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    मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों की लिस्ट में NIA ने जोड़ दिया था कारोबारी का नाम, कोर्ट की फटकार के बाद हटाया

    झारखंड के व्यवसायी का नाम एनआईए ने आतंकियों की लिस्ट में डाला था.
    झारखंड के व्यवसायी का नाम एनआईए ने आतंकियों की लिस्ट में डाला था.

    राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आधुनिक ग्रुप (Adhunik Group) के महेश अग्रवाल का नाम उस लिस्ट में डाल दिया था, जिसमें खतरनाक आतंकियों (Terrorist) का नाम डाला जाता है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 16, 2020, 9:44 AM IST
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    नई दिल्ली. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को हाल ही में उस समय शर्मिंदगी उठानी पड़ी जब एजेंसी को मोस्ट वांटेड (Most Wanted) की सूची में डाले गए एक व्यवसायी (Businessman) का नाम कोर्ट (Court) की फटकार के बाद हटाना पड़ा. बता दें कि एनआईए ने आधुनिक ग्रुप के महेश अग्रवाल का नाम उस लिस्ट में डाल दिया था, जिसमें खतरनाक आतंकियों का नाम डाला जाता है. बता दें कि आधुनिक ग्रुप कोयले और स्टील प्लांट से जुड़ा हुआ है.

    बता दें कि​ व्यवसायी महेश अग्रवाल की कंपनी हर साल हजारों करोड़ का कारोबार करती है लेकिन पिछले 9 महीनों से उनका नाम एनआईए की वेबसाइट पर मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों की उस लिस्ट में शामिल था, जिसमें आमतौर पर लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज मोहम्मद सईद, हिजबुल मुजाहिदीन नेता सैयद सलाहुद्दीन और कई स्थानीय आतंकियों का नाम रखा गया है.





    एजेंसी को पिछले महीने झारखंड उच्च न्यायालय के उस फैसले के बाद अग्रवाल का नाम वेबसाइट से हटाना पड़ा, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि उनके खिलाफ कोई भी कठोर कार्रवाई नहीं की जा सकती है. बता दें कि अग्रवाल पावर एंड नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड (APNRL) के प्रबंध निदेशक, महेश अग्रवाल झारखंड में एक कोयला आधारित ट्रांसमिशन पावर यूनिट चलाते हैं. एनआईए ने इनके खिलाफ 10 जनवरी को चार्जशीट दायर की थी और आरोप लगाया था कि अग्रवाल कथित रूप से माओवादी समूह को गलत तरीके से फंड मुहैया कराते हैं.
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    बता दें कि पिछली सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में एनआईए को इस मामले में कड़ी फटकार लगाई थी. चीफ जस्टिस ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि आश्चर्य है कि जब अदालत में मुकदमा चल रहा है उस वक्त किसी को अंतरराष्ट्रीय अपराधी बता दिया जाए. यह पूरी तरह से गलत है.
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