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बंगाल हिंसा पर एनएचआरसी की समिति ने कलकत्ता हाईकोर्ट को रिपोर्ट सौंपी

कलकत्ता उच्च न्यायालय. ( फाइल फोटो )

कलकत्ता उच्च न्यायालय. ( फाइल फोटो )

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अध्यक्ष द्वारा गठित समिति ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) में चुनाव के बाद हुई हिंसा में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के मामलों पर अपनी रिपोर्ट बुधवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय को सौंप दी. अदालत आगामी शुक्रवार को इस पर विचार करेगी. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ, पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा का आरोप लगाने वाली कई जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है.

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    कोलकाता.  राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अध्यक्ष द्वारा गठित समिति ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) में चुनाव के बाद हुई हिंसा में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के मामलों पर अपनी रिपोर्ट बुधवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय को सौंप दी है. अदालत आगामी शुक्रवार को इस पर विचार करेगी. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ, पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा का आरोप लगाने वाली कई जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. इस पीठ में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के अलावा न्यायमूर्ति आई पी मुखर्जी, न्यायमूर्ति हरीश टंडन, न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार शामिल हैं.

    पीठ ने निर्देश दिया था कि समिति सभी मामलों की जांच करेगी जिनकी शिकायतें पहले ही एनएचआरसी को मिल गयी हैं या मिल सकती हैं और ‘‘वह प्रभावित इलाकों का दौरा भी कर सकती है’’ और मौजूदा हालात के बारे में उसे एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की समिति ने सीलबंद लिफाफे में अदालत को रिपोर्ट सौंपी. पीठ इस मामले में अब दो जुलाई को सुनवाई करेगी. उच्च न्यायालय ने 18 जून को एनएचआरसी अध्यक्ष को समिति गठित करने के निर्देश दिए थे. समिति के सदस्यों को सॉल्ट लेक में मंगलवार तक लगातार तीन दिन शिकायतों का प्रतिवेदन मिला.

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    एक अधिकारी ने बताया कि राजीव जैन की अध्यक्षता वाली समिति और एनएचआरसी के कई दलों ने पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों का दौरा किया और शिकायतों की सच्चाई का पता लगाया.

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    हिंसा की जांच कर रही फैक्‍ट फाइंडिंग कमेटी ने रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपी
    पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच कर रही फैक्‍ट फाइंडिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है. इस रिपोर्ट में कमेटी ने साफ तौर पर कहा है कि बंगाल में रेप (Rape), हत्‍याएं (Murder) और आगजनी जैसी घटनाएं बड़े पैमाने पर हुई थीं. कमेटी के चेयरमैन सिक्किम हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस प्रमोद कोहली और पूर्व डीजीपी झारखंड निर्मल कौर ने कहा है कि चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में हिंसा हुई है. न्‍यूज18 से खास बातचीत में प्रमोद कोहली और निर्मल कौर ने कहा, 'हमने रिपोर्ट में 27 शिकायतों का ज़िक्र किया है.'

    कमेटी ने कहा, 'बंगाल में चुनाव के बाद बड़े पैमाने पर हत्याएं, घर जलाने, घरों को तोड़ने और रेप की घटनाएं हुई हैं.' उनका कहना है कि बंगाल में चुनाव के बाद लोकतंत्र खत्‍म होने जैसे हालात बन गए थे. रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभ चुनाव के बाद महिलाओं के साथ रेप किए गए. उनको इस दौरान धमकाया भी गया. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कमेटी ने ममता बनर्जी की सरकार को राज्‍य में हिंसा रोकने में विफल बताया है. कमेटी ने कुल 63 पन्‍नों की रिपोर्ट तैयार की है.

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