट और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और दोनों द्वारा बुनियादी ढांचे के विकास पर जबरदस्त जोर दिया गया है.

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    नई दिल्ली. गुवाहाटी को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तवांग से जोड़ने वाली एक नई एक्सिस अगले दो वर्षों में अरुणाचल प्रदेश में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास के हिस्से के रूप में आने वाली है.  योजना के संदर्भ में वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने News18.com को बताया कि नया रास्ता न केवल सीमा संपर्क को बढ़ावा देगा और सैनिकों को तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने में मदद भी करेगा. साथ ही यह मिलिट्री लॉजिस्टिक सेटअप को मजबूत करेगा. यह वेस्टर्न एक्सिस जो लगभग 180 किलोमीटर लंबी होगी, कलाकतांग से होकर गुजरेगी और शेरगांव को रूपा और आगे तवांग से जोड़ेगी. तवांग जिला उत्तर में तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र और दक्षिण-पश्चिम में भूटान के साथ सीमा साझा करता है. यह मौजूदा बालीपारा-चारदुआर-तवांग (बीसीटी) एक्सिस के लिए वैकल्पिक रास्ता होगा और इसके समानांतर चलेगा.

    प्रस्तावित मार्ग सेला दर्रे को बायपास करेगा और कम ऊंचाई और कम आबादी वाले क्षेत्रों से होकर जाएगा. वर्तमान में गुवाहाटी को तवांग से जोड़ने वाली दूसरी एक्सिस बीसीटी एक्सिस के अलावा ओरंग-कलकतांग-शेरगांव-रूपा-तवांग है. वेस्टर्न एक्सिस इस इलाके में बड़े ढांचागत विकास का हिस्सा है. पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ गतिरोध के बीच LAC पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई है. ऐसे में भारत ने सड़कों, पुलों और आवास सहित अपनी सीमा के बुनियादी ढांचे में काफी सुधार किया है.

    बुनियादी ढांचे के विकास पर जबरदस्त जोर
    क्षेत्र में सैन्य तैयारियों के बारे में पत्रकारों से बात करते हुए 5 माउंटेन डिवीजन के जनरल-ऑफिसर-कमांडिंग मेजर जनरल जुबिन ए मिनवाला ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में सिविल गवर्नमेंट और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और दोनों द्वारा बुनियादी ढांचे के विकास पर जबरदस्त जोर दिया गया है. 5 माउंटेन डिवीजन क्षेत्र में तैनात दो डिवीजनों में से एक है. यह भूटान के पश्चिम में एलएसी के पास संवेदनशील बुम ला की देखभाल करता है. उन्होंने कहा, ‘हम तकनीकी के माध्यम से अधिक पारदर्शिता पैदा कर रहे हैं. हम पूरी स्थिति के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए तकनीकी का उपयोग कर रहे हैं.’

    एलएसी पर आर्टिफिसिअल इंटेलिजेंस के साथ सर्विलांस के कई उपकरण तैनात हैं जिनका इस्तेमाल दुश्मन सैनिकों की चेहरे की पहचान और खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के लिए भी किया जाता है. इसके अलावा इजरायली हेरॉन का एक सेट एलएसी पर दिन-रात निगरानी कर रहा है. इस साल की शुरुआत में असम के मिसामारी में एक आर्मी एविएशन ब्रिगेड की स्थापना की गई थी. इसके पास  एएलएच रूद्र और एएलएच ध्रुव है.

    (यह पूरी खबर आप अंग्रेजी में पढ़ सकते हैं – LAC Dispatch: New Guwahati-Tawang Axis to Come Up in 2 Years; Surveillance Tech in Focus)

    Tags: China, India

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