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News18RisingIndia: पुलवामा अटैक पर रामदेव- पाकिस्तान को युद्ध से शुद्ध करो

रामदेव ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को पाकिस्तान को दंड देने के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए.
रामदेव ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को पाकिस्तान को दंड देने के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए.

रामदेव ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को पाकिस्तान को दंड देने के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 25, 2019, 6:37 PM IST
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News18RisingIndia कार्यक्रम में सोमवार को गीतकार प्रसून जोशी के साथ सदगुरु और योगगुरु बाबा रामदेव मौजूद रहे. रामदेव ने पुलवामा हमले पर स्पष्ट कहा कि अब वक़्त है कि अहिंसा के नाम पर कायरता छोड़ कर योगपूर्वक युद्ध करना चाहिए. रामदेव ने आगे कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को पाकिस्तान को दंड देने के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए. रामदेव ने पाकिस्तानी पीएम इमरान खान को पाकिस्तानी सेना के हाथों की कठपुतली करार दिया. सदगुरु ने इस बारे में कहा कि वे लोग वही कर रहे हैं जो उनका एजेंडा है और हमें सोचना होगा कि उनसे निपटने के लिए हमें क्या करना है.

उन्‍होंने आगे कहा कि कितने ही सालों से सिर्फ इस बात के लिए खून बह रहा है कि आखिर हमारा इंटरनेश्नल बॉर्डर है कहां? मैं चाहता हूं कि अब इस बारे में फैसला हो जाना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि हमें चुनना होगा कि इस देश को आगे कैसे चलाया जाना है और हमारी सीमाएं कहां तक होंगी.

कार्यक्रम में प्रसून के सवाल के जवाब में रामदेव ने कहा कि योग आम लोगों की जिंदगी से इसलिए दूर हो गया क्योंकि ख़ास लोगों ने माना कि उन्हीं का हर किसी चीज़ पर अधिकार है. रामदेव ने कहा कि मैं ब्राह्मण नहीं ब्राह्मणवाद के खिलाफ हूं, और चाहता हूं कि सभी को विकास का समान अवसर मिलना चाहिए. रामदेव ने कहा कि भारत की भूमि पर धर्म और अध्यात्म को एक ही माना गया है लेकिन विदेश में रिलीजन और स्प्रिचुअलिटी को अलग अलग कर दिया गया. भारत में नहीं बस विदेशी लोगों की नज़रों में ये अलग है. बाइबिल और कुरआन का कोई क्रिटिसिज्म नहीं करता लेकिन यहां योग और वेदों कि आलोचना फैशन बन गया है.



प्रसून के योग और भोग से जुड़े एक सवाल के जवाब में रामदेव ने कहा कि जो भी इस दुनिया में दिखाई देने वाली चीज़ है वो भोग है लेकिन ख़ुशी, दुःख जैसी फीलिंग्स जो दिखाई नहीं देती वो योग है. भोग बुरी चीज़ नहीं है लेकिन वो योग के मुताबिक ही करना चाहिए. हमारे पूर्वजों ने बड़े-बड़े साम्राज्य स्थापित किए हैं और हम इसलिए ही विश्वगुरु थे. भारतीयों ने हमेशा समृद्धि के ही गीत गाए और दुनिया को भी यही संदेश दिया. हमारे यहां ऐश्वर्य या धन-दौलत को लेकर कभी विरोध नहीं रहा. रामदेव ने कहा कि मैंने योग को सरल और साइंटिफिक बनाकर लोगों तक पहुंचाया.
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