बाबा का ढाबा स्टोरी में नया मोड़, यूट्यूबर गौरव वासन ने बुजुर्ग दंपति को अब किया माफ

पहले चोरी का आरोप लगाने के बाद कांता प्रसाद ने अब वासन से माफी मांग ली है. (फोटो: Twitter/@gauravwasan08)

Baba Ka Dhaba: यूट्यूबर गौरव वासन (Gaurav Vasan) ने ही मुश्किल हालात में घिरे बाबा का ढाबा के मालिक कांता प्रसाद का वीडियो सोशल मीडिया पर दिखाया था, जिसके बाद उन्हें देश भर से लोगों ने आर्थिक मदद की. हालांकि इसके बाद कांता प्रसाद ने वासन पर चोरी का आरोप लगाया था.

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    नई दिल्ली. बाबा का ढाबा एक बार फिर सुर्खियों में है. ढाबे के मालिक कांता प्रसाद द्वारा लगाए चोरी के आरोपों का सामना करने वाले यूट्यूबर गौरव वासन (Gaurav Wasan) में बुजुर्ग को माफ कर दिया है. उन्होंने एक ट्वीट के जरिए इस बात की जानकारी दी. कहा जा रहा है कि नए कारोबार में नुकसान के बाद ढाबा के मालिक कांता प्रसाद (Kanta Prasad) एक बार फिर 'सड़क' पर आ गए हैं. रेस्टोरेंट बंद होने के बाद उन्होंने फिर सड़क किनारे ढाबा शुरू किया है.

    वासन ने ट्वीट किया, 'अंत भला तो सब भला. गलती करने से बड़ा गलती माफ करने वाला होता है (मेरे मां-बाप ने यही सीख दी है).' खास बात है कि वह शख्स वासन ही थे, जिन्होंने मुश्किल आर्थिक हालात का सामना करने रहे बुजुर्ग दंपति की सोशल मीडिया के जरिए मदद की थी. रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके बाद प्रसाद की मदद के लिए कई लोग आगे आए थे. हालांकि कुछ समय बाद कांता प्रसाद ने वासन पर चोरी करने का आरोप लगाया था.

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    हालांकि, पहले चोरी का आरोप लगाने के बाद उन्होंने अब वासन से माफी मांग ली है. हाल ही में एक वीडियो के जरिए उन्होंने कहा, 'गौरव वासन चोर नहीं था. हमने उसे कभी भी चोर नहीं कहा.' उस दौरान वासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था. साथ ही उन्होंने अपने बचाव में बैंक के स्टेटमेंट्स भी सामने रखे थे. बीते साल दिसंबर में 80 वर्षीय प्रसाद ने दिल्ली के मालवीय नगर में एक नए रेस्टोरेंट की शुरुआत की थी. उन्होंने इसका नाम भी 'बाबा का ढाबा' रखा था और यह उनके स्टॉल से कुछ मिनटों की दूरी पर ही था.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, बाबा ने कहा, 'खाने की नई जगह 15 फरवरी को बंद करनी पड़ी. इसे चलाने में एक लाख रुपये का खर्च आ रहा था और हमें 36 हजार रुपये कर्मचारियों को देना पड़ते थे और किराया 35 हजार रुपये महीना था. इसमें बिजली, पानी का बिल आदि खर्चे भी थे. निवेश की तुलना में रिटर्न कम मिला, तो इसे बंद करना जरूरी था, क्योंकि हमें नुकसान हो रहा था.'

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