24 दिन के लिए पटाखे बैन करने को लेकर NGT ने फैसला किया सुरक्षित, राज्यों से मांगा जवाब

एनजीटी  ने 18 राज्यों को भेजा नोटिस(File)
एनजीटी ने 18 राज्यों को भेजा नोटिस(File)

गौरतलब रहे कि एनजीटी में चार राज्यों में पटाखे (Firecrackers) बैन करने संबंधी याचिका दाखिल हुई थी. लेकिन बाद में एनजीटी ने अपनी सुनवाई में 14 और राज्यों को शामिल किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 5, 2020, 7:54 PM IST
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नई दिल्ली. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में आज दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) समेत 18 राज्यों में पटाखे बैन करने को लेकर सुनवाई हुई. इस सुनवाई के बाद एनजीटी ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है. इसके साथ ही एनजीटी ने सभी राज्यों से इस पर शुक्रवार शाम 4 बजे तक जवाब मांगा है. दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने भी इस मामले पर कल तक का वक्त मांगा है. साथ ही कहा है कि आज होने वाली रिव्यू मीटिंग की रिपोर्ट भी एनजीटी में रखेंगे.

इन राज्यों को लेकर एनजीटी में हो रही है सुनवाई
मंगलवार को एनजीटी ने याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली, यूपी, राजस्थान और हरियाणा को अगली सुनवाई के लिए नोटिस जारी किए थे. लेकिन अब इस सुनवाई में 14 और राज्य शामिल किए हैं जहां हवा की गुणवत्ता कमतर है. यह राज्य हैं, आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल. अब 5 नवंबर को होने वाली सुनवाई में यह राज्य भी अपना पक्ष रखेंगे.

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ओडिशा और राजस्थान में बैन हो चुके हैं पटाखे
वायु प्रदूषण के हालात को देखते हुए कई राज्यों में पटाखे बैन करने की मांग उठी है. इसी के चलते ओडिशा और राजस्थान की सरकारें पहले ही पटाखों की खरीद-फरोख्त पर पाबंदी लगाने को लेकर अधिसूचना जारी कर चुकी हैं. इतना ही नहीं ग्रीन पटाखों को छोड़कर दिल्ली सरकार भी सामान्य पटाखों पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा चुकी हैं. वायु प्रदूषण फैलाने पर केंद्र सरकार ने भी बड़े जुर्माने और सजा की बात कही है.
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