#News18OperationHathras: स्टिंग में खुलासा: पीड़िता ने 14 और 19 तारीख के बयान में नहीं कही रेप की बात

हाथरस गैंगरेप मामले में न्याय की मांग करते प्रदर्शनकारी लोग
हाथरस गैंगरेप मामले में न्याय की मांग करते प्रदर्शनकारी लोग

#News18OperationHathras के तहत News18 की टीम खुफिया कैमरों के साथ इस मामले को लेकर किए जा रहे झूठे दावों और फर्जी खबरों के पीछे छिपे सच को जानने के लिए हाथरस पहुंची. न्यूज18 ने इस घटना से जुड़े उन लोगों से बातचीत की जिन्होंने सबसे पहले इस मामले को हैंडल किया था.

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  • Last Updated: October 7, 2020, 10:04 PM IST
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नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में 19 साल की एक दलित लड़की के साथ हुए कथित गैंगरेप और उसकी मौत के बाद आधी रात को हुए अंतिम संस्कार को लेकर लगातार विवाद बना हुआ है. News18 इंडिया ने आज शाम 4.45 से 'ऑपरेशन हाथरस' (#News18OperationHathras) के तहत हाथरस मामले पर स्पेशल कवरेज की. #News18OperationHathras के तहत News18 की टीम खुफिया कैमरों के साथ इस मामले को लेकर किए जा रहे झूठे दावों और फर्जी खबरों के पीछे छिपे सच को जानने के लिए हाथरस पहुंची, जिससे ये पता चल सके कि पीड़िता के साथ आखिर क्या हुआ था? न्यूज18 ने इस घटना से जुड़े उन लोगों से बातचीत की जिन्होंने सबसे पहले इस मामले को हैंडल किया था.

निलंबित एसओ दिनेश वर्मा ने कहा कि 14 तारीख के बयान में उनसे कुछ कहा नहीं बस ये कहा था कि संदीप ने मारा और गला दबा कर बाजरे के खेत में फेंक दिया. 19 तारीख के बयान में उसने कहा कि संदीप ने मेरे साथ जबरदस्ती की और दुपट्टे से गला दबाकर फेंक दिया.

न्यूज18 इंडिया ने इन खुलासों की पहली कड़ी में हाथरस के इंस्पेक्टर से बात की थी जिन्होंने सबसे पहले इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी. फिलहाल निलंबित एसओ दिनेश वर्मा ने कहा कि सबसे पहले एफआईआर सिर्फ एक आरोपी संदीप के खिलाफ दर्ज की गई थी. वर्मा ने कहा कि उन्हें इसलिए निलंबित किया गया क्योंकि वह इस मामले को दबा नहीं पाए. 14 तारीख को जो शिकायत की गई जिसमें कहा गया था कि संदीप ने जान से मारने के इरादे से पीड़िता का गला दबाया.



एसओ दिनेश वर्मा ने कहा कि उन्होंने पीड़िता से बात की थी और वह खुलकर मामले पर बात कर रही थी तब तक जीभ काटने की बात सामने नहीं आई थी. एसओ वर्मा ने कहा कि आरोपी संदीप से पूरा गांव परेशान था इसलिए किसी ने भी उसकी गिरफ्तारी का कोई विरोध नहीं किया.

वहीं इस केस को लेकर निलंबित सीओ रामशब्द यादव ने कहा कि लड़की के भाई ने एफआईआर कराई थी कि जिसमें उसने अपनी बहन से मारपीट की बात कही थी. यादव ने कहा कि 22 तारीख को पता नहीं कैसे गैंगरेप की बात आ गई. यादव ने कहा कि 19 तारीख को उन्होंने खुद जाकर पीड़िता का बयान लिया, उस समय भी उसने सिर्फ संदीप का नाम लिया कि संदीप ने दुपट्टे से गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की है. रामशब्द ने दावा किया कि जैसा पीड़ित परिवार ने कहा वैसा ही किया.
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