नए संसद भवन में सांसदों के लिए भी होंगे अलग कार्यालय, लोकसभा अध्यक्ष ने की भवन निर्माण की समीक्षा

लोकसभा और राज्यसभा कक्षों के अलावा नए भवन में एक भव्य संविधान कक्ष होगा.
लोकसभा और राज्यसभा कक्षों के अलावा नए भवन में एक भव्य संविधान कक्ष होगा.

New Parliament building: नए भवन के निर्माण का कार्य दिसंबर 2020 में शुरू होगा और इसे अक्टूबर 2022 तक पूरा कर लिए जाने की संभावना है. लोक सभा अध्यक्ष ने ऐलान किया की नए संसद भवन का निर्माण (New Parliament building) समय से पूरा किए जाने और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने में कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 23, 2020, 8:40 PM IST
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नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Loksabha Speaker Om Birla) ने नए संसद भवन के निर्माण (New Parliament building) को लेकर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की.  नए भवन के निर्माण का कार्य दिसंबर 2020 में शुरू होगा और इसे अक्टूबर 2022 तक पूरा कर लिए जाने की संभावना है. लोक सभा अध्यक्ष ने ऐलान किया की नए संसद भवन का निर्माण (New Parliament building) समय से पूरा किए जाने और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने में कोई समझौता नहीं किया जाएगा. नए भवन में संसद सदस्यों के लिए अलग कार्यालय होंगे. सदस्यों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली अन्य सुविधाओं में कक्षों में प्रत्येक संसद सदस्य की सीट अधिक आरामदेह होगी और उसमें डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध होंगी जो पेपरलेस कार्यालय की दिशा में एक अग्रणी कदम होगा. नए भवन में संसद सदस्यों के लिए एक लाउंज, लाइब्रेरी, छह  समिति कक्ष और डाइनिंग (भोजन) कक्ष भी होंगे.
लोकसभा अध्यक्ष के निर्देश से यह निर्णय लिया गया कि नए भवन के निर्माण कार्य की निगरानी के लिए एक निगरानी समिति का गठन किया जाएगा. इस निगरानी समिति में अन्य व्यक्तियों के साथ-साथ लोक सभा सचिवालय, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय, के लो नि वि,  न दि न पा के अधिकारी और परियोजना के आर्किटेक्ट/ डिजाइनर भी शामिल होंगे.



इस बैठक में बिरला को नए भवन के निर्माण के लिए प्रस्तावित क्षेत्र से मौजूदा सुविधाओं और अन्य संरचनाओं को स्थानांतरित किए जाने के संबंध में की गई प्रगति की जानकारी दी गई. इस क्षेत्र के आसपास घेरा बनाने और निर्माण प्रक्रिया के दौरान वायु और ध्वनि प्रदूषण के नियंत्रण के लिए किए जाने वाले विभिन्न उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई.

शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारियों ने ओम बिरला को बताया कि नए भवन के निर्माण की अवधि के दौरान और विशेषकर संसद सत्र के दौरान अति विशिष्ट व्यक्ति और स्टाफ के आने-जाने की व्यवस्था कैसी होगी. मौजूदा संसद भवन में संसदीय समारोहों के आयोजन के लिए अधिक उपयोगी स्थान की व्यवस्था के लिए इसे उपयुक्त सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि नए भवन के साथ ही इस भवन का उपयोग भी सुनिश्चित हो सके.

लोकसभा और राज्यसभा कक्षों के अलावा नए भवन में एक भव्य संविधान कक्ष होगा, जिसमें भारत की लोकतांत्रिक विरासत दर्शाने के लिए अन्य वस्तुओं के साथ-साथ संविधान की मूल प्रति, डिजिटल डिस्पले आदि होंगे. आगंतुकों को इस हाल में जाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे संसदीय लोकतंत्र के रूप में भारत की यात्रा के बारे में जान सकें.




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