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Kerala: Nipah Virus के शिकार बच्चे के 8 करीबी कॉन्टैक्स के सैंपल नेगेटिव, 48 लोग अब भी निगरानी में

रविवार को कोझिकोड के 12 वर्षीय बच्चे की निपाह वायरस के कारण मौत हो गई थी. फाइल फोटो

रविवार को कोझिकोड के 12 वर्षीय बच्चे की निपाह वायरस के कारण मौत हो गई थी. फाइल फोटो

Nipah Virus in Kerala: स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि अभी फिलहाल 48 लोग उच्च जोखिम वाली श्रेणी में हैं, इन लोगों को मेडिकल कॉलेज के पृथक-वास वार्ड में रखा गया है और उनका स्वास्थ्य स्थिर है.

  • News18Hindi
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    कोझिकोड. केरल (Kerala) के लिए मंगलवार की सुबह राहत भरी खबर आई जब निपाह वायरस (Nipah Virus) के कारण जान गंवाने वाले 12 वर्षीय बच्चे के करीबी संपर्क में आए लोगों की जांच रिपोर्ट में संक्रमण नहीं होने की पुष्टि हुई है. राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज (Veena George) ने बताया कि बच्चे के करीबी संपर्क में आए आठ लोगों के नमूनों की जांच रिपोर्ट आ गई है जिनमें कोई भी संक्रमित नहीं पाया गया है. उन्होंने बताया, ‘बच्चे के माता-पिता और स्वास्थ्यकर्मी, जिनमें लक्षण नजर आ रहे थे, उनके नमूने संक्रमित नहीं पाए गए. बच्चे के करीबी संपर्क में आए लोगों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आना राहत की बात है.’

    जॉर्ज ने बताया कि अभी फिलहाल 48 लोग उच्च जोखिम वाली श्रेणी में हैं, इन लोगों को मेडिकल कॉलेज के पृथक-वास वार्ड में रखा गया है और उनका स्वास्थ्य स्थिर है. पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान की ओर से मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए व्यवस्था की गई है और पांच नमूनों की जांच की जा रही है. मंगलवार को और नमूनों की जांच की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को कहा था कि बच्चे के संपर्क में आए 251 लोगों की पहचान की गई है, जिनमें 129 स्वास्थ्यकर्मी हैं.

    रविवार को कोझिकोड के 12 वर्षीय बच्चे की निपाह वायरस के कारण मौत हो गई थी और उसके घर के तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्र को निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया था. निपाह वायरस से बच्चे की मौत के बाद कोझिकोड, कन्नूर, मलप्पुरम और वायनाड जिलों में स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया.

    बता दें कि कोझिकोड में बच्चे के निपाह वायरस से पीड़ित होने का पता 27 अगस्त को चला था और उसे सबसे पहले एक लोकल क्लिनिक में भर्ती कराया गया था. बाद में उसे एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया. हालांकि बाद में उसे एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार को सुबह 5 बजे उसकी मौत हो गई. स्वास्थ्य विभाग ने बच्चे के एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाए जाने के रूट मैप को प्रकाशित किया है, साथ ही समय और लोकेशन की भी जानकारी दी गई है. सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि निपाह वायरस से जुड़ा किसी भी तरह का लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें.

    निपाह वायरस एक जूनाटिक वायरस (zoonotic virus) है, जो जानवरों से इंसानों से फैलता है. यह वायरस दूषित भोजन या एक दूसरे के संपर्क में आने से भी फैलता है. एनआईवी इंसेफ्लाइटिस (NiV encephalitis) के लिए जिम्मेदार वायरस पैरामायएक्सोविरिडे (Paramyxoviridae), जीनस हेनिपावायरस (genus Henipavirus) फैमिली का आरएनए वायरस है. और यह हेंड्रा वायरस के साथ निकटता से जुड़ा हुआ है. 1994 में इस वायरस को ऑस्ट्रेलिया में अलग किया गया था.

    एचईवी और एनआईवी वायरस चमगादड़ (फ्रूट बैट) में पाए जाते हैं, जिसे फ्लाइंग फॉक्स के नाम से जाना जाता है. संक्रमित फल इस वायरस को अन्य जानवरों में फैला देता है, सुअर, कुत्ते, बकरी, घोड़े और भेड़ भी इस वायरस से संक्रमित हो सकते हैं. इन जानवरों के साथ संपर्क में आने पर इंसानों में भी यह वायरस फैल सकता है. हालांकि संक्रमित जानवर के शरीर से निकले पसीने और पेशाब से भी यह वायरस फैलता है.

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