टेरर फंडिंग केस: हिजबुल मुजाहिदीन चीफ का बेटा 30 दिनों को न्यायिक हिरासत में

दिल्ली की एक विशेष एनआईए कोर्ट ने हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सलाहुद्दीन के बेटे शकील युसुफ को तीस दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा है.

News18Hindi
Updated: September 10, 2018, 6:49 PM IST
टेरर फंडिंग केस: हिजबुल मुजाहिदीन चीफ का बेटा 30 दिनों को न्यायिक हिरासत में
आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन का चीफ
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Updated: September 10, 2018, 6:49 PM IST
दिल्ली की एक विशेष एनआईए कोर्ट ने हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सलाहुद्दीन के बेटे शकील युसुफ को तीस दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा है. नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने 2011 के टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार किया था.

एजेंसी का आरोप है कि शकील 'भट के कई भारतीय संपर्कों में से एक था' जो पैसों के लेन-देन संबंधी कोड के लिए उसके साथ फोन पर संपर्क में रहता था. एनआईए द्वारा अप्रैल 2011 में दर्ज यह मामला दिल्ली के मार्फत हवाला माध्यमों से धन को पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर भेजे जाने से जुड़ा है. एजेंसी का मानना है कि इन पैसों का इस्तेमाल आतंकवाद के वित्तपोषण और अलगाववादी गतिविधियों के लिए किया गया.



कौन है सैयद सलाहुद्दीन?
सैयद सलाहुद्दीन का असली नाम सैयद मुहम्मद यूसूफ शाह है, लेकिन पाकिस्तानी खुफ़िया एजेंसी आईएसआई की सरपरस्ती में 11 नवंबर 1991 में आतंकी संगठन हिज्बुल-मुजाहिद्दीन का सरगना बनने के बाद इसने अपना नाम बदल कर सैयद सलाहुद्दीन रख लिया. हैरानी की बात यह है कि इस आतंकवादी का पूरा परिवार आज भी कश्मीर घाटी में ही रहता है.

सैय्यद सलाहुद्दीन एक कश्मीरी है, जो पाकिस्तान से मिली मदद के आधार पर भारत में आतंकी गतिविधियों को संचालित करता है. सलाहुद्दीन पिछले 27 साल से कश्मीर समेत पूरे भारत में आतंकी गतिविधियों को संचालित करता है और वह एनआईए के मोस्ट वांटेड लिस्ट में भी है.

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