गृह मंत्री अमित शाह के उत्तर बंगाल के धुआंधार प्रचार में साथ न्यूज़18 इंडिया

अप्रैल 12 और 13 को उत्तरी बंगाल में अमित शाह ने ताबड़ तोड़ रैलीयां की और उन तमाम जगहों पर न्यूज़18 उनके साथ था.

अप्रैल 12 और 13 को उत्तरी बंगाल में अमित शाह ने ताबड़ तोड़ रैलीयां की और उन तमाम जगहों पर न्यूज़18 उनके साथ था.

West Bengal Assembly Elections: अमित शाह ने दार्जीलिंग से सांसद राजु बिषटा को वादा किया था कि वो वहां की तीनों विधानसभा सीटों पर प्रचार करने आएंगे. उन्होंने वादा निभाया और कालिम्पोंग और सिलीगुड़ी में रोड शो किया और दार्जीलिंग में एक विशाल रैली. सिलीगुड़ी से निकल कर अमित शाह का काफिला सड़क मार्ग से दार्जिलिंग पहुंचा.

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  • Last Updated: April 14, 2021, 7:40 PM IST
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दृश्य 1- सिलीगुड़ी में अमित शाह का रोड शो. एक 10 साल का बच्चा we love amit shah हाथों में लेकर घंटो से इंतज़ार कर रहा था. रोड शो में मानो पूरा शहर उमड़ पड़ा था. लेकिन चुनावी रथ पर सवार अमित शाह की नजर उस पर पड़ ही गयी. रथ से उतर पड़े. बच्चे के कान पकड़े. तस्वीर खिंचाई और फिर काफिला आगे बढ़ा.

दृश्य2- दार्जिलिंग का स्टेडियम भर था. गोरखा परिवार भी अमित शाह का भाषण सुनने के लिए आये थे. यहां के सांसद ने बताया कि गृह मंत्री खुद दार्जीलिंग में रुके थे और गुरखा लोगों की पसंदीदा दाल, सब्जी और चावल खायी तो लोगो का शोर मानो पूरे शहर में पहुंच रहा था. फिर पूरे स्टेडियम में बीजेपी के थीम सॉंग पर लोगों ने डांस किया वो नजारा अविस्मरणीय रहेगा

दृश्य3- इस्लामपुर बंगाल और बिहार की सीमा से लगा इलाका है. 13 अप्रैल के रोड शो मव मानो पूरा शहर सड़क पर था. अमित शाह ने अपने रथ से देखा कि गोद मे छोटा बच्चा लिए एक महिला सिक्योरिटी द्वारा लगाई गई रस्सियों को धक्का देकर उनके रथ तक आने की कोशिश कर रही है और साथ ही एक पैकेट भी उन्हें दिखा रही है. अमित शाह ने वो पोटली ले ली. खोल कर देखा तो उसमें उनके लिए एक राखी थी.

अप्रैल 12 और 13 को उत्तरी बंगाल में अमित शाह ने ताबड़ तोड़ रैलीयां की और उन तमाम जगहों पर न्यूज़18 उनके साथ था. मैंने ये तीन दृश्य इस लिए बताए क्योंकि बंगाल में इतना स्वागत अमित शाह के लिए भावुक क्षण था. रोड शो के बाद उन्होंने बताया कि इसी इस्लामपुर में जब वो 2017 के चुनाव प्रचार के लिए आये थे तब मंच पर सिर्फ़ उम्मीदवार था और सामने 300 लोग. डर इतना था कि बीजेपी के झंडे तले कोई दिखना नही चाहता था. अमित शाह ने बताया कि वो एक कुर्सी लेकर उन्ही लोगो के बीच बैठ गए और कहा कि इसी छोटी सेना से वो युद्ध की शुरुआत कर रहे है औऱ अगले चुनाव में पूरा समाज साथ होगा और जीत उनकी होगी. भीड़ देख कर तो उन्हें यकीन है कि उनका सपना पूरा होगा.
अमित शाह ने नामशूद्र, राजवंशी, मतुआ और तमाम पिछड़े समाज के लोगों को वादा किया कि बीजेपी की सरकार बनते ही सभी योजनाओं का लाभ उन्हें मिलने लगेगा.


