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कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए उपराज्यपाल ने लॉन्च की नई वेबसाइट, अब तक आई 745 शिकायत

कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए उपराज्यपाल ने लॉन्च की नई वेबसाइट, अब तक आई 745 शिकायत

कश्मीरी पंडितों के लिए वेबसाइट लॉन्च के दौरान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा

कश्मीरी पंडितों के लिए वेबसाइट लॉन्च के दौरान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा

जम्मू और कश्मीर (Jammu Kashmir) के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) कश्मीरी पंडितों (Kashmiri Pandit) के लिए एक वेबसाइट लॉन्च की.

  • News18Hindi
  • Last Updated :

    श्रीनगर. जम्मू और कश्मीर (Jammu Kashmir) के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) मंगलवार को कश्मीरी पंडितों (Kashmiri Pandit) के लिए वेबसाइट लॉन्च की. उद्घाटन के बाद उपराज्यपाल ने बताया ‘पोर्टल का औपचारिक शुभारंभ आज हो गया है. हालांकि हमने इसे 2 हफ्ते पहले एक वेब लिंक के जरिए शुरू किया था. हमें अब तक 745 शिकायतें मिली हैं.’

    इस ऑनलाइन पोर्टल की मदद से विस्थापित कश्मीरी पंडित अचल और सामुदायिक संपत्ति से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं. इस वेबसाइट पर आवेदन के बाद एक यूनिक आईडी मिलेगी. इसके बाद शिकायत संबंधित जिला मजिस्ट्रेट को चली जाएगी जहां से कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होगी. साथ ही बताया गया है कि इस संबंध में किसी जानकारी के लिए राहत और पुनर्वास आयुक्त कार्यालय 0191-2586218 और 0191-2585458 पर संपर्क कर सकते हैं. बता दें केंद्र और राज्य सरकार, राज्य में कश्मीरी विस्थापितों की वापसी को लेकर लगातार प्रयासरत हैं.

    हाल ही में सिन्हा ने घाटी में वापसी करने के इच्छुक कश्मीरी पंडित परिवारों के लिए रजिस्ट्रेशन को जरूरी बताया और उचित निर्देश जारी किए. ऐसे में देश और विदेश में बसे कश्मीरी विस्थापित राहत और पुनर्वास विभाग में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी कर सकते हैं.

    98000 से अधिक कश्मीरी प्रवासियों को जारी किया गया आवास प्रमाण पत्र
    गौरतलब है कि जून के आखिर तक 98,600 कश्मीरी प्रवासियों को आवास प्रमाणपत्र दिया गया है. अधिकारियों ने बताया था कि कश्मीरी पंडितों को 90,430 आवास प्रमाण पत्र जारी किए गए. जबकि विस्थापित कश्मीरियों के 2340 परिवारों को नए प्रवासी के तौर पर पंजीकृत किया गया. उनमें 8,170 व्यक्तियों को आवास प्रमाणपत्र दिया गया.

    अधिकारियों के अनुसार, इसी प्रकार, जम्मू-कश्मीर के बाहर रह रहे पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के विस्थापित व्यक्तियों (पीओजेके) के 2988 परिवारों का भी पंजीकरण किया गया एवं उन्हें आवास प्रमाणपत्र जारी किया गया. विस्थापित कश्मीरी पंडितों और पीओजेके के व्यक्तियों को नागरिकता प्रमाणपत्र जारी करने एवं उनके नए पंजीकरण की प्रक्रिया का निरीक्षण एवं निगरानी कर रहे राहत एवं पुनर्वास आयुक्त टीके भट ने बताया कि यह प्रक्रिया पिछले साल जुलाई में शुरू हुई थी.

    मतदाता सूची की जा रही है अपडेट
    किसी भी कश्मीरी पंडित या ऐसे विस्थापित व्यक्ति, जो आजादी से पहले कश्मीर से चले गये थे और उनके पास 1944 के वक्त या उसके बाद जम्मू-कश्मीर में अचल संपत्ति होने का कोई भी सबूत है, वह इस केंद्र शासित प्रदेश में आवास/नागरिकता का हकदार है. पिछले साल 16 मई को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कश्मीरी प्रवासियों एवं विस्थापित लोगों के लिए नया पंजीकरण खोलकर ऐतिहासिक निर्णय लिया एवं इस केंद्रशासित प्रदेश से चले गये पात्र लोगों के समावेशन का मार्ग प्रशस्त किया.

    उधर आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर कश्मीरी पंडितों की वोटर लिस्ट भी सही की जा रही है. जिन वोटर्स के आई कार्ड में फोटो नहीं है या लिस्ट में नाम नहीं है या गलत नाम लिखा गया है, उन्हें संशोधित करने और जोड़ने का काम चल रहा है. इसके लिए घाटी के जिलों में डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर्स के निर्देश पर टीमें शिविरों का दौरा कर वोटर लिस्ट को दुरुस्त कर रही हैं.

    Tags: Jammu kashmir, Kashmir news, Kashmiri Pandits, Manoj Sinha

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