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    आरोग्य सेतु ऐप किसने बनाया? RTI के जवाब पर सूचना आयोग ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

    आरोग्य सेतु ऐप  (सांकेतिक फोटो)
    आरोग्य सेतु ऐप (सांकेतिक फोटो)

    आयोग ने NIC के सूचना आधिकारी को निर्देश दिया कि वह इस मामले में लिखित रूप में बताए कि अगर उनके पास इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है तो वेबसाइट https://aarogyasetu.gov.in/ का डोमेन नेम gov.in के साथ कैसे बनाया गया है.'

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 28, 2020, 4:57 PM IST
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    नई दिल्ली. केंद्रीय सूचना आयोग ने मंगलवार को सेंट्रल पब्लिक इन्फॉर्मेशन ऑफिसर (CPIO),  इलेक्ट्रॉनिक मंत्रालय, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, NeGD को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इन सभी पर आरोग्य सेतु ऐप से जुड़ी एक आरटीआई के जवाब देने में प्रथमदृष्टया बाधा बनने और स्पष्ट जवाब ना देने का आरोप है. आयोग ने इस नोटिस में पूछा है कि आरटीआई अधिनियम की धारा 20 के तहत उन पर जुर्माना क्यों  ना लगाया जाए.

    केंद्रीय सूचना आयोग ने NIC को यह बताने के लिए भी कहा है कि जब Aarogya Setu वेबसाइट में यह जिक्र किया गया है कि प्लेटफ़ॉर्म को इसके (NIC) द्वारा डिज़ाइन, डेवलप्ड और होस्ट किया गया है, तो कैसे उन्हें ऐप के क्रिएशन के बारे में कोई जानकारी नहीं है. सूचना आयुक्त वनजा एन सरण ने आदेश दिए कि 'आयोग ने NIC के सूचना आधिकारी को निर्देश दिया कि वह इस मामले में लिखित रूप में बताए कि अगर उनके पास इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है तो वेबसाइट https://aarogyasetu.gov.in/ का डोमेन नेम gov.in के साथ कैसे बनाया गया है.'

    यह बहुत ही बेतुका है- CIC
    सीआईसी ने कहा, 'किसी भी CPIO ने इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा कि ऐप किसने बनाया है, फाइलें कहां हैं. यह बहुत ही बेतुका है.' आयोग ने जिन लोगों को नोटिस जारी किया है, उनमें उप निदेशक और सीपीआईओ एस के त्यागी,  उप निदेशक इलेक्ट्रॉनिक्स डीके सागर और वरिष्ठ महाप्रबंधक (एचआर और एडमिन) और सीपीआईओ NeGD आरए धवन शामिल हैं.




    LiveLaw.in के अनुसार सीआईसी ने यह आदेश सौरव दास द्वारा दायर एक शिकायत के बाद दिया, जिसमें कहा गया था कि संबंधित प्राधिकरण यानी एनआईसी, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), आरोग्य सेतु ऐप और इसके निर्माण से संबंधित अन्य प्रक्रिया के बारे में जानकारी  नहीं दे पाए.

    उन्होंने कहा कि NIC में आरटीआई दायर की थी जिसमें कहा गया था कि उनके पास (NIC) ऐप के निर्माण से संबंधित  'जानकारी नहीं है' . ऐप के डेवलेपर होने की हैसियत से यह जवाब अचरज में डालने वाला है. उन्होंने आगे कहा कि NeGCऔर  MeitY ने ऐप के क्रिएशन और अन्य मामलों से संबंधित कोई जानकारी नहीं दी है.


    सीआईसी ने कहा कि  अधिकारियों का यह रुख 'बहुत ही बेतुका है.'आयोग ने MeITY के सभी तीन CPIO ऑफ माइबिलिटी,NeGD और NIC को निर्देशित किया कि वे 24 नवंबर, 2020 से इस पर जानकारी दें ताकि उनके खिलाफ आरटीआई अधिनियम की धारा 20 के तहत (बिना किसी उचित कारण के जानकारी ना देना) कार्रवाई शुरू न की जाए.
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