एजेंट ने दिया नौकरी का झांसा, यूएई में फंसे नौ भारतीय

फाजिल ने कहा कि उसने पैसे कमाने के लिए अपनी माता के गहनों को गिरवी रख लिया और नौकरी के बिना वापस नहीं जा सकता है.

News18Hindi
Updated: July 21, 2019, 11:47 AM IST
एजेंट ने दिया नौकरी का झांसा, यूएई में फंसे नौ भारतीय
यूएई एयरपोर्ट पर फंसे भारत के 9 नागरिक
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Updated: July 21, 2019, 11:47 AM IST
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी नौकरी की पेशकश स्वीकार करने के बाद यूएई में नौ भारतीय नागिरक फंस गए हैं. खलीज टाइम्स के मुताबिक ये सभी केरल के रहने वाले हैं और अल ऐन और अजमन में फंसे हुए हैं, उनका दावा है कि उन्होंने शफीक नाम के एजेंट को व्हॉट्सऐप पर संपर्क किया और यूएई के वीजा के लिए 70-70 हजार रुपये दिए.

महीनेभर पहले दुबई में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने नौकरी चाहने वालों को भारत से यूएई बुलाने वाले धोखाधड़ी के विज्ञापनों से सावधान रहने के लिए कहा था. महावाणिज्य दूतावास ने कहा था, "नौकरी चाहने वालों को फर्जी प्रस्ताव का शिकार नहीं होना चाहिए और किसी भी संदेह के मामले में वे दूतावास से संपर्क कर सकते हैं."

व्हॉट्सऐप पर मिला था जॉब ऑफर

धोखाधड़ी का शिकार हुए केरल के मल्लापुरम के रहने वाले फाजिल ने कहा कि उन्हें व्हॉट्सऐप पर नौकरी का ऑफर मिला. रिपोर्ट के मुताबिक फाजिल ने कहा, "एक व्हॉट्सऐप मैसेज, जिसमें यूएई में 15 दिनों के अंदर नौकरी दिलाने का वादा किया जा रहा था, केरल में खूब शेयर किया जा रहा था, मुझे भी ये मैसेज मिला. मुझे लगा कि यह मैसेज वास्तविक है क्योंकि बहुत से लोग इसमें रुचि दिखा रहे थे."

फाजिल ने कहा कि उसने पैसे कमाने के लिए अपनी मां के गहनों को गिरवी रख लिया और नौकरी के बिना वापस नहीं जा सकता है. केरल के कोझिकोड का रहने वाला मोहम्मद रफीक (30) एक और पीड़ित है. उसका कहना है कि उसने नौकरी के लिए परिवार और मित्रों से 70 हजार रुपये उधार लिए हैं.

मोहम्मद रफीक ने कहा, "हम नौ लोग पैसे देने में सफल रहे और एजेंट ने हम नौ लोगों के लिए अलग व्हॉट्सऐप ग्रुप बनाया. हम एक दूसरे से बात कर रहे थे."

एयरपोर्ट पर ठगी का अहसास
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रफीक ने कहा कि एजेंट ने उन्हें बताया कि वे यूएई जाएंगे, लेकिन 15 जुलाई को जब वे अबु धाबी एयरपोर्ट पर उतरे तो उन्हें अहसास हुआ कि वे ठगे गए हैं. रफीक ने बताया कि उन्हें एयरपोर्ट पर शमीर नाम का एक स्थानीय एजेंटे मिला और उन्हें दो समूहों में बांट दिया.

अखबार की रिपोर्ट के अनुसार रफीक ने कहा, "चार लोगों को अजमन भेजा गया और हम पांच लोगों को अल ऐन लाया गया. जब नौकरी के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि सुपरमार्केट अधिकारी जेल में है इसलिए वह हमारे लिए नई नौकरी तलाश करेगा. हमें तुरंत पता चल गया था कि हम दिक्कत में हैं."

अबु धाबी में भारतीय दूतावास ने मामले में दखल दिया है और फंसे नागरिकों को घर भेजने में सहायता करने की पेशकश की है. रफीक ने कहा कि वह और उसके दोस्त दूतावास द्वारा दिए गए भत्ते पर जीवित हैं.

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First published: July 21, 2019, 11:44 AM IST
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