बेंगलुरु 'बिस्तर घोटाले' में नया मोड़, अब तेजस्वी सूर्या ने वॉर रूम से माफी मांगी

तेजस्वी सूर्या अपने संसदीय क्षेत्र बेंगलुरु पश्चिम स्थित बीबीएमपी के वॉर रूम पहुंचे.

तेजस्वी सूर्या अपने संसदीय क्षेत्र बेंगलुरु पश्चिम स्थित बीबीएमपी के वॉर रूम पहुंचे.

Bengaluru Bed Scam: सूर्या ने दो दिन पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि बिस्तर आवंटन (Bed Allotment) को लेकर घोटाला हो रहा है और पिछले 10 दिन में फर्जी नामों से कम से कम 4,065 बिस्तरों को 'ब्लॉक' किया गया है.

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(दीपा बालकृष्णन)

बेंगलुरु. कर्नाटक (Karnataka) की राजधानी बेंगलुरु में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले बढ़ते जा रहे हैं और इस बीच बेंगलुरु पश्चिम के सांसद तेजस्वी सूर्या (Tejasvi Surya) तब चर्चा के केंद्र में आ गए जब उन्होंने बेंगलुरु ब्रुहत महानगर पालिका (BBMP) की बिस्तर आवंटन मुहिम को सांप्रदायिक रंग दिया. हालांकि अब सूर्या इस मामले पर माफी मांगते नज़र आ रहे हैं, जिसके लिए वह गुरुवार को बीबीएमपी के दक्षिण वॉर रूम पहुंचे.

दरअसल हुआ यूं कि दो दिन पहले सूर्या, अपने संसदीय क्षेत्र बेंगलुरु पश्चिम स्थित बीबीएमपी के वॉर रूम पहुंचे और वहां उन्होंने एक वीडियो बनाया. उनके साथ चार और विधायक थे जो वॉर रूम में मौजूद 16 मुस्लिम कर्मचारियों के नाम पढ़ते हैं, वहीं एक अन्य विधायक यह कहते हुए पाये जाते हैं कि यह हेल्पलाइन है या मदरसा.

दावा किया गया कि वॉर रूम के ये 16 सदस्य, बिस्तर आवंटन घोटाले में लिप्त हैं, लेकिन तथ्यों की जांच करने पर पाया गया कि इन 16 में से सिर्फ एक ही शख्स बिस्तर आवंटन टीम का सदस्य है और वह भी हाल ही में अस्थायी रूप से पिछले हफ्ते ही टीम में शामिल हुआ है क्योंकि एक अन्य कर्मचारी को किसी इमरजेंसी के चलते छुट्टी पर जाना पड़ा. बाकी 15 में से ज्यादातर युवा हैं और कोरोना वायरस से जुड़े अन्य काम मसलन सूचकांक बनाना, होम आइसोलेशन की निगरानी और क्वारंटाइन पूरा कर चुके मरीजों को डिस्चार्ज करने वाली टीम के सदस्य हैं.
अब इस मसले पर सूर्या ने माफी मांगी है. बीबीएमपी के अफरा-तफरी वाले वार रूम के लिए स्टाफ का चयन और उन्हें काम सौंपने वाली कंपनी क्रिस्टल इन्फोसिस्टम्स एंड सर्विसिज़ के प्रोजेक्ट मैनेजर शिवु नाइक बताते हैं, ‘मेरे कर्मचारियों ने मुझे बताया कि सूर्या वॉर रूम में आए थे और उन्होंने कहा, मेरे मन में आप लोगों के खिलाफ कुछ नहीं है. अगर उस दिन मेरे आने से किसी समुदाय को चोट पहुंची है तो माफी चाहता हूं. मैं तो बस बिस्तर आवंटन घोटाले की जांच चाहता था, लेकिन अगर मेरी किसी बात से किसी को बुरा लगा तो माफी चाहता हूं.’

नाइक ने यह भी साफ किया कि ये 16 लोग, उन 212 सदस्यों वाली टीम का हिस्सा है जिन्हें बीबीएमपी में अलग अलग काम सौंपा गया है और उन्हें निशाना बनाने की कोई वजह नहीं है.

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नाइक ने न्यूज़ 18 को बताया, 'इन आरोपों के चलते हमने उन 16 लोगों को वॉर रूम के कामकाज से फिलहाल दूर रखा है लेकिन मैंने उन्हें भरोसा दिया है कि जैसे ही पुलिस जांच पूरी होती है, उन्हें इस काम या दूसरे किसी प्रोजेक्ट में दोबारा नियुक्त कर दिया जाएगा. हालांकि इस तरह किसी राजनेता के अचानक आने और मामले के राजनीतिकरण को लेकर हमारा बाकी का स्टाफ काफी परेशान और डरा हुआ है. कई तो काम ही नहीं कर रहे जिसकी वजह से कोविड से जुड़ी व्यवस्था पर पिछले दो दिन से असर पड़ रहा है. हमने आश्वस्त किया है कि जो निर्दोष हैं, उन्हें डरने की जरूरत नहीं है. शायद काम पर प्रभाव पड़ रहा था इसलिए सूर्या दोबारा आए, हालांकि साफ तौर पर नहीं कह सकते कि वह यहां दोबारा क्यों आए.'

सूर्या ने दो दिन पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि बिस्तर आवंटन को लेकर घोटाला हो रहा है और पिछले 10 दिन में फर्जी नामों से कम से कम 4,065 बिस्तरों को 'ब्लॉक' किया गया है. सूर्या ने बीबीएमपी अधिकारियों और निजी अस्पताल के एजेंटों के बीच सांठ-गांठ का आरोप लगाया. क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बीबीएमपी के आठ ज़ोन के तमाम वॉर रूम पर छापा मारकर आंकड़ों की जांच के बाद चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है.


दक्षिण ज़ोन का स्टाफ चिंतित है क्योंकि इनमें से कुछ से पुलिस ने पूछताछ की है और सोशल मीडिया पर इन 16 सदस्यों को ‘आतंकवादी’ कहा जा रहा है. स्टाफ परेशान है कि आने वाले वक्त में कहीं उन्हें भी हिरासत में न ले लिया जाए. हालांकि बीबीएमपी के आला अधिकारी, कर्मचारियों को आश्वास्त कर रहे हैं कि घबराने की बात नहीं है.

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