#News18OperationHathras: स्टिंग ऑपरेशन में सामने आए हाथरस केस के अनछुए पहलू, पढ़ें 10 बड़े खुलासे

न्यूज़18 के स्टिंग में हाथरस केस में बड़ा खुलासा हुआ है (File Photo)
न्यूज़18 के स्टिंग में हाथरस केस में बड़ा खुलासा हुआ है (File Photo)

#News18OperationHathras: हाथरस केस में चल रहे विवाद के बीच न्यूज़18 इंडिया ने एक स्टिंग ऑपरेशन कर इस केस से जुड़े उन लोगों से बातचीत की जिन्होंने सबसे पहले इस केस को हैंडल किया था. पढ़ें स्टिंग में हुए 10 बड़े खुलासे...

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  • Last Updated: October 7, 2020, 10:04 PM IST
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नई दिल्ली/हाथरस. उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में 19 साल की एक दलित लड़की के साथ हुए कथित गैंगरेप और उसकी मौत के बाद आधी रात को हुए अंतिम संस्कार को लेकर न्यूज18 के स्टिंग ऑपरेशन में अहम खुलासे हुए हैं. News18 इंडिया की टीम 'ऑपरेशन हाथरस' (#News18OperationHathras) के तहत खुफिया कैमरों के साथ इस मामले को लेकर किए जा रहे झूठे दावों और फर्जी खबरों के पीछे छिपे सच को जानने के लिए हाथरस पहुंची. इस ऑपरेशन में न्यूज18 ने उस लोगों से मामले का सच जानने की कोशिश की जिन्हें सबसे पहले इस केस के बारे में जानकारी मिली थी. न्यूज18 की टीम ने हाथसर के निलंबित एसओ दिनेश वर्मा, लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (Loacal Intelligence Unit) के अफसर विवेक वार्ष्णेय (Vivek Varshney) और सीओ रामशब्द यादव से एक स्टिंग ऑपरेशन में कई सवाल पूछे जिसपर उन्होंने खुलकर जवाब दिया.

न्यूज18 ने हाथरस के निलंबित एसओ से पीड़िता का शव रात में जलाने को लेकर भी सवाल पूछे जिसमें दिनेश वर्मा ने बताया कि उनके पास एलआईयू की रिपोर्ट थी, जिसमें अंदेशा था कि पीड़िता का परिवार और समाज के तमाम लोग शव को सड़क पर रखकर हंगामा कर सकते थे. वर्मा के मुताबिक, वो लोग उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मौके पर बुलाने की मांग करने वाले थे. मामला और बिगड़ न जाए, हिंसा न भड़के इसलिए प्रशासन को मजबूरी में पीड़िता के अंतिम संस्कार का फैसला करना पड़ा. पढ़ें स्टिंग ऑपरेशन में सामने आईं 10 बड़ी बातें..
14 तारीख को जो शिकायत की गई जिसमें कहा गया था कि संदीप ने जान से मारने के इरादे से पीड़िता का गला दबाया. सबसे पहले एफआईआर सिर्फ एक आरोपी संदीप के खिलाफ जान से मारने की कोशिश के आरोप के लिए दर्ज की गई थी. : निलंबित SO दिनेश वर्मा
ये गैंगरेप का केस नहीं है पहली शिकायत में न तो पीड़िता ने, न ही उसकी मां ने और न ही भाई ने बलात्कार की बात कही थी. उन्होंने कहा कि रेप की बात बाद में कही गई, यह सिर्फ धारा 307 का मामला है. : निलंबित SO दिनेश वर्मा
एलआईयू की रिपोर्ट के मुताबिक परिवार लड़की का शव रखकर सीएम योगी आदित्यनाथ को बुलाने की मांग करने वाले थे इसलिए लड़की का शव रात को ही जलाना पड़ा. : निलंबित SO दिनेश वर्मा
एसओ दिनेश वर्मा ने कहा कि उन्होंने पीड़िता से बात की थी और वह खुलकर मामले पर बात कर रही थी तब तक जीभ काटने की बात सामने नहीं आई थी.
शव को रात में जलाने का मामला लॉ एंड ऑर्डर का था. ये बात सही थी कि अगर रात में अंतयेष्टि न होती तो अगले दिन कानून व्यवस्था को लेकर काफी दिक्कत हो जाती.: लोकल इंटेलिजेंस यूनिट के अफसर विवेक वार्ष्णेय
मुआवजे का ही सारा खेल है. उन्होंने कहा कि घटना के हिसाब से अलग मुआवजे होते हैं, रेप की घटना का अलग और 307 का अलग.: लोकल इंटेलिजेंस यूनिट के अफसर विवेक वार्ष्णेय
भीम आर्मी वालों ने इन्हें (पीड़िता के परिवार को) टेकओवर कर लिया है. शुरुआत में जो भी गेम किया वो भीम आर्मी के चलते हुआ, कांग्रेस इसमें बाद में इन्वॉल्व हुई. : लोकल इंटेलिजेंस यूनिट के अफसर विवेक वार्ष्णेय
ये राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है. कांग्रेस के लोग बहुत दिन से इसकी तलाश में थे और चांस की बात हैं उन्हें ये मौका हमारे जिले में मिल गया. भीम आर्मी कांग्रेस की बी टीम है वह उन्हीं के इशारे पर काम कर रही है. : लोकल इंटेलिजेंस यूनिट के अफसर विवेक वार्ष्णेय
ये ऑनर किलिंग हो सकती है. हो सकता है लड़की के भाई को लड़का लड़की साथ में मिल गए हों. लड़का वहां से भाग गया हो इसलिए कम पिटा हो और लड़की हाथ लग गई हो तो ज्यादा पिट गई हो, बाद में इन्होंने एफआईआर करा दी हो.: लोकल इंटेलिजेंस यूनिट के अफसर विवेक वार्ष्णेय
लड़की के भाई ने एफआईआर कराई थी कि जिसमें उसने अपनी बहन से मारपीट की बात कही थी. 22 तारीख को पता नहीं कैसे गैंगरेप की बात आ गई. 19 तारीख को मैंने खुद जाकर पीड़िता का बयान लिया, उस समय भी उसने सिर्फ संदीप का नाम लिया कि संदीप ने दुपट्टे से गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की है.: निलंबित सीओ रामशब्द यादव
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