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Nirbhaya Case: निर्भया के दोषियों की इन दलीलों से पटियाला हाउस कोर्ट ने टाल दी फांसी

निर्भया गैंगरेप के दोषी.

निर्भया गैंगरेप के दोषी.

राजधानी दिल्ली में 16 दिसंबर, 2012 की रात को एक चलती बस में 23 साल की पैरामेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार और बर्बरता की गई थी. सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी.

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    नई दिल्ली. दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड मामले (Nirbhaya Case) में चार दोषियों की फांसी अगले आदेश तक रोक दी है. पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशन जज धर्मेंद्र राणा ने यह आदेश दिया. चारों दोषियों के वकील एपी सिंह ने फांसी देने पर रोक लगाने की मांग की थी. दोषी मुकेश सिंह, विनय शर्मा, अक्षय कुमार और पवन कुमार गुप्ता की फांसी 1 फरवरी को होने वाली थी जिस पर रोक लगा दी गई. इससे पहले दोषियों के खिलाफ 7 जनवरी को फांसी का डेथ वारंट जारी हुआ था और जिसकी तामील 22 जनवरी को होनी थी.

    पवन, विनय और अक्षय के वकील एपी सिंह ने अदालत से फांसी पर अमल को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने की अपील की और कहा कि उनके कानूनी उपचार के मार्ग अभी बंद नहीं हुए हैं. तिहाड़ जेल प्रशासन ने उनके आवेदन को यह कहते हुए चुनौती दी थी कि यह विचारयोग्य नहीं है और उन्हें अलग-अलग फांसी दी जा सकती है. लेकिन, तिहाड़ जेल की यह दलील अदालत में स्वीकार नहीं हुई.

    जज ने अपने आदेश में कहा कि...
    दोषियों के वकील ने दलील दी कि नियम कहते हैं कि जब एक की अर्जी लंबित हो तो दूसरे को फांसी पर नहीं चढ़ाया जा सकता है. जज ने अपने आदेश में कहा कि यदि कोई एक दोषी अपील करता है या आवेदन देता है तो उस मामले में दूसरे दोषियों की सजा की तामील पर रोक लगायी जाएगी. अदालत ने कहा कि इस आदेश की प्रति यहां मौजूद दोषियों के वकील और जेल अधिकारियों को दी जाए. आदेश में कहा गया है, ‘जेल अधीक्षक को कल तक अनुपालन रिपोर्ट फाइल करने का निर्देश दिया जाता है.’

    निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि वह अपनी बेटी के सामूहिक बलात्कार और हत्या के दोषियों को फांसी पर लटकाए जाने तक लड़ाई जारी रखेंगी. दिल्ली की अदालत ने दोषियों के डेथ वारंट पर अमल को शुक्रवार को टाल दिया, जिसके तुरंत बाद उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उनकी उम्मीदें टूट चुकी हैं लेकिन वह लड़ाई जारी रखेंगी. उन्होंने कहा, 'इन दरिंदों को जीने का कोई अधिकार नहीं है. हम व्यवस्था से निराश होते जा रहे हैं. दोषियों को फांसी दिये जाने तक लड़ाई जारी रखूंगी.'

    'दोषी पूरी व्यवस्था का दुरुपयोग कर रहे हैं’
    निर्भया के माता-पिता के वकील ने कहा कि पिछले एक साल से दोषियों से बार-बार कहा गया कि वे कानूनी उपचार का मार्ग अपनाएं लेकिन वे टालमटोल कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘वे अब एक-एक कर देर करने की तरकीब अपना रहे हैं. दोषी पूरी व्यवस्था का दुरुपयोग कर रहे हैं.’

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया, 'मुझे दुख है कि निर्भया के अपराधी कानून के दांव पेच से फांसी को टाल रहे है. उनको फांसी तुरंत होनी चाहिए. हमें हमारे कानून में संशोधन करने की सख्त जरूरत है ताकि बलात्कार के मामलों में फांसी छह महीने के अंदर हो.'

    यहां जानें अदालत में सुनवाई के दौरान किसने क्या कहा- 

    दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा कि चारों के डेथ वारंट पर रोक लगाई जाए.

    तिहाड़ जेल की ओर से पेश हुए इरफान अहमद ने कहा कि चाहें तो तय तारीख पर तीन दोषियों को फांसी दी जा सकती है. फिलहाल सिर्फ विनय की याचिका बाकी है. बाकी तीनों को फांसी होने में कुछ भी गैर कानूनी नहीं है.

    निर्भया के माता-पिता की ओर से पेश वकील सीमा कुशवाहा ने कहा- मुकेश की सभी याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं. दोषियों को जब कानूनी रास्ते अख्तियार करने के लिए समय दिया गया तब उन्होंने ऐसा नहीं किया. जब कोर्ट की ओर से डेथ वॉरंट जारी हो गया तब अदालत पहुंच गए. यह सिर्फ मामले को लटकाए रखने की कोशिश है. विनय के अलावा बाकी तीनों को फांसी दी जाए. अगर अदालत को लगता है कि कोई निर्दोष है तो उसे राहत दें लेकिन कानून के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोकें. कुशवाहा ने मुकेश के वकील के तौर पर वृंदा ग्रोवर के पेश होने पर भी आपत्ति जताई. कुशवाहा ने कहा कि ग्रोवर एमिकस क्यूरी हैं, ऐसे में किसी मामले में पार्टी नहीं बन सकतीं. इस दौरान दोनों में बहस भी हो गई जिस पर अदालत ने नाराजगी जाहिर की.

    मुकेश की वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा कि अगर एक मामले के किसी भी दोषी की याचिका राष्ट्रपति के समक्ष लंबित है तो अन्य किसी दोषी को भी फांसी नहीं दी जा सकती. एक दोषी का केस दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता. मुकेश के पास कुछ कानूनी रास्ते अब भी बचे हैं.

    जस्टिस राणा ने कहा क्या आदेश पारित करने में अदालत के समक्ष कोई रुकावट है?

    वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा नहीं.

    जज ने कहा फिर ठीक है.

    वकील सीमा कुशवाहा ने कहा कि अगर कोर्ट को लगता है कि कोई एक निर्दोष है तो उसे राहत दें लेकिन कानून के साथ खिलवाड़ को रोकें.

    ग्रोवर ने कहा मैं शिकायत करूंगी
    वकील वृंदा ग्रोवर
    ने कहा कि दोषियों के वकील को निजी तौर पर निशाना बनाया जा रहा है. मैं इसकी शिकायत करुंगी और बीसीडी को पार्टी बनाऊंगी.

    वकील एपी सिंह ने कहा कि यह केस मेरे लिए जीने मरने सरीखा है. मुझ पर साजिश के आरोप लगााए जा रहे हैं. इनका जवाब देने दिया जाए.

    जज ने कहा कि आप अपनी सफाई दे रहे हैं या दोषियों की ओर से जिनके लिए आप यहां पेश हुए हैं.

    वकील एपी सिंह ने कहा फिलहाल खुद के लिए सफाई दे रहा हूं क्योंकि आरोप मुझ पर लग रहे हैं.

    जज ने कहा कल सुबह फांसी होनी है. मुझे आदेश भी जारी करने हैं, आप तय कर लीजिए कि आप किसके लिए सफाई देंगे. खुद के लिए या मुवक्किल के लिए. जज ने कहा आदेश के लिए कुछ समय लगेगा.

    इसके बाद शाम करीब 5.30 बजे कोर्ट ने फांसी टालने का आदेश दे दिया.

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