नाइजीरियन सरकार ने ट्विटर पर बैन लगाने के बाद 'कू' से मिलाया हाथ

नाइजीरियन सरकार ने ट्विटर के प्रतिद्वंद्वी भारत के कू के साथ हाथ मिलाने का फैसला किया है. (सांकेतिक तस्वीर)

नाइजीरियन सरकार ने ट्विटर के प्रतिद्वंद्वी भारत के कू के साथ हाथ मिलाने का फैसला किया है. (सांकेतिक तस्वीर)

नाइजीरिया में ट्विटर पर पाबंदी लेने का फैसला तब आया जब यूएस के इस सोशल नेटवर्किंग प्लेटफार्म ने नियम का हवाला देते हुए राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी के एक ट्वीट को डिलीट कर दिया था.

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नई दिल्ली. अभी एक हफ्ता भी नहीं बीता जब नाइजीरियन सरकार का अमेरिकन माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर को अनिश्चितकाल के लिए प्रतिबंधित करना सुर्खियों में रहा था, अब नाइजीरियन सरकार ने ट्विटर (Twitter) के प्रतिद्वंद्वी भारत के कू (Koo) के साथ हाथ मिलाने का फैसला किया है. पाबंदी लगाए जाने के कुछ वक्त बाद ही ‘कू’ ने घोषणा की कि वो नाइजीरिया में भी उपलब्ध है और अब उनके प्लेटफॉर्म पर नाइजीरिया की स्थानीय भाषा पर काम किया जा रहा है.

नाइजीरिया ने ट्विटर पर क्यों लगाई पाबंदी

नाइजीरिया में ट्विटर पर पाबंदी लेने का फैसला तब आया जब यूएस के इस सोशल नेटवर्किंग प्लेटफार्म ने नियम का हवाला देते हुए राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी के एक ट्वीट को डिलीट कर दिया था. नाइजीरियन सरकार का आरोप है कि इस माइक्रोब्लॉगिंग साइट का इस्तेमाल गलत और झूठी खबरें फैला कर नाइजीरिया के कॉरपोरेट वजूद को खोखला करने में किया जा रहा है. इसलिए इस पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया.

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प्रतिबंध पर ट्विटर का क्या है ट्वीट

नाइजीरिया में भी ट्विटर पर लगाई गई पाबंदी को सभी का खुला समर्थन नहीं मिल रहा है, कुछ इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन मान रहे हैं. वहीं ट्विटर का कहना है कि हम नाइजीरिया में खुद पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर काफी चिंतित हैं. मुफ्त और सभी के लिए उपलब्ध इंटरनेट आधुनिक समाज में एक अहम मानव अधिकार है. हम उन सभी नाइजीरियावासियों के लिए जिन्हें ट्विटर पर भरोसा है और जो दुनिया के दूसरे कोने के साथ संचार कायम रखना चाहते हैं, अपनी सेवा को दोबारा चालू करने पर काम करेंगे.

हालांकि यूएस के ही पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जिनका अकाउंट भी ट्विटर ने सस्पेंड कर दिया था, उन्होंने नाइजीरिया के इस कदम पर उन्हें बधाई देते हुए दूसरे देशों को भी ऐसा कदम उठाने की सलाह दी.



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कू के लिए क्या मायने

नाइजीरियन सरकार के ट्विटर पर पाबंदी लगाए जाने के बाद कू के साथ हाथ मिलाने के फैसले से कू को बढ़ावा मिलेगा और टिविटर के विकल्प के तौर पर ये खड़ा हो सकता है. यहा तक कि भारत में भी कू के आने के पीछे भारत सरकार का ट्विटर के साथ विचारों के मामले में कई मुद्दों पर पटरी नहीं बैठना था. केंद्र ने ट्विटर को कई बार ढेर सारे ट्वीट और अकाउंट को गैरकानूनी बताते हुए हटाने को कहा, लेकिन ट्विटर ने कभी भी इस बात को स्वीकार नहीं किया, इस तरह दोनों के रिश्तों में लगातार खटास बढ़ती जा रही है. सरकार के मुताबिक ट्विटर ने अभी तक भारत के नए आईटी नियम का भी पालन नहीं किया है.


पिछले महीने कू ने बड़े धुरंधर निवेशकों से जिसमें टाइगइ ग्लोबल भी शामिल है, से 39 मिलियन डॉलर का फंड एकत्र होने की घोषणा की, ये घोषणा तब आई जब ट्विटर और सरकार के बीच रार ठनी हुई थी. कू के मिली इस आर्थिक सहायता के बाद उसकी कीमत पांच गुना बढ़ कर 100 मिलियन तक पहुंच गई है. अब नाइजीरिया सरकार की घोषणा के बाद, कू के को-फाउंडर और सीईओ अप्रेमय राधाकृष्णन ने लिखा , नाइजीरिया सरकार के नए आधिकारिक हैंडल @kooindia में आपका स्वागत है. इसके बाद तो जैसे भारत की इस साइट को नए पंख मिल गए हैं.

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