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निर्भया केस : दोषी मुकेश की याचिका पर सुनवाई पूरी, सुप्रीम कोर्ट कल सुनाएगा फैसला

News18Hindi
Updated: January 28, 2020, 3:48 PM IST
निर्भया केस : दोषी मुकेश की याचिका पर सुनवाई पूरी, सुप्रीम कोर्ट कल सुनाएगा फैसला
निर्भया केस में दोषी करार दिए गए मुकेश सिंह की वकील ने सुप्रीम कोर्ट में सनसनीखेज आरोप लगाए हैं (फाइल फोटो)

निर्भया केस में दोषी मुकेश कुमार सिंह (Mukesh Singh) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट बुधवार को अपना फैसला सुनाएगा.

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  • Last Updated: January 28, 2020, 3:48 PM IST
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नई दिल्ली. निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले में मौत की सजा पाए मुकेश कुमार सिंह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट अब बुधवार यानी 29 जनवरी को अपना फैसला सुनाएगा. मुकेश सिंह ने 1 फरवरी को डेथ वॉरंट टालने और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा दया याचिका खारिज किए जाने के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की थी.

सुप्रीम कोर्ट में दोषी की वकील अंजना प्रकाश ने कहा, ‘राष्ट्रपति को जो दया याचिका दी की गई थी, उसमें जेल सुपरिटेंडेंट ने अपना सुझाव नहीं दिया. अगर जेल अधीक्षक को सुझाव देने की जरूरत नहीं थी तो ‘कॉलम’ क्यों दिया गया है. अगर कॉलम है तो उन्हें सुझाव देना चाहिए था.' मुकेश की वकील ने कहा, ‘वो न्यायिक फैसले को चुनौती नहीं दे रही हैं, क्योंकि जब मुकेश की क्यूरिटिव पीटिशन खारिज हुई, तभी न्यायिक फैसले को चुनौती देने की प्रक्रिया खत्म हो चुकी थी. हम सिर्फ राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज करने के फैसले को चुनौती दे रहे हैं.’

जेल में यौन उत्पीड़न का लगाया आरोप
दोषी की वकील ने कोर्ट में कहा, कहते हैं ‘पाप’ से नफरत करो ‘पापी’ से नहीं, लेकिन जेल अधीक्षक ने कानून का पालन नहीं किया.’ इतना ही नहीं दोषी की वकील ने अपनी दलील में कहा, 'जेल में मुकेश सिंह का ‘यौन उत्पीड़न’ हुआ था.'



'काल कोठरी में बंद करने का आरोप'
इससे पहले दोषी मुकेश सिंह की वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, ‘अदालत सारी मेरिट पर विचार कर चुकी है. हम सिर्फ दया याचिका खारिज करने में विवेक के इस्तेमाल ना करने की बात पर ही विचार कर सकते हैं.’ उन्होंने कहा, 'मेरे मुवक्किल को दया याचिका खारिज होने से पहले ही काल कोठरी (अकेले जेल) में डाल दिया गया, ये जेल मैन्युअल के खिलाफ है.' दोषी की वकील ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने तय किया है कि राष्ट्रपति के फैसले को मेरिट पर चुनौती नहीं दी जा सकती, लेकिन कोर्ट ने चार बिंदुओं पर ही सीमित किया है. जिनके आधार पर चुनौती दी जा सकती है.'

राष्ट्रपति ने खारिज की थी दया याचिका
निर्भया कांड में मौत की सजा पाने वाले दोषियों में से एक मुकेश कुमार सिंह की दया याचिका राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 17 जनवरी को खारिज की थी. इसके बाद दोषी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर राष्ट्रपति के फैसले को चुनौती दी है. बता दें कि कोर्ट ने चारों मुजरिमों को एक फरवरी को मृत्यु होने तक फांसी पर लटकाने के लिए आवश्यक वारंट जारी किया था.

कोर्ट के लिए यह एक सर्वोच्च प्राथमिकता
इससे पहले, सोमवार को चीफ जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस बी आर गवई और सूर्य कांत की पीठ के समक्ष मुकेश की याचिका का उल्लेख किया गया था. इस पर पीठ ने कहा था, ‘यदि किसी व्यक्ति को फांसी पर लटकाया जाना है तो इससे ज्यादा महत्वपूर्ण मामला कुछ और नहीं हो सकता.’ पीठ ने कहा था कि यदि किसी व्यक्ति को एक फरवरी को फांसी दी जानी है तो कोर्ट के लिए यह एक सर्वोच्च प्राथमिकता का मामला है.

कोर्ट ने दोषी अक्षय कुमार की याचिका भी खारिज की
पीठ ने सिंह के वकील को मामलों के उल्लेख के लिए नियुक्त अधिकारी के पास जाने के लिए कहा था क्योंकि फांसी देने की तारीख एक फरवरी निर्धारित है. मुकेश कुमार सिंह की सुधारात्मक याचिका शीर्ष अदालत में खारिज होने के बाद उसने राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर की थी. कोर्ट ने एक अन्य दोषी अक्षय कुमार की सुधारात्मक याचिका भी खारिज कर दी थी. इस मामले में दो अन्य दोषियों पवन गुप्ता और विनय कुमार शर्मा ने अभी तक शीर्ष अदालत में सुधारात्मक याचिका दायर नहीं की है.

23 वर्षीय निर्भया से दक्षिण दिल्ली में चलती बस में 16-17 दिसंबर, 2012 की रात छह व्यक्तियों ने सामूहिक बलात्कार के बाद उसे बुरी तरह जख्मी हालत में सड़क पर फेंक दिया था. निर्भया का बाद में 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में निधन हो गया था. इस जघन्य अपराध के मुख्य आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी जबकि अन्य आरोपी नाबालिग था जिसे तीन साल के लिए सुधार गृह में रखा गया था.

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First published: January 28, 2020, 10:49 AM IST
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