देश भर में 1 करोड़ से अधिक जरुरतमंदों को भोजन वितरित करेगा NGO

दिल्ली के एनजीओ सीड्स ने एक करोड़ लोगों को खाना देने की बात कही है (सांकेतिक फोटो, फोटो- शांतनु डेविड, News18)
दिल्ली के एनजीओ सीड्स ने एक करोड़ लोगों को खाना देने की बात कही है (सांकेतिक फोटो, फोटो- शांतनु डेविड, News18)

एनजीओ (NGO) ने एक बयान में कहा कि संगठन वितरण (distribution) के पहले चरण में देश के पांच शहरों (five city) में 37 लाख भोजन किट (food kits) वितरित करेगा. इस पहल (initiative) का उद्देश्य नौ शहरों में अतिरिक्त एक करोड़ से अधिक भोजन किट वितरित (distribute) करना है.

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  • Last Updated: October 4, 2020, 6:26 PM IST
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नई दिल्ली. भारत के नौ शहरों में कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) से प्रभावित हुए 1.7 करोड़ लोगों को एक गैर सरकारी संगठन (Non Government Organisation) द्वारा भोजन वितरित किया जाएगा. दिल्ली के एनजीओ (Delhi's NGO),‘सस्टेनेबल एनवायरनमेंट एंड इकोलॉजिकल डेवलपमेंट सोसाइटी’ (SEEDS- सीड्स) हनीवेल के साथ साझेदारी में दिहाड़ी मजदूर (Daily Wagers), प्रवासी श्रमिक (Migrant Workers) सहित लॉकडाउन (Lockdown) के कारण प्रभावित हुए गरीब और कमजोर समुदायों (Poor and Vulnerable Communities) को भोजन किट (Food Kit) वितरित करेगी.

एनजीओ (NGO) ने एक बयान में कहा कि संगठन वितरण (distribution) के पहले चरण में देश के पांच शहरों (five city) में 37 लाख भोजन किट (food kits) वितरित करेगा. इस पहल (initiative) का उद्देश्य नौ शहरों में अतिरिक्त एक करोड़ से अधिक भोजन किट वितरित (distribute) करना है. इन शहरों में दिल्ली (Delhi), गुरुग्राम (Gurugram), बेंगलुरु (Bengaluru), पुणे (Pune), मदुरै (Madurai), हरिद्वार (Haridwar), देहरादून (Dehradun), चेन्नई (Chennai) और हैदराबाद (Hyderabad) शामिल हैं.

लॉकडाउन में विस्थापित और प्रभावित लोगों की मदद करने अब लोग सामने नहीं आ रहे: NGO
एनजीओ के अनुसार, लॉकडाउन में विस्थापित और प्रभावित लोगों की मदद करने अब लोग सामने नहीं आ रहे हैं क्योंकि देश में लॉकडाउन खुल गया है. हालांकि, वड़ी संख्या में रोजगार जाने के कारण आबादी का एक बड़ा हिस्सा अब भी प्रभावित है.
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सीड्स के सह-संस्थापक मानु गुप्ता ने कहा,‘‘हम किसी भी संकट के दौरान आबादी के सबसे कमजोर एक प्रतिशत लोगों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हालांकि देश अभी भी खुल रहा है लेकिन लोग अब भी प्रभावित हैं. हम उनकी मदद तब तक करेंगे जब तक यह संकट खत्म नहीं हो जाता.”
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