Air Pollution: 8 पॉइंट में जानिए दिवाली पर पटाखे जलाने को लेकर NGT ने क्या कहा?

एनजीटी का यह आदेश चार राज्‍यों में फैले दो दर्जन से भी ज्‍यादा जिलों पर लागू होगा जो एनसीआर का हिस्‍सा हैं.
एनजीटी का यह आदेश चार राज्‍यों में फैले दो दर्जन से भी ज्‍यादा जिलों पर लागू होगा जो एनसीआर का हिस्‍सा हैं.

एनजीटी (National Green Tribunal) ने दिल्ली एनसीआर में आज आधी रात से 30 नवंबर तक के लिए सभी पटाखों की बिक्री (Ban on Firecrackers) और पटाखे फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. NGT का ये आदेश कुल 14 जिलों में लागू होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 9, 2020, 8:42 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई राज्यों में हवा की गुणवत्ता (AQI) खराब हो रही है. आज नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को सभी स्रोतों से होने वाले वायु प्रदूषण (Air Pollution) को नियंत्रण में करने के लिए पहल शुरू करने का निर्देश दिया है. एनजीटी ने दिल्ली एनसीआर में आज आधी रात से 30 नवंबर तक के लिए सभी पटाखों की बिक्री (Ban on Firecrackers) और पटाखे फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. हालांकि, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने पहले ही पटाखों पर बैन का ऐलान कर दिया था. दिल्ली के अलावा हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और ओडिशा में पहले ही दिवाली पर आतिशबाजी करने पर बैन लगाया जा चुका है.



आइए जानते हैं दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए क्या है एनजीटी का आदेश:-
NGT के मुताबिक, पटाखों की बिक्री उन शहरों/कस्‍बों में भी प्रतिबंधित रहेगी जहां पिछले साल नवंबर में औसत एयर क्‍वालिटी 'खराब' या उससे बुरी थी. दिल्‍ली-एनसीआर में 9 नवंबर की आधी रात से 30 नवंबर तक पटाखों की बिक्री और इस्‍तेमाल पर पाबंदी है. दिल्‍ली की हवा फिलहाल 'गंभीर' श्रेणी में है और पटाखों के चलते इसके और खराब होने का पूरा अंदेशा है.
एनजीटी का यह आदेश चार राज्‍यों में फैले दो दर्जन से भी ज्‍यादा जिलों पर लागू होगा जो एनसीआर का हिस्‍सा हैं. एनसीआर में यूपी के 8 जिले आते हैं. एनजीटी के आदेश के मुताबिक यूपी के गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और शामली में पटाखों पर बैन रहेगा.
एनजीटी का यह आदेश राजस्थान के अलवर और भरतपुर जिले में सीधे-सीधे लागू होगा, क्योंकि ये दोनों एनसीआर के दायरे में आते हैं. यहां भी 30 नंवबर तक आतिशबाजी और पटाखे जलाने पर बैन रहेगा.
एनजीटी ने डेटा पॉइंट नवंबर 2019 रखा है. ऐसे में पिछले साल AQI का डेटा देखने के बाद ही तय होगा कि बाकी राज्यों में कहां-कहां पटाखों पर प्रतिबंध है. एनजीटी ने यह भी कहा है जिन राज्‍यों ने बैन लगा रखा है, वह जारी रहेगा.
एनजीटी ने वर्तमान में जिन शहरों/कस्‍बों की एयर क्‍वालिटी 'मॉडरेट' या उससे बेहतर है, वहां केवल ग्रीन पटाखे जलाने की छूट दी है. यह छूट भी केवल दो घंटे के लिए मिलेगी. और ये दो घंटे कौन से होंगे, यह राज्‍य सरकारें तय कर सकेंगी.
मॉडरेट एयर क्वालिटी वाले शहरों के लिए एनजीटी ने अपनी तरफ से भी टाइमिंग रखी है. ऐसे शहरों में दिवाली और गुरुपर्व पर रात 8 से 10 बजे तक, छठ पर सुबह 6 से 8 बजे तक और क्रिसमस, न्‍यू ईयर (अगर बैन जारी रहता है) पर रात 11.55 से 12.30 बजे तक पटाखे जलाए जा सकते हैं.
एनजीटी ने बाकी जगहों के लिए प्रतिबंध/सीमाएं तय करने का फैसला वहां के अधिकारियों पर छोड़ा है. हालांकि एनजीटी का कहना है कि अगर पहले से ही इससे सख्‍त प्रावधान लागू हैं तो वे जारी रहेंगे.
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