अपना शहर चुनें

States

Tool kit case: दिल्‍ली पुलिस के गैर जमानती वारंट के खिलाफ बॉम्‍बे हाईकोर्ट पहुंचीं निकिता जैकब

निकिता जैकब के खिलाफ दिल्‍ली पुलिस ने गैर जमानती वारंट जारी किया है.
निकिता जैकब के खिलाफ दिल्‍ली पुलिस ने गैर जमानती वारंट जारी किया है.

पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग (Greta Thunberg) की ओर से ट्विटर पर शेयर किए गए टूल किट (Tool kit case) मामले में दिल्‍ली पुलिस (Delhi Police) ने निकिता जैकब के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी करवाया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 15, 2021, 12:57 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. किसान आंदोलन (Farmers Protest) को लेकर पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग (Greta Thunberg) की ओर से ट्विटर पर शेयर किए गए टूल किट (Tool kit case) मामले में दिल्‍ली पुलिस (Delhi Police) की ओर से जारी गैर जमानती वारंट के खिलाफ निकिता जैकब ने बॉम्‍बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. बता दें कि निकिता जैकब इंटरिम प्रोटेक्‍शन के लिए हाईकोर्ट पहुंची हैं. निकिता जैकब पेशे से वकील हैं और इस मामले में फरार बताई जा रही हैं. इस मामले में अब कल सुनवाई होगी.

दिल्‍ली पुलिस की स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक 11 फरवरी को निकिता जैकब के घर स्पेशल सेल की टीम सर्च करने गई थी. यह टीम उनके मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच करने गई थी. उस दिन शाम का वक्त होने के कारण उनसे पूछताछ नहीं हो सकी थी. निकिता से स्पेशल सेल ने दस्तावेज पर दस्तखत करवाया था कि वो जांच में शामिल होंगी. लेकिन उसके बाद निकिता अंडरग्राउंड हो गईं.

दिल्‍ली पुलिस के अनुसार निकिता जैकब खालिस्तान विचारधारा से प्रभावित हैं. निकिता जैकब ने कनाडा के पुनीत नाम के शख्स से भी संपर्क किया था. 26 जनवरी के चार दिन पहले निकिता और अन्य की जूम ऐप पर मीटिंग भी हुई थी. खालिस्तान संगठन से जुड़े संगठन पॉइंट फ़ॉर जस्टिस के एमओ धालीवाल ने अपने कनाडा में रह रहे सहयोगी पुनीत के जरिये निकिता जैकब से संपर्क किया था. इसका मकसद ये था कि रिपब्लिक डे के पहले ट्विटर पर हलचल उत्‍पन्‍न की जाए.
इसे भी पढ़ें :- Tool Kit Case: दिशा रवि के बाद अब निकिता जैकब की तलाश में दिल्‍ली पुलिस



जूम मीटिंग में निकिता भी हुईं थी शामिल
बताया गया है कि निकिता जैकब पहले भी पर्यावरण से जुड़े मुद्दे उठाती रही हैं. रिपब्लिक डे के पहले हुई ज़ूम मीटिंग में एमओ धालीवाल, निकिता और दिशा के अलावा अन्य लोग शामिल हुए थे. एमओ धालीवाल ने उस दौरान कहा था कि मुद्दे को बड़ा बनाना है. उनका मकसद किसानों के बीच असंतोष और गलत जानकारी फैलाना था. यहां तक कि एक किसान की मौत को पुलिस की गोली से हुई मौत बताया गया था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज