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श्रीगंगानगर लोकसभा नतीजे: पिछली बार 3 लाख वोटों से जीते थे BJP के निहालचंद मेघवाल

News18 Rajasthan
Updated: May 23, 2019, 9:28 PM IST
श्रीगंगानगर लोकसभा नतीजे: पिछली बार 3 लाख वोटों से जीते थे BJP के निहालचंद मेघवाल
निहालचंद मेघवाल। फोटो एफबी।

चार बार सांसद और एक बार विधायक रह चुके हैं निहालचंद | Nihalchand meghwal, Profile Key Candidate, pali Lok Sabha Election Result 2019, rajastahan

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लोकसभा चुनाव 2019 में राजस्थान की हाई प्रोफाइल सीट श्रीगंगानगर के नतीजे भाजपा के पक्ष में हैं. श्रीगंगानगर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा (BJP) के उम्मीदवार निहालचंद मेघवाल 8 लाख 97 हज़ार से ज़्यादा वोट हासिल कर चुके हैं. 23 मई को जारी मतगणना के दौरान रुझानों में लगातार बढ़त बनाए रहे निहालचंद रात गुरुवार 9 बजे तक अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के भरतराम मेघवाल प्रतिद्वंद्वी से 4 लाख से ज़्यादा वोटों की लीड लेने में कामयाब हुए हैं. ये आंकड़े साफ कह रहे हैं कि निहालचंद पिछली बार से भी ज़्यादा लीड से जीत की तरफ हैं और एक तरह से जीत ही चुके हैं, सिर्फ औपचारिक घोषणा होना है.

1996 के लोकसभा चुनाव में सबसे कम उम्र में सांसद बनने का गौरव हासिल करने वाले श्रीगंगानगर लोकसभा क्षेत्र के मौजूदा सांसद एवं पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री निहालचंद मेघवाल का इस बार मुकाबला भरतराम मेघवाल से हुआ है. श्रीगंगानगर लोकसभा क्षेत्र से चार बार सांसद एवं क्षेत्र के रायसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र से एक बार विधायक रह चुके निहालचंद ने अपने राजनीतिक करियर में ज्यादातर सफलता का स्वाद ही ज्यादा चखा है. सातवीं बार लोकसभा चुनाव लड़ने वाले निहालचंद अपनी सफलता के सफर को इस बार बरकरार रख पाएंगे या नहीं इसका खुलासा होगा.

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राजनीतिक परिवार की पृष्ठभूमि वाले निहालंचद लंबे समय से जिले में एकछत्र राज करते आ रहे हैं. निहालचंद के पिता बेगाराम भी जनता पार्टी से दो बार सांसद एवं और एक बार रायसिंहनगर से विधायक रह चुके हैं. 1971 में जन्मे निहालचंद बचपन से ही राजनीतिक माहौल में पले बढ़े. निहालचंद ने 1996 में पहला लोकसभा चुनाव जीता. उस चुनाव में वे सबसे कम उम्र के सांसद बने थे. उसके बाद 1998 में मेघवाल ने रायसिंह नगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज कराई.

मां के साथ निहालचंद मेघवाल।


पार्टी ने किया है लगातार भरोसा
क्षेत्र में मेघवाल परिवार की पकड़ के चलते पार्टी उन पर लगातार भरोसा करती रही है. अपने अब तक तक राजनीतिक सफर में निहालचंद नौ चुनाव लड़ चुके हैं. इस बार उन्होंने सातवां लोकसभा चुनाव लड़ा है. पहले लड़े गए छह लोकसभा चुनावों में से वे चार बार पार्टी का परचम लहराने से सफल रहे थे. इस बीच निहालचंद ने 2008 में विधानसभा का भी लड़ा, लेकिन हार गए थे.
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बड़े अंतर से प्रतिद्वंदी को हराया था
वर्ष 2014 में कांग्रेस प्रत्याशी को करीब तीन लाख मतों के बड़े अंतर से हराकर सांसद बनने के बाद निहालचंद मोदी कैबिनेट के सदस्य बने. मोदी सरकार में निहालचंद को पहले रसायन एवं उर्वरक विभाग में राज्यमंत्री बनाया गया. उसके बाद उनका पोर्टफोलियो बदलकर उन्हें पंचायतीराज राज्यमंत्री बनाया गया. लेकिन उसके बाद मोदी कैबिनेट में हुए फेरबदल में मेघवाल से यह जिम्मेदारी वापस ले ली गई.

समर्थकों के साथ निहालचंद मेघवाल।


तीसरी दफा किया है प्रतिद्वंदी से मुकाबला
निहालचंद का भरतराम मेघवाल से इस बार तीसरी दफा चुनावी मुकाबला हुआ है. दस साल बाद दोनों प्रत्याशी एक बार फिर आमने सामने हुए हैं. पहले हुए दो मुकाबलों में दोनों एक-एक बार जीत चुके हैं. अब तीसरे मुकाबले में निहालचंद सफल होते या नहीं यह देखना रोचक होगा.

 

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First published: May 23, 2019, 2:38 PM IST
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