निर्भया के दादा की आंखों से छलके आंसू, बोले- 16 दिसंबर को ही दोषियों को होती फांसी तो मिलता सुकून

निर्भया गैंगरेप मामले में चारों दोषियों की फांसी की सजा सुनाई गई है. (File Photo)
निर्भया गैंगरेप मामले में चारों दोषियों की फांसी की सजा सुनाई गई है. (File Photo)

निर्भया गैंगरेप केस (Nirbhaya Case) के चारों दोषियों को फांसी (Hanging) पर लटकाने की तैयारी शुरू हो चुकी है.

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  • Last Updated: December 16, 2019, 8:50 AM IST
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नई दिल्ली. आज से 7 साल पहले पूरे देश को झकझोर देने वाले ‘निर्भया’ रेप और मर्डर केस (Nirbhaya case) के दोषियों को अब तक फांसी नहीं हो सकी है. घटना के 7 साल बाद भी दोषियों को फांसी पर न लटकाए जाने का दर्द निर्भया के माता-पिता के साथ उनके दादा जी की आंखों से निकलते आंसू साफ बयां करते हैं. निर्भया के दादा चाहते हैं कि 16 दिसंबर को ही गुनाहगारों को फांसी दी जाए. गांव में रहने वाले निर्भया के दादा ने कहा कि घटना वाले दिन ही दोषियों को फांसी दी जाती तो उनके मन को काफी तसल्ली मिलती.

निर्भया कांड की बरसी पर उनके दादा लालजी सिंह ने कहा अगर आज के दिन ही सभी दोषियों को एक साथ फांसी पर लटकाया जाए तो मुझे काफी सुकून मिले. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देने वालों को कड़ा संदेश मिलेगा और वह किसी के साथ भी इस तरह की दरिंदगी नहीं करेंगे. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कानूनी प्रक्रिया को देखते हुए 16 दिसंबर को निर्भया के गुनहगारों को फांसी पर लटकाया जाना मुमकिन नहीं है. निर्भया के दादा ने कहा कि मेरी बच्ची के साथ जो हुआ उसे काफी समय बीत गया है लेकिन अब उसके दोषियों को सजा मिलने में विलंब नहीं होना चाहिए. दोषियों से जुड़ी सभी कानूनी बाधाओं को शीघ्र पूरा कर जल्द से जल्द चारों दरिंदों को फांसी दी जानी चाहिए. हमारी बच्ची के दरिंदों का एक-एक दिन सांस लेना हमें अच्छा नहीं लग रहा.

क्या है निर्भया का मामला
16 दिसंबर की रात निर्भया अपने एक दोस्त के साथ फिल्म देखकर लौट रही थी. रास्ते में दोनों ने मुनीरका से एक बस ली. इस बस में उनके अलावा 6 लोग मौजूद थे. बस में मौजूद लोगों ने निर्भया से छेड़खानी शुरू कर दी. बाद में उन्होंने निर्भया के साथ रेप किया और खून से लथपथ हालत में उसे और उसके दोस्त को वसंत विहार इलाके में चलती बस से फेंक दिया. आंतों और पूरे शरीर में गंभीर इंफेक्शन के बाद एयरलिफ्ट कर निर्भया को सिंगापुर के अस्पताल ले जाया गया, जहां 29 दिसंबर की देर रात उसने दम तोड़ दिया.
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दोषियों में से एक हुआ रिहा, एक ने की आत्महत्या
मामले के चार दोषी विनय शर्मा, मुकेश सिंह, पवन गुप्ता और अक्षय कुमार सिंह को मृत्युदंड सुनाया गया है. एक अन्य दोषी राम सिंह ने 2015 में तिहाड़ जेल में कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी और नाबालिग दोषी को सुधार गृह में तीन साल की सजा काटने के बाद 2015 में रिहा कर दिया गया था.

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