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भारत में दाखिल होने की कोशिश में JMB, NIA ने शेयर की 125 संदिग्धों की लिस्ट

भारत में दाखिल होने की कोशिश में JMB, NIA ने शेयर की 125 संदिग्धों की लिस्ट

एनआईए के पास 125 संदिग्धों की लिस्ट भी है, जिनका लिंक जेएमबी से है.

एनआईए के पास 125 संदिग्धों की लिस्ट भी है, जिनका लिंक जेएमबी से है.

आतंकवाद विरोधी दस्तों (ATS) के प्रमुखों की एक बैठक को संबोधित करते हुए एनआईए प्रमुख वाईसी मोदी ने कहा कि जेएमबी ने झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल में बांग्लादेशी अप्रवासियों की आड़ में अपनी गतिविधियां शुरू कर दी हैं. एनआईए के पास 125 संदिग्धों की लिस्ट भी है, जिनका लिंक जेएमबी से है.

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    नई दिल्ली. जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) भारत में अपने पांव पसारने की कोशिश कर रहा है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के प्रमुख वायसी मोदी ने 125 संदिग्धों की सूची विभिन्न राज्यों के साथ शेयर करते हुए ये जानकारी दी है.

    आतंकवाद विरोधी दस्तों (ATS) के प्रमुखों की एक बैठक को संबोधित करते हुए एनआईए प्रमुख वाईसी मोदी ने कहा कि जेएमबी ने झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल में बांग्लादेशी अप्रवासियों की आड़ में अपनी गतिविधियां शुरू कर दी हैं. एनआईए के पास 125 संदिग्धों की लिस्ट भी है, जिनका लिंक जेएमबी से है.

    एनआईए के जनरल डायरेक्टर आलोक मित्तल ने कहा कि 2014 से 2018 के बीच जेएमबी ने बेंगलुरु में 20 से 22 ठिकाने बनाए. इसके जरिए इसने दक्षिण भारत में अपने पैर पसारने की कोशिश की. उन्होंने कहा, ‘जेएमबी ने कर्नाटक सीमा के पास कृष्णागिरी हिल्स में रॉकेट लॉन्चर्स की टेस्टिंग भी की है.



    मित्तल ने कहा कि म्यामां में रोहिंग्या मुस्लिमों की हालत के लिए प्रतिशोध स्वरूप जेएमबी बौद्ध मंदिरों पर भी हमला करना चाहता था. इस जानकारी के बाद सभी राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है.



    क्या है जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश?
    जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) एक इस्लामिक संगठन है, जो बांग्लादेश से संचालित होता है. यूनाइटेड किंगडम ने इसे टेरर ग्रुप की लिस्ट में डाल रखा है. अबुर रहमान ने ढाका डिवीजन के पालमपुर में अप्रैल 1998 में इसकी स्थापना की थी. साल 2001 में दिनाजपुर के पार्बतीपुर मे हुए बम धमाकों के बाद ये खबरों में आया.

    बांग्लादेश सरकार ने फरवरी 2005 में एक एनजीओ में अटैक के बाद इस संगठन को एक आतंकी संगठन घोषित किया और बैन कर दिया. लेकिन, उसी साल अगस्त में ये संगठन फिर से एक्टिव हुआ और कई इलाकों में छोटे-छोटे बम धमाके किए. कई लोगों की हत्याएं भी हुईं. इस संगठन को आईएसआईएस का समर्थन भी हासिल है. (PTI इनपुट के साथ)

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