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'कांग्रेस मुक्‍त' नेहरू मेमोरियल सोसाइटी के नए सदस्‍य ने कहा - देश को पहले पीएम की विरासत से जल्‍द पीछा छुड़ा लेना चाहिए

News18Hindi
Updated: November 7, 2019, 7:09 PM IST
'कांग्रेस मुक्‍त' नेहरू मेमोरियल सोसाइटी के नए सदस्‍य ने कहा - देश को पहले पीएम की विरासत से जल्‍द पीछा छुड़ा लेना चाहिए
एनएमएमएल एक स्‍वायत्‍त संस्‍था है और केंद्रीय संस्‍कृति मंत्रालय के अधीन है. इसकी स्‍थापना दिल्‍ली के तीन मूर्ति भवन में 1966 में की गई थी.

पूर्व पत्रकार राम बहादुर राय (Ram Bahadur Rai) ने News18 से कहा कि नेहरू की विरासत (Nehruvian Legacy) पर खुलकर बहस की जा सकती है. देश जितनी जल्‍दी इस विरासत से पीछा छुड़ाएगा, उतना बेहतर होगा. साथ ही कहा कि नेहरू म्‍यूजियम मेमोरियल एंड लाइब्रेरी (NMML) सोसाइटी 10 जनपथ की जागीर नहीं है.

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  • Last Updated: November 7, 2019, 7:09 PM IST
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इरम आगा

नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार (Central Government) के नेहरू म्‍यूजियम एंड लाइब्रेरी (NMML) सोसाइटी से कांग्रेस (Congress) के सभी वरिष्‍ठ नेताओं को हटाने के फैसले पर हुए विवाद के बीच नए सदस्‍य राम बहादुर राय (Ram bahadur Rai) ने देश के पहले प्रधानमंत्री (First PM) की विरासत पर ही सवाल खड़े कर दिए. पूर्व पत्रकार राय इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स बोर्ड के अध्‍यक्ष भी हैं. वह 70 के दशक में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में शामिल हुए और जेपी आंदोलन (JP Movement) में शामिल हुए.

राम बहादुर राय ने कहा, नेहरू की विरासत पर की जा सकती है बहस
राय ने News18 से कहा कि नेहरू की विरासत (Nehruvian Legacy) पर बहस की जा सकती है. देश जितनी जल्‍दी इससे पीछा छुड़ाए, उतना बेहतर होगा. बता दें कि केंद्र सरकार ने मंगलवार को एनएमएमएल सोसाइटी को फिर से गठित किया. केंद्र सरकार ने एनएमएमएल के पुनर्गठन (Reconstituted) में कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge), जयराम रमेश (Jairam Ramesh) व करन सिंह (Karan Singh) को हटाकर गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah), टीवी पत्रकार रजत शर्मा (Rajat Sharma) व सेंसर बोर्ड के चेयरमैन प्रसून जोशी (Prasoon Joshi) को बतौर सदस्‍य शामिल कर दिया है. साथ समिति के सदस्‍यों की संख्‍या 34 से घटाकर 28 कर दी है.

पिछला बोर्ड केंद्र सरकार के प्रस्‍तावों का लगातार कर रहा था विरोध
एनएमएमएल एक स्‍वायत्‍त संस्‍था है और केंद्रीय संस्‍कृति मंत्रालय के अधीन है. इसकी स्‍थापना दिल्‍ली के तीन मूर्ति भवन में 1966 में की गई थी. इसमें नेहरू के व्‍यक्तिगत दस्‍तावेजों (Personal Document) के साथ ही आजादी के आंदोलन (Freedom Movement) के दस्‍तावेज संरक्षित किए जाते हैं. कांग्रेस ने ऐसे समय बोर्ड को पुनर्गठित करने की आलोचना की है, जब सरकार ने संग्रहालय में बड़े पैमाने पर बदलाव करने की योजना बनाई है. पिछला बोर्ड सरकार के प्रस्‍तावों का लगातार विरोध करता रहा था. राय ने कहा कि सरकार को एनएमएमएल के पुनर्गठन का अधिकार है. एनएमएमएल 10 जनपथ की जागीर नहीं है. सरकार के कदम में प्रतिशोध की भावना के सवाल पर राय ने कहा कि एनएमएमएल में एक परिवार का राज था, लेकिन अब सोसाइटी में लोकतंत्र का राज है.

एनएमएमएल की शत-प्रतिशत फंडिंग केंद्र सरकार करती है. सरकार को सोसाइटी के पुनर्गठन का अधिकार है.

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'पीएम नरेंद्र मोदी 10 जनपथ को ध्‍यान में रखकर फैसले नहीं लेते'
राम बहादुर राय ने कहा कि देश की विविधता और एकता के बारे में सुनाई जाने वाली बहुत सी कहानियां हैं. अब ऐसा होने भी लगा है. देश से राजा, महाराजा वाली मानसिकता खत्‍म हुई है. हटाए गए सदस्‍यों के बाद एनएमएमएल 'कांग्रेस मुक्‍त' सोसाइटी बन गई है. इस पर राय ने कहा कि एनएमएमएल की शत-प्रतिशत फंडिंग केंद्र सरकार करती है. सरकार को सोसाइटी के पुनर्गठन का अधिकार है. राय ने कहा कि अब तक एनएमएमएल नेहरू की याद में बनाई गई एक संस्‍था थी. अब ये सभी प्रधानमंत्रियों से जुड़ी चीजों, दस्‍तावेजों को संरक्षित करेगी. अब यह एक राष्‍ट्रीय संग्रहालय (National Museum) में परिवर्तित होगा. पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को जो सही लगता है वही करते हैं. वह पिछले प्रधानमंत्रियों की तरह 10 जनपथ को ध्‍यान में रखकर फैसले नहीं लेते हैं.

संस्‍कृति मंत्रालय आवास मंत्रालय को अब तक चुकाता है किराया
राय ने बताया, 'एक बार मैंने पूर्व पीएम चंद्रशेखर (Former PM Chandra Shekhar) से उनकी गलतियों के बारे में पूछा तो उन्‍होंने कहा कि मैंने दो बड़ी गलतियां की थीं. पहली, मैंने सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को एनएमएमएल का अध्‍यक्ष बनाया. दूसरी, राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) के जोर देने पर टीएन शेषन (TN Seshan) को मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त (CEC) बनाया.' राय ने कहा, 'हमें यह समझना होगा कि अब एनएमएमएल का चरित्र बदल रहा है. नेहरू के निधन पर कैबिनेट ने कुछ करने का फैसला किया. उन्‍होंने एनएमएमएल बना दिया. तब एक समाजवादी नेता मोहन सिंह ने सवाल उठाया कि क्‍या उस जमीन का लैंड यूज बदला गया. इस पर पता चला कि लैंड यूज में बदलाव नहीं किया गया. संस्‍कृति मंत्रालय अब तक आवास मंत्रालय को उसका किराया चुकाता है.'

(राम बहादुर राय से बातचीत अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.)

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First published: November 7, 2019, 6:54 PM IST
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