Coronavirus: कोरोना की रोकथाम के लिए नाइट कर्फ्यू पर बोले विशेषज्ञ- इससे नहीं सुधरेंगे हालात

Coronavirus In India: विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी स्थिति में लोगों के व्यवहार में बदलाव ना आए और ना ही जांच में कोई कमी की जाए.

Coronavirus In India: विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी स्थिति में लोगों के व्यवहार में बदलाव ना आए और ना ही जांच में कोई कमी की जाए.

Coronavirus In India: विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी स्थिति में लोगों के व्यवहार में बदलाव ना आए और ना ही जांच में कोई कमी की जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 24, 2020, 10:55 PM IST
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निखिल घानेकर


नई दिल्ली. त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद से राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में कोविड -19 के मामले बढ़ते हुए देखे गये. केंद्र ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और हिमाचल प्रदेश की विशेष टीमों को भी उनकी सहायता के लिए प्रतिनियुक्त किया. मामलों में वृद्धि के बीच, तीन राज्यों - गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान ने नाइट कर्फ्यू को दोबारा शुरू कर दिया है.

रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक, अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वडोदरा, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जयपुर, जोधपुर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर, अलवर और भीलवाड़ा में नाइट कर्फ्यू के आदेश दिए गए थे. राजस्थान में, सरकार ने यह भी आदेश दिया कि शाम 7 बजे तक बाजार, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, शॉपिंग मॉल और रेस्तरां बंद  कर दिए जाएंगे. तीनों पड़ोसी राज्यों के इन सभी शहरों में दीवाली के बाद से मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई.
स्थानीय और सीमित प्रतिबंधों के ताजा दौर ने इन उपायों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं. मई के अंत से केंद्र ने आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए अनलॉक की प्रक्रिया शुरू की. अधिकतर सेवाओं के लिए राज्यों पर निर्णय छोड़ दिया.

प्रतिबंध तभी प्रभावी होंगे जब उनके साथ संदेश भी  हो

विशेषज्ञों ने कहा कि किसी भी नए प्रतिबंध को दो कारकों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए- दिवाली से पहले और उसके दौरान परीक्षण में कमी और लोगों के बीच किए जा रहे अनुचित व्यवहार. कोई भी ताजा और स्थानीय प्रतिबंध तभी प्रभावी होंगे जब उनके साथ संदेश भी दिया जाए.



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पूर्व प्रोफेसर और सामुदायिक चिकित्सा के प्रमुख, IMS-BHU और कोविड -19 निगरानी पर एक सरकारी विशेषज्ञ समूह के सदस्य डीसीएस रेड्डी ने कहा कि हाल में कोरोना केस में वृद्धि टेस्टिंग में बढ़ोतरी के कारण हुई है. जहां तक रात के कर्फ्यू का सवाल है, मुझे यकीन नहीं है कि इसका क्या प्रभाव होगा?

आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि सूरत, वडोदरा, जयपुर और भोपाल में वास्तव में दीपावली की अवधि के दौरान और उससे पहले टेस्टिंग्स में कमी हुई. दिवाली से पहले 4,000-6,000 टेस्टिंग हुई, जो नवंबर 15-17 से 3,000 टेस्टिंग्स से भी कम हो गए. रविवार को, जयपुर में 8,537 परीक्षण किए गए थे. सूरत में दीपावली से पहले 11,000 टेस्टिंग्स तक हो रही थीं जो दीपावली के दौरान 8,000 तक सीमित हो  गया. अब फिर से टेस्टिंग्स 11,000 - 12,000 प्रति दिन होने लगी है.

रेड्डी ने कहा, 'वे सीमित संख्या में लोगों को प्रतिबंधित कर सकते हैं. हालांकि, जब तक कर्फ्यू नहीं हटता, तब तक व्यस्त गतिविधियां बंद रहेंगी, इसलिए मुझे यकीन नहीं है कि किसकी सुरक्षा होगी? ये प्रतिबंध तब प्रभावी होंगे जब टेस्टिंग जारी रहेगी. उनका ध्यान व्यवहार बदलने पर होना चाहिए.'

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