कोरोना काल के बाद पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल में आएगी कमी: स्टडी

कोरोना काल के बाद लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने से कतराएंगे. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
कोरोना काल के बाद लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने से कतराएंगे. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

टेरी (TERI) में रिसर्च एसोसिएट प्रोमित मुखर्जी का कहना है कि लोगों की सोच में इस बदलाव की सबसे बड़ी सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) में संक्रमण का हाई रिस्क परसेप्शन है. सार्वजनिक परिवहन में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को लेकर लोगों के बीच अभी एक भय का वातावरण है.

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नई दिल्ली. एक नई स्टडी (New Study) के मुताबिक कोरोना काल (Post Covid-19 Period) के बाद लोग सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) से सफर करना कम पसंद करेंगे. द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टिट्यूट (TERI) द्वारा देश के 51 शहरों में 7 से 26 अप्रैल के बीच किए गए सर्वे में ये बात निकल कर सामने आई है. स्टडी के दौरान 35 फीसदी लोगों ने कहा कि वो कोविड-19 का वक्त बीत जाने के बाद सार्वजनिक परिवहन की बजाए अन्य विकल्पों का इस्तेमाल करेंगे.

लोगों ने क्या दिया जवाब
इस सर्वे के दौरान 36 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वो कोरोना आउटब्रेक के पहले तक मेट्रो में सफर किया करते थे लेकिन एक बार इस संकट का अंत हो जाने पर वो प्राइवेट टैक्सी या फिर अपने ही वाहनों का प्रयोग करेंगे. वहीं बसों में सफर करने वाले 41 प्रतिशत लोगों का भी कहना है कि वो सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल नहीं करेंगे.

लोगों के भीतर बैठा भय
टेरी में रिसर्च एसोसिएट प्रोमित मुखर्जी का कहना है कि लोगों की सोच में इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह सार्वजनिक परिवहन में संक्रमण का हाई रिस्क परसेप्शन है. सार्वजनिक परिवहन में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को लेकर लोगों के बीच अभी एक भय का वातावरण है. स्टडी के दौरान लोगों ने ये भी कहा है कि वो सार्वजनिक परिवहन की जगह शेयरिंग टैक्सी का इस्तेमाल करेंगे.



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कई तरह से लोगों का बदलेगा व्यवहार
गौरतलब है कि दुनिया में कई स्टडी में ये कहा जा चुका है कोविड-19 महामारी लोगों की जिंदगी को लंबे समय के लिए बदल कर रख देगी. वैश्विक स्तर पर लोगों के व्यवहार में परिवर्तन की बातें कही गई हैं. स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों और मनोवैज्ञानिकों के साथ ही कारोबारी जगत के लोगों का मानना है कि कोरोना वायरस जाते-जाते लोगों की आवाजाही, खाने-पीने, घूमने-फिरने, सामाजिक मेलजोल, सोचने के तरीकों, कारोबार के माध्‍यमों, घरों के डिजाइन, सुरक्षा का स्तर, निगरानी और कामकाज के तरीकों में स्‍थायी तौर पर बदलाव कर देगा.
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