गंगा में लाशें मिलना शर्मनाक, केंद्र और यूपी-बिहार सरकार 4 हफ्तों में दें जवाब: NHRC

नदियों में शव बहाने की घटनाएं आईं सामने. (File pic)

नदियों में शव बहाने की घटनाएं आईं सामने. (File pic)

Dead Bodies in Ganga: गंगा नदी में बहाई गई लाशों के मामले पर राष्‍ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि नदी में शव बहाया जाना मानवाधिकार का हनन है.

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नई दिल्‍ली. उत्‍तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और बिहार (Bihar) के कई जिलों में गंगा (Ganga) नदी में मिल रही लाशों को लेकर हड़कंप मचा हुआ है. कहा जा रहा है कि ये सभी कोरोना संक्रमितों (Corona Positive) के शव हैं, जो गंगा नदी में बहाए गए हैं. ऐसे में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने गुरुवार को केंद्र के जल शक्ति मंत्रालय और यूपी व बिहार सरकार को नोटिस जारी करके गंगा नदी में पाई गई लाशों का ब्योरा मांगा है. आयोग ने पूछा है कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है और अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है?

आयोग की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि अगर वो लाशें कोरोना मरीजों की नहीं थीं तो भी इस तरह से नदी में लाशों का तैरना पूरे समाज के लिए शर्मनाक है. आयोग का कहना है कि संबंधित अधिकारी अपना काम करने में विफल रहे हैं, जिसकी वजह से ऐसा हुआ है. आयोग ने नोटिस में लिखा है कि 2016 के नियम के मुताबिक लाशों को गंगा नदी में नहीं बहाया जा सकता.


आयोग के मुताबिक लाशों का नदी में बहाया जाना उनके मानव अधिकार का हनन है. साथ ही ऐसा करने से उन सभी लोगों के जीवन पर असर पड़ा है जो रोजाना के काम के लिए गंगा नदी पर निर्भर करते हैं.

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