रॉकेट और टेक्नोलॉजी बेचकर ISRO करेगा भारी कमाई, इस कंपनी को सौंपी गई बेचने की जिम्मेदारी

भारत ने कर ली है दूसरे देशों को स्पेस प्रॉडक्ट्स और टेक्नोलॉजी बेचने की तैयारी. वित्तमंत्री के इस महत्वाकांक्षी प्लान का पूरा रोडमैप यहां पढ़ें...

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Updated: July 6, 2019, 6:39 AM IST
रॉकेट और टेक्नोलॉजी बेचकर ISRO करेगा भारी कमाई, इस कंपनी को सौंपी गई बेचने की जिम्मेदारी
NSIL एक पब्लिक सेक्टर की कंपनी होगी (सांकेतिक तस्वीर)
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Updated: July 6, 2019, 6:39 AM IST
भारत पहले ही अंतरिक्ष में एक बड़ी ताकत बनने के लिए अपने एंटी-सैटेलाइट हथियार का टेस्ट कर चुका है. अब वह अंतरिक्ष में एक मानव मिशन 'गगनयान' भेजने की तैयारी कर रहा है. इसके अलावा भारत इस महीने चांद पर अपना दूसरा मिशन, चंद्रयान-2 भी भेजने वाला है.

वहीं शुक्रवार को पेश किए आम बजट में भारत की नई विदेश मंत्री निर्मला सीतारमन ने 2019 का आम बजट पेश करने के दौरान इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) की एक नई व्यावसायिक शाखा का ऐलान किया है. जिसका नाम है न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL).

स्पेस प्रॉडक्ट्स का व्यावसायिक फायदा उठाने के लिए खुलेगी नई कंपनी
वित्तमंत्री ने कहा है कि भारत के लिए अपनी स्पेस टेक्नोलॉजी का व्यावसायिक फायदा उठाने का वक्त आ चुका है. सीतारमन ने शुक्रवार को लोकसभा में 2019-20 का बजट पेश करते हुए कहा कि न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) को अंतरिक्ष विभाग की एक नई वाणिज्यिक इकाई के रूप में शुरू किया गया है. NSIL एक पब्लिक सेक्टर की कंपनी होगी. यह ISRO की सहयोगी संस्था होगी. जो इसरो को इसके रिसर्च और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए आर्थिक मदद मुहैया कराने में सहयोग करेगी.

भारत दूसरे देशों को बेचेगा स्पेस प्रॉडक्ट्स और टेक्नोलॉजी
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी और उपग्रह प्रक्षेपित करने की क्षमता एवं वैश्विक कम लागत पर अंतरिक्ष उत्पादों के साथ भारत प्रमुख अंतरिक्ष शक्ति के रूप में उभरा है. अब समय आ गया है कि इस क्षमता का वाणिज्यिक उपयोग हो. एक सरकारी क्षेत्र उद्यम अर्थात न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड को इसरो द्वारा किए गए अनुसंधान और विकास के लाभों को काम में लाने के लिए अंतरिक्ष विभाग की नई वाणिज्यिक शाखा के रूप में शामिल किया गया है.

यह कंपनी विभिन्न अंतरिक्ष उत्पादों के वाणिज्यीकरण का नेतृत्व करेगी. इसमें लांच व्हीकल का उत्पादन, प्रौद्योगिकियों का लेनदेन और स्पेस प्रॉडक्ट्स को बेचा जाना शामिल है.
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अंतरिक्ष में दुर्घटनाओं के लिए भी तैयार रहेगा भारत
भारत पहले से ही अंतरिक्ष में अपनी भविष्य में पैदा होने वाली देनदारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयारी करेगा. इसके लिए फिलहाल 'स्पेस एक्टिविटी बिल' तैयार किया जा रहा है. इसका मतलब होगा कि किसी भी हालत में बाहरी अंतरिक्ष में मौजूद कोई भारतीय मशीन, किसी दूसरी चीज को नुकसान पहुंचाती है (चाहे वह प्राकृतिक वजहों से हो या फिर इंसान निर्मित किसी वजह से) तो भारत के पास हमेशा उसकी आर्थिक भरपाई की एक योजना मौजूद होगी.

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First published: July 5, 2019, 3:55 PM IST
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