News18 Chaupal: कपिल सिब्‍बल ने कहा - सुप्रीम कोर्ट तय करेगा, CAA 2019 संवैधानिक है या नहीं

News18 Chaupal: कपिल सिब्‍बल ने कहा - सुप्रीम कोर्ट तय करेगा, CAA 2019 संवैधानिक है या नहीं
न्‍यूज18 इंडिया के कार्यक्रम चौपाल में कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता कपिल सिब्‍बल ने कहा, देश कानून के हिसाब से चलेगा न कि किसी के चुनाव घोषणापत्र के हिसाब से. कानून को संविधान के नजरिये से ही देखा जाएगा.

न्‍यूज18 इंडिया के कार्यक्रम चौपाल (News18 Chaupal) में कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता कपिल सिब्‍बल (Kapil Sibal) ने कहा कि हम इलेक्‍शन में हारे हैं. ये हमें स्‍वीकार है. हमारे पास नंबर कम हैं. वहीं, सं‍शोधित नागरिकता कानून 2019 (CAA 2019) के खिलाफ प्रदर्शनों में हिंसा (Violence) के सवाल पर कहा कि कपड़ों से लोगों की पहचान करने वाली लीडरशिप मैंने पहली बार देखी है. सिब्‍बल रैपिड फायर के दौरान कई बार बौखला उठे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 18, 2019, 7:46 PM IST
  • Share this:
  • fb
  • twitter
  • linkedin
नई दिल्‍ली. कांग्रेस (Congress) के वरिष्‍ठ नेता कपिल सिब्‍बल (Kapil Sibal) ने न्‍यूज18 इंडिया के कार्यक्रम चौपाल (News18 Chaupal) में कहा कि हम चुनाव हारे हैं ये हमें स्‍वीकार है. हमारे नंबर कम हैं और वो अपने बहुमत से कोई भी कानून पारित करा सकते हैं. इसका मतलब ये तो नहीं कि वो संवैधानिक (Constitutional) है. मेरे कहने से असंवैधानिक भी नहीं हो सकता. ये तो सुप्रीम कोर्ट ही तय करेगा कि ये कानून संवैधानिक है या नहीं. जब उनसे कहा गया कि ये उनके चुनाव घोषणापत्र (Manifesto) में भी था तो सिब्‍बल ने कहा कि अगर कोई मेनिफेस्टो में लिख देगा कि चुनाव जीतने के बाद सभी मुस्लिमों (Muslims) को देश से बाहर निकाल देंगे तो क्या ऐसा होने देंगे.

'कपड़ों से लोगों की पहचान करने वाली लीडरशिप कभी नहीं देखी'
संशोधित नागरिकता कानून 2019 (CAA 2019) के खिलाफ प्रदर्शनों में हिंसा के सवाल पर कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का नाम लिए बिना कहा कि कपड़े से लोगों की पहचान करने वाली लीडरशिप मैंने आज तक नहीं देखी. सुबह उठते ही पाकिस्तान-पाकिस्तान करने लग जाते हैं. हिंसा कौन करा रहा है? हम पागल हैं जो हिंसा कराएंगे. वहीं, किसी भी चीज को मैनिफेस्टो में लिखने से क्या होता है. कानून को संविधान के नजरिए से देखा जाएगा. 2014 के बाद इनकी प्राथमिकता क्या रही. कभी लव जेहाद, कभी घरवापसी, कभी एनआरसी, फिर नागरिकता कानून, फिर एनआरसी, फिर यूनिफार्म सिविल कोड लाएंगे.



जनता को थोड़ा वक्‍त लगा, अब इनके लक्ष्‍य समझने लगे हैं लोग
दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 2020 (Delhi Assembly Election 2020) पर कपिल सिब्‍बल ने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) कांग्रेस के बिना सरकार नहीं बना पाएगी. हम उनके साथ जाएंगे या नहीं, ये हम तय करेंगे. दिल्ली में हमारे बिना सरकार नहीं बनेगी. दिल्‍ली में हमारी पार्टी अच्छी सीटें जीतेगी. बीजेपी (BJP) के लोगों को अपनी बात समझाने में सफल होने पर उन्‍होंने कहा कि अगर जनता इनकी बात मान चुकी थी तो महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में क्‍या हुआ. हरियाणा (Haryana) में इनकी हार क्‍यों हो गई. जनता को समझने में थोड़ा वक्‍त लगता है. अब जनता इनके लक्ष्‍यों को समझने लगी है. देश कानून के हिसाब से चलेगा न कि किसी के चुनाव घोषणापत्र के हिसाब से. कानून को संविधान के नजरिये से ही देखा जाएगा.

इनकी प्राथमिकता देश नहीं, देश का माहौल खराब करना है
विपक्ष (Oppostion) के कमजोर होने के कारण देश को नुकसान की बात पर कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता ने कहा कि न तो विपक्ष कमजोर है और न ही जनता. जनता समझ चुकी है. मैं किसी भी मुद्दे पर बीजेपी के किसी भी नेता को बहस की चुनौती देता हूं. राजनीति में हार-जीत चलती रहती है. पहले 10 साल हमने राज किया. तब जनता ने हमारी बात मान ली. अब इनकी बात मान ली. इसमें बवाल क्या खड़ा करना. राजनीति में हार-जीत चलती रहती है, लेकिन ये ध्यान रखना चाहिए कि हम जनता के लिए क्या करें. लक्ष्य ये होना चाहिए कि देश किधर जा रहा है. प्याज 200 रुपये किलो, दूध के दाम तीन बार बढ़े. इनकी प्राथमिकता देश नहीं, माहौल खराब करना है.

राम मंदिर पर फैसले में हमने देरी नहीं कराई, कोर्ट की प्राथमिकता में ही नहीं था
राम मंदिर पर कांग्रेस की ओर से फैसला लटकाने की कोशिश के आरोप पर कपिल सिब्‍बल ने कहा कि राम मंदिर (Ram Mandir) पर फैसला टालने की बात मैंने ठीक कही थी. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) खुद सुनना नहीं चाहता था. कोर्ट ने कहा कि ये मामला हमारी प्राथमिकता में नहीं है. ये बात सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में कही थी. कोर्ट की बात कोई नहीं करता. मैंने क्या कहा, उस पर बात करने लगते हैं. इस समय इन सब बातों के बजाय देश के लिए जरूरी भविष्‍य की बातों पर चर्चा की जानी चाहिए. देश में उद्यमी डरा हुआ है. अर्थव्‍यवस्‍था डांवाडोल हो चुकी है. लोगों के पास नौकरी नहीं है. ये असली मुद्दे हैं. इन पर चर्चा की जाए. इस बीच रैपिड फायर के दौरान सिब्‍बल कई बार बौखला गए.

ये भी पढ़ें:-

News18 Chaupal: नकवी ने कहा- अफवाहों से अमन को अगवा करने की हो रही है कोशिश

गडकरी ने कहा, कुछ पार्टियों ने 50 साल में मुस्लिमों को सिर्फ चार धंधे दिए

रंजीत रंजन बोलीं- संविधान की धज्जियां उड़ा रहा केंद्र, सुधांशु ने दिया ये जवाब
First published: December 18, 2019, 6:45 PM IST
अगली ख़बर

फोटो

corona virus btn
corona virus btn
Loading