मोदी सरकार की नई योजना, अब हाथ नहीं मशीनों से साफ होगा मैला

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Updated: August 19, 2019, 10:13 PM IST
मोदी सरकार की नई योजना, अब हाथ नहीं मशीनों से साफ होगा मैला
हाथ से मैला धोने या साफ करने की प्रथा को आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल के जरिये खत्म करने की सरकार की योजना है.

हाथ से मैला धोने या साफ करने की प्रथा को आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल के जरिये खत्म करने की सरकार की योजना है.

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(नीरज कुमार)


हाथ से मैला धोने या साफ करने की प्रथा को आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल के जरिये खत्म करने की सरकार की योजना है. दिल्ली में सफाई पर आयोजित एक कार्यक्रम में केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी और सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत ने कहा की आधुनिक यंत्रों के इस्तेमाल से हाथ से मैला धोने की प्रथा को खत्म किया जा सकता है.

मशीन खरीदने के लिये सरकार देगी लोन!

मशीनों की खरीद के लिये सरकार की तरफ से स्थानीय नगर निकायों को 4 प्रतिशत के रेट पर 15 साल के लिये लोन भी दिया जायेगा ताकी मशीनों की खरीद में स्थानीय निकायों को किसी तरह की समस्या न आये.

दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने कहा की आवश्यकता है की नगरी निकाय और पंचायत संस्थाएं आधुनिक यंत्रों का इस्तेमाल करें और हाथ से मैला धोने की प्रथा को खत्म किया जाये. सरकार की योजना में स्थानीय निकाय के अधिकारियों पर कार्रवाई भी शामिल है. एक रिपोर्ट के मुताबिक सीवर और सेप्टिक टैंक साफ करने के दौरान 2019 के पहले 6 महीने में 50 लोगों की मौत हो गई.

दिल्ली में सफाई करने वाली मशीनों की प्रदर्शनी
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दिल्ली में सीवर, सेप्टिक टैंक और हर तरह की सफाई करने वाली मशीनों की प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसके इस्तेमाल से हाथ से मैला साफ करने की प्रथा को खत्म किया जा सकेगा. सीवर को साफ करने वाली Jetting मशीन बनाने वाली कम्पनी के बिजनेस हेड विजय धवन ने बताया की Jetting मशीन का इस्तेमाल से हाथ की जगह पाइप के जरिये पानी के प्रेशर का इस्तेमाल कर सीवर साफ करते हैं. जितनी भी मशीन हैं उससे हाथ से मैला धोने या साफ करने की प्रथा में कमी आयेगी, बस workforce को प्रशिक्षित करने की ज़रूरत है.

कानून पारित होने के 25 साल बाद भी हाथ से मैला धोने की प्रथा कायम
गौर करने वाली बात है की 1993 में हाथ से मैला धोने की प्रथा को खत्म करने के लिये कानून पारित हुआ, लेकिन अब भी ये प्रथा जारी है. दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित स्वच्छता पर एक कार्यक्रम में शहरी विकास मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा की कानूनी तौर पर 25 साल पहले प्रतिबंध लगाया जा चुका है मैला धोने की प्रथा को, लेकिन अब भी ये जारी है और पूरी सफलता तभी पाई जा सकेगी जब सफाई कर्मचारी को प्रशिक्षित कर, लोन देकर और यांत्रिक तरीके से सफाई करके साधन उपलब्ध कराया जाए.

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First published: August 19, 2019, 10:13 PM IST
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