कोरोना पर ट्वीट को लेकर निशिकांत दुबे ने की थरूर को लोकसभा में अयोग्‍य ठहराने की मांग

निशिकांत दुबे ने थरूर पर साधा निशाना. (File pic)

बीजेपी नेता ने शशि थरूर (Shashi Tharoor) पर आरोप लगाया है कि उन्‍होंने जिम्‍मेदाराना व्‍यवहार की सीमाएं पार कर दी हैं, जब उन्‍होंने कोरोना वायरस (Coronavirus) के बी.1.617 वैरिएंट को 'भारतीय वैरिएंट' कहा है.

  • Share this:
    नई दिल्‍ली. बीजेपी नेता निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) ने सोमवार को लोकसभा स्‍पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर कांग्रेस के सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) को निचने सदन की सदस्‍यता से अयोग्‍य ठहराने की मांग की है. बीजेपी नेता ने शशि थरूर पर आरोप लगाया है कि उन्‍होंने जिम्‍मेदाराना व्‍यवहार की सीमाएं पार कर दी हैं, जब उन्‍होंने कोरोना वायरस (Coronavirus) के बी.1.617 वैरिएंट को 'भारतीय वैरिएंट' कहा है.

    निशिकांत दुबे पहले भी कई बार अधिकांश मुद्दों पर शशि थरूर की आलोचनाएं कर चुके हैं. इनमें से कई मुद्दे इंफॉर्मेशन टेक्‍नोलॉजी कमेटी से जुड़े हैं. जिसकी अध्‍यक्षता शशि थरूर करते हैं और निशिकांत उसके सदस्‍य हैं. वह कई बार उनकी अध्‍यक्षता वापस लेने की भी मांग कर चुके हैं.

    बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता शशि थरूर संसद की सूचना एवं प्रौद्योगिकी समिति के अध्यक्ष के तौर पर अपने पद का इस्तेमाल केंद्र सरकार की छवि खराब करने के लिए कर रहे हैं.



    बीजेपी नेता दुबे ने पत्र में टूलकिट मुद्दे पर केंद्र सरकार के बारे में की गईं थरूर की हालिया टिप्पणियों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता ने शालीनता की वे सारी हदें पार कर दी हैं, जिनकी आशा एक संसदीय समिति के अध्यक्ष के पद पर बैठे व्यक्ति से की जाती हैं.

    दुबे ने पत्र में कहा, 'मैं आपसे शशि थरूर को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराने की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध करता हूं.'

    पत्र में दुबे ने लिखा है, 'संसद के सदस्‍य और अधिक राजनीतिक अनुभव रखने वाले शशि थरूर ने 'इंडियन वैरिएंट' शब्‍द का इस्‍तेमाल किया है. जबकि विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन खुद कह चुका है कि ऐसा कोई भी वैरिएंट नहीं है. मेरी समझ से परे है कि एक भारतीय सांसद कैसे इस तरह की भाषा इस्‍तेमाल कर सकता है, तो गैर वैज्ञानिक है और भारतीयों के लिए अपमानजनक है.'

    उन्‍होंने कहा, 'जब भारत सरकार सभी मीडिया प्‍लेटफॉर्म को ऐसे शब्‍द हटाने के लिए लिख चुकी है तो ऐसे में यह काफी शर्मनाक है कि हमारी लोकसभा के सदस्‍य अपने देश और उसके लोगों के लिए अपमान के लिए ऐसी बात करते हैं.'