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निर्भया केस: फांसी से पहले विनय ने मांगी जान की भीख, कहा- माफ कर दो, नहीं मरना चाहता

News18Hindi
Updated: March 20, 2020, 10:19 AM IST
निर्भया केस: फांसी से पहले विनय ने मांगी जान की भीख, कहा- माफ कर दो, नहीं मरना चाहता
दिल्ली गैंगरेप के चारों दोषियों आज फांसी दे दी गई है.

निर्भया के दोषियों (Nirbhaya Gang Rape Case) के लिए बीती रात बहुत ही भयानक रही. चारों दोषी रातभर जागते रहे और जेल कर्मियों से पूछते रहे कि क्या अदालत से कोई ऑर्डर आया?

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  • Last Updated: March 20, 2020, 10:19 AM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली में साल 2012 में हुए गैंगरेप केस में निर्भया को आखिरकार 7 साल, 3 महीने और 4 दिन बाद न्याय मिल गया. चारों गुनहगारों मुकेश सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को तिहाड़ जेल में शुक्रवार सुबह 5:30 बजे एक साथ फांसी दे दी गई. फांसी के आखिरी लम्हों में भी चारों दोषी रोते और गिड़गिड़ाते हुए अपनी जान की भीख मांगते रहे.

दोषी विनय तो फांसी के तख्ते पर चढ़ने से पहले फफक-फफक कर रो पड़ा. उसने जेल सुपरिटेंडेंट के पैर पकड़ लिए और जान की भीख मांगने लगा. विनय ने फांसी से पहले कपड़े भी नहीं बदले थे. उसने कहा, 'मुझे माफ कर दो. मैं मरना नहीं चाहता.' बता दें कि निर्भया के दोषियों के लिए बीती रात बहुत ही भयानक रही. चारों दोषी रातभर जागते रहे और जेल कर्मियों से पूछते रहे कि क्या अदालत से कोई ऑर्डर आया?

आधी रात सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे दोषियों के वकील
बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को निर्भया के दोषियों की ओर से दायर याचिका खारिज कर दी थी. इस याचिका में फांसी की तारीख को आगे बढ़ाने की अपील की गई थी. ये याचिका खारिज होने के बाद दोषियों के वकील एपी सिंह देर रात सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. रात करीब 3.30 बजे सुप्रीम कोर्ट ने भी इस याचिका को खारिज कर दिया. जिसके बाद तिहाड़ जेल में चारों दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाया गया.



ऐसे हालात में जेल के अंदर होता है अंतिम संस्कार


तिहाड़ जेल से जुड़े जानकार बताते हैं कि तिहाड़ जेल हो या कोई और जेल, जे परिसर में अंतिम संस्कार होने के अपने कायदे-कानून हैं. सबसे पहले तो यह देखा जाता है कि जिसे फांसी दी गई है तो क्या उसका शव बाहर जाने से कानून व्यवस्था पर कोई असर पड़ेगा. क्या जनता भड़क सकती है. क्या देश या किसी शहर में हिंसा भड़क सकती है. अगर इसकी रत्तीभर भी आशंका होती है तो शवों का पोस्टमॉर्टम के बाद जेल में ही अंतिम संस्कार किया जाता है. दूसरा यह कि ऐसा करने के लिए काफी सारी तैयारी करनी होती हैं, आला अफसरों की अनुमति लेनी होती है. जबकि निर्भया के इस केस में अभी तक अनुमति लेने की कोई प्रक्रिया शुरु नहीं हुई है.

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First published: March 20, 2020, 10:19 AM IST
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