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निर्भया के दोषियों को सताने लगा फांसी का डर, परिजनों को चेहरा तक नहीं दिखाना चाहते

News18Hindi
Updated: January 24, 2020, 5:41 AM IST
निर्भया के दोषियों को सताने लगा फांसी का डर, परिजनों को चेहरा तक नहीं दिखाना चाहते
निभर्या दोषियों ने नहीं बताई आखिरी इच्छा

निर्भया गैंगरेप और हत्या (Nirbhaya Gangrape) के चारों दोषियों ने तिहाड़ जेल (Tihar Jai) के अधिकारियों को अब तक इस बारे में कोई सूचना नहीं दी है कि वे आखिरी बार अपने परिवार से कब मिलना चाहते हैं और अपनी संपत्ति किसके नाम करना चाहते हैं.

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नई दिल्ली. निर्भया गैंगरेप (Nirbhaya Gangrape) और हत्या के चारों दोषियों की फांसी की तारीख नजदीक आ गई है. जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं चारों दोषियों के चेहरे पर शिकन भी बढ़ने लगी है. जेल मैन्युअल के मुताबिक, मौत की सजा पाए कैदियों को फांसी दिए जाने से पहले उनकी अंतिम इच्छा के बारे में पूछा जाता है. निर्भया के दोषियों से भी उनकी अंतिम इच्छा पूछी गई है लेकिन उन्होंने अभी तक इस सवाल का जवाब नहीं दिया है.

निर्भया गैंगरेप और हत्या के चारों दोषियों ने तिहाड़ जेल के अधिकारियों को अब तक इस बारे में कोई सूचना नहीं दी है कि वे आखिरी बार अपने परिवार से कब मिलना चाहते हैं और अपनी संपत्ति किसके नाम करना चाहते हैं. चारों दोषियों-विनय शर्मा, अक्षय कुमार सिंह, मुकेश कुमार सिंह और पवन गुप्ता को जेल नंबर तीन में एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी दी जानी है. चारों दोषी जेल नंबर तीन की अलग-अलग काल कोठरियों में बंद हैं.

जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, डेथ वारंट जारी होने के बाद दोषियों से पूछा गया कि वे आखिरी बार अपने-अपने परिवारों से कब मिलना चाहेंगे और यदि वे मिलना चाहते हैं तो किससे मिलना चाहेंगे. लेकिन अभी तक किसी ने भी जवाब नहीं दिया है. अधिकारी ने बताया कि दोषियों से यह भी पूछा गया कि क्या वे कोई वसीयत तैयार करना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने इसका भी कोई जवाब नहीं दिया है. उन्होंने कहा, चारों दोषियों के परिवारों को सप्ताह में दो बार उनसे मिलने की अनुमति दी जाती है, लेकिन अंतिम मुलाकात की तारीख तय नहीं हुई है क्योंकि उन्होंने अब तक जवाब नहीं दिया है.

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आरोपी अपना पूरा कानूनी विकल्प इस्तेमाल ना कर लें तब तक फांसी नहीं होगी.


डेथ वारंट के 7 दिन के अंदर दोषियों को मिले फांसी
गौरतलब है कि बुधवार को उच्चतम न्यायालय में केंद्र द्वारा दायर याचिका में गृह मंत्रालय ने कहा कि वीभत्स कृत्य के दोषी न्यायिक प्रक्रिया का अनावश्यक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं. निर्भया मामले में दोषियों को फांसी पर लटकाने में हो रही देरी के बीच मंत्रालय ने मांग की कि डेथ वारंट जारी होने के बाद दोषियों को फांसी पर लटकाने के लिए सात दिन की समय-सीमा तय की जानी चाहिए.

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निर्भया केस के चारों दोषियों को 1 फरवरी को फांसी होने जा रही है. (प्रतीकात्मक फोटो)


चारों दोषियों को एक साथ फांसी पर लटकाया जाएगा
पिछले सप्ताह तिहाड़ जेल में चारों दोषियों की डमी को फांसी पर लटकाने का अभ्यास किया गया. अधिकारी ने कहा कि फांसी जेल नंबर तीन में दी जाएगी और उत्तर प्रदेश जेल प्राधिकरण ने चारों दोषियों को फंदे पर लटकाने के लिए मेरठ से पवन जल्लाद को भेजने की पुष्टि कर दी है. तिहाड़ के अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश के जेल अधिकारियों से दो जल्लाद उपलब्ध कराने को कहा था.अधिकारी ने कहा कि सभी चार दोषियों को एक साथ ही लटकाए जाने की संभावना है. जेल अधिकारी नियमित आधार पर उनसे बात भी कर रहे हैं, ताकि उनकी मानसिक स्थिति ठीक रह सके.

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First published: January 24, 2020, 5:41 AM IST
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