NIA ने संदिग्ध आतंकी संगठन ISIK से जुड़े मामले में दो लोगों को किया गिरफ्तार

NIA ने संदिग्ध आतंकी संगठन ISIK से जुड़े मामले में दो लोगों को किया गिरफ्तार
एनआईए इस मामले की जांच कर रही है. (सांकेतिक तस्वीर)

एनआईए (NIA) की दिल्ली (Delhi) की एक टीम ने रविवार को पुणे (Pune) के कोंढवा (Kondhwa) और यरवदा (Yerwada) से संदिग्ध आतंकी संगठन ISIK से जुड़े एक मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 13, 2020, 12:22 AM IST
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पुणे. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) की दिल्ली (Delhi) की एक टीम ने रविवार को पुणे (Pune) के कोंढवा (Kondhwa) और यरवदा (Yerwada) से संदिग्ध आतंकी संगठन ISIK से जुड़े एक मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किये गए इन लोगों का नाम नबील सिद्दीकी खत्री और सादिया अनवर शेख बताया जा रहा है. इन दोनों को इस्लामिक स्टेट-खोरासन प्रांत (Islamic State - Khorasan Province) से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तारी के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया है. जांच एजेंसी आगे की जांच कर रही है और इनसे जुड़े और संदिग्धों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है.

वहीं एक दूसरे मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले में हिंसक जिहाद के तहत एक पुलिस अधिकारी की हत्या में शामिल रहने के आरोप में एक आईएसआईएस आतंकवादी सहित छह लोगों के खिलाफ शुक्रवार को आरोपपत्र दाखिल किया. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. आरोपपत्र अब्दुल शमीम (30), वाई तौफीक (27), खाजा मोहिदीन (53), जाफर अली (26), महबूब पाशा (48) और इजास पाशा (46) के खिलाफ दायर किए गए हैं. इनमें शमीम और तौफीक कन्याकुमारी के निवासी हैं जबकि मोहिदीन और अली तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले के हैं. वहीं महबूब पाशा और इजास पाशा बेंगलुरू के हैं.


आईएसआईएस के आतंकी सहित छह लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल
एक एनआईए प्रवक्ता ने बताया कि उन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून और हथियार कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि आरोपपत्र चेन्नई में एक विशेष एनआईए अदालत के समक्ष दायर किया गया. अधिकारी ने कहा कि विशेष उप-निरीक्षक (एसएसआई) विल्सन की शमीम और तौफीक ने आठ जनवरी को गोली और चाकू मारकर हत्या कर दी थी. उस समय विल्सन ड्यूटी पर थे. एनआईए अधिकारी ने बताया कि 15 जनवरी को हमलावरों की गिरफ्तारी के बाद यह पता चला कि उन्होंने पुलिस सहित लोगों के मन में आतंक पैदा करने के इरादे से इस अपराध को अंजाम दिया था और यह हिंसक जिहाद का हिस्सा था.



एनआईए ने एक फरवरी को यह मामला तमिलनाडु पुलिस से अपने हाथ में ले लिया. जांच के दौरान बड़ी साजिश में मोहिदीन, महबूब, इजास और जाफर की भूमिकाओं का खुलासा हुआ. उन्होंने बताया कि आईएसआईएस आतंकी समूह के सदस्य मोहिदीन ने मई 2019 से शमीम और तौफीक को जिहादी (हिंसक चरमपंथी) विचारधारा की ओर आकर्षित किया तथा उन्हें तमिलनाडु में विशेषकर पुलिस, के खिलाफ हमले करने के लिए अपने आतंकवादी गिरोह में भर्ती कर लिया था. उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2019 में, मोहिदीन ने महबूब, इजास और जाफर को अवैध हथियारों की खरीद करने का निर्देश दिया.
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