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नीली-पीली टीशर्ट में बढ़ी दाढ़ी के साथ सामने आई उमर अब्दुल्ला की नई तस्वीर, सोशल मीडिया पर वायरल

News18Hindi
Updated: March 5, 2020, 10:45 PM IST
नीली-पीली टीशर्ट में बढ़ी दाढ़ी के साथ सामने आई उमर अब्दुल्ला की नई तस्वीर, सोशल मीडिया पर वायरल
उमर अब्‍दुल्‍ला को हिरासत में लिए जाने पर सुनवाई हुई (फाइल फोटो)

तस्वीर में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री (Ex CM of Jammu-Kashmir) उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने टी-शर्ट और पैंट पहनी हुई है.

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  • Last Updated: March 5, 2020, 10:45 PM IST
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नई दिल्ली. उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) की नई तस्वीर सामने आई है. इस तस्वीर में जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्री (Ex CM) को बढ़ी हुई दाढ़ी में अपनी देख-रेख कर रहे डॉक्टर के साथ देखा जा सकता है. इस तस्वीर में उमर अब्दुल्ला बिल्कुल बदले हुए दिख रहे हैं. सोशल मीडिया (Social Media) पर उमर अब्दुल्ला की यह तस्वीर लगातार शेयर की जा रही है.

तस्वीर में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री (Ex CM of Jammu-Kashmir) उमर अब्दुल्ला ने टी-शर्ट और पैंट पहनी हुई है. बता दें कि पिछले महीने फरवरी में ही उनके ऊपर जम्मू कश्मीर जन सुरक्षा अधिनियम (Jammu Kashmir Public Saftey Act)  लगाकर उन्हें फिर से नजरबंद किए जाने का आदेश दिया गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने नजरबंदी को बताया था व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को कहा था कि वह अब्दुल्ला की बहन सारा अब्दुल्ला पायलट (Sarah Abdullah Pilot) द्वारा दायर उस अर्जी पर सुनवायी पांच मार्च को करेगा जिसमें उन्होंने अपने भाई उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) की जम्मू कश्मीर जन सुरक्षा अधिनियम (Jammu Kashmir Public Saftey Act) के तहत नजरबंदी को चुनौती दी थी. न्यायालय ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला बताया था.



उमर अब्दुल्ला की एक डॉक्टर के साथ तस्वीर वायरल हो रही है




सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक हो सकता है उमर अब्दुल्ला का आचरण
न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की एक पीठ ने कहा था, ‘‘मामला व्यक्तिगत स्वतंत्रता का है.’’ वहीं जम्मू कश्मीर प्रशासन (Jammu-Kashmir Administration) ने न्यायालय से कहा कि नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला के ‘पिछले आचरण’ को देखते हुये ही उन्हें जन सुरक्षा कानून के तहत नजरबंद किया गया है और अगर उन्हें रिहा किया गया तो इस आचरण को पुन: दोहराने की संभावना है जो सार्वजनिक व्यवस्था के लिये हानिकारक हो सकती है.

पीठ की यह टिप्पणी उस संक्षिप्त सुनवाई के अंत में आई जिस दौरान अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि याचिकाकर्ता को शीर्ष अदालत का रुख करने के बजाय पहले जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय (Jammu Kashmir High Court) का रुख करना चाहिए था.

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First published: March 5, 2020, 9:15 PM IST
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