12 अप्रैल को दिन की शुरुआत कालिम्पोंग के रोड शो से हुई. यहां भी अपार जन समर्थन मिला. सिलीगुरी के रोड शो ने तो मानो शहर का माहौल बदल दिया था. अमित शाह ने नामशूद्र, राजवंशी, मतुआ और तमाम पिछड़े समाज के लोगों को वादा किया कि बीजेपी की सरकार बनते ही सभी योजनाओं का लाभ उन्हें मिलने लगेगा. उन्होंने सिलीगुड़ी में एक अंतर्राष्टीय हवाई अड्डा राष्टीय राजमार्ग और एम्स बनाने का ऐलान भी कर दिया.अमित शाह जानते हैं कि उत्तरी बंगाल के जिलों को बंगाल की अब तक कि सरकारों ने पूरी तरह नजरअंदाज किया है. इसी का असर है कि उन्हें उत्तरी बंगाल में अपार जनसमर्थन मिल रहा है.

अमित शाह ने दार्जीलिंग से सांसद राजु बिषटा को वादा किया था कि वो वहां की तीनों विधानसभा सीटों पर प्रचार करने आएंगे. उन्होंने वादा निभाया और कालिम्पोंग और सिलीगुड़ी में रोड शो किया और दार्जीलिंग में एक विशाल रैली. सिलीगुड़ी से निकल कर अमित शाह का काफिला सड़क मार्ग से दार्जिलिंग पहुंचा. रात के भोजन में भी अमित शाह ने गोरखा खाने की फरमाइश रखी थी. इस शुद्ध शाकाहारी भोजन का स्वाद तो शायद मैं भी नही भूलूंगा. संसद राजु बिष्ट ने बताया कि इस इलाके में जीतने के बाद सांसद और विधायक नजर नही आते थे वहां गृह मन्त्री खुद रात्रि प्रवास कर रहे है तो इससे बेहतर संदेश गुरखा समाज को नही जा सकता था.



पहला पुरा दिन यात्रा में निकला. ऊपर से अमीर शाह ने दो रैलीयां और दो रोड शो भी किये. 13 अप्रैल की सुबह जब पहाड़ के घुमावदार रास्तो से गुजर रहे रहे थे तब उन्होंने मुस्कुराते हुए बताया कि उन्हें घूमना अच्छा लगता है. लेकिन 13 वर्ष की आयु में कार्यकर्ता बन जाने के बाद घूमने का मौका तो नही मिला लेकिन पार्टी के लिए पूरे देश की खाक छान ली है. न्यूज़18 से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का नाम और काम के साथ साथ कार्यकर्ताओं की मेहनत और कुर्बानी ही है जो बीजेपी को इतने थोड़े समय मे जीत की दहलीज पर ला खडा किया है. अमित शाह कहते हैं कि उत्तरी बंगाल, जंगलमहल जैसे कई इलाकों में बीजेपी स्वीप करने वाली है और आंकड़ा 200 पर ही रहेगा.

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13 अप्रैल को भी अमित शाह थमे नही. 2 रैलीयां और 1 रोड शो उत्तर बेंगाल मैं और 3 सभाएं कोलकाता में की. कोलकाता में तो अमित शाह ने नुक्कड सभाओं की शुरुआत की है. एक मध्यवर्ग की सोसाइटी में जाकर शाह वहां के लोगों से मिले और बीजेपी के पक्ष में वोट देने की अपील भी की. 2 टाउन हॉल बैठकों को संबोधित किया. अमित शाह ऐसी बैठकों में बेबाक बातें करते है और लोगो को रोज मर्रा के जीवन से जुड़ी बातें सुन कर ख़ूब हंसाते भी है. अब बीजेपी कोलकाता के भद्रलोक को लुभाने के लिए ऐसी छोटी छोटी सभाओं में लग गयी है.

अमित शाह जानते है कोलकाता से बाहर की सीटों को जीतना बीजेपी के लिए अब मुश्किल नही लेकिन यहां की बड़ी सीटों पर लड़ाई बाकी है और इस लिए कोलकाता की हर गली और सड़क पर उतरने की योजना बना चुकी है बीजेपी. जिसमे खुद अमित शाह भी शामिल रहेंगे. कुल मिला कर हमने इतना ही पाया कि संगठन को दुरुस्त रखने और पार्टी को हर चुनाव में जीत दिलाने का जुनून गृह मंत्री अमित शाह को है.

(न्यूज 18 इंडिया पॉलिटिकल एडिटर अमिताभ सिन्हा ने उत्तर बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम को नजदीक से देखा)
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