मोदी सरकार में मंत्री निसिथ प्रमाणिक की नागरिकता पर उठे सवाल, TMC के आरोपों पर BJP का पलटवार

निसिथ प्रमाणिक को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नियुक्त किया गया है.

Nisith Pramanik Nationality Row: भाजपा के सूत्रों का कहना है कि निसिथ प्रमाणिक की चुप्पी बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को ऑक्सीजन देने का काम कर रही है.

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    नई दिल्ली. निसिथ प्रमाणिक अपनी राष्ट्रीयता के सवाल पर चुप क्यों हैं? यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे कई लोग इन दिनों पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में उठा रहे हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले को 'निराधार' करार दिया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल के हालिया फेरबदल में गृह और खेल राज्य मंत्री बनने के बाद , प्रमाणिक पर उनकी शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ उनकी नागरिकता के बारे में एक के बाद एक आरोप लगाए गए हैं. नया विवादउस वक्त शुरू हुआ जब बांग्लादेशी मीडिया में प्रमाणिक की नियुक्ति को लेकर उनके 'पैतृक गांव' में हर्षोल्लास समारोहों की रिपोर्टों प्रकाशित हुई.


    असम कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद रिपुन बोरा ने सोमवार को संसद का मानसून सत्र शुरू होने के बावजूद इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा है. प्रमाणिक को अभी जवाब देना बाकी है. भाजपा के सूत्रों का कहना है कि उनकी चुप्पी बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को ऑक्सीजन देने का काम कर रही है. कूचबिहार में भी मामला तूल पकड़ रहा है.


    'मौका मिलते ही आरोपों का जवाब देंगे निसिथ प्रमाणिक'
    भाजपा जिलाध्यक्ष मालती रवा ने कहा, 'यदि आवश्यक हो, तो लोग सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत यह जान सकते हैं कि कौन सा मंत्री किस क्षेत्र का निवासी है.' पार्टी की राज्य समिति के सदस्य दीप्तिमान सेनगुप्ता ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इस तरह के कुछ निराधार सवालों के जवाब देने की जरूरत है.' भाजपा के कुछ नेताओं के अनुसार, निसिथ केंद्रीय राज्य मंत्री हैं और उनके पास गृह एवं खेल के दो अहम विभाग हैं. उन्होंने कहा कि वह काम में व्यस्त हैं और मौका मिलते ही अपने खिलाफ लगे हर आरोप का जवाब देंगे.


    'निसिथ के बांग्लादेशी होने का आरोप पूरी तरह से झूठा'
    भाजपा के एक नेता ने कहा, 'निसिथ का जन्मस्थान भेटागुरी है, जो पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले का एक शहर है.' उन्होंने कहा, 'वह बालाकुरा निमना बुनियादी विद्यालय में शिक्षक हैं. उनकी मां छंदा बर्मन प्रमाणिक भेटागुरी की रहने वाली हैं और उनके पिता के वंशज अविभाजित कामतापुर के हरिनाथपुर गांव में रहते हैं. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बांग्लादेशी होने का आरोप पूरी तरह से झूठा है.'


    बांग्लादेश के अखबारों में क्या छपा
    ढाका से प्रकाशित कई समाचार पत्रों ने भारतीय गृह मंत्रालय में निसिथ प्रमाणिक की नई नियुक्ति पर उनके 'पैतृक गांव' में उल्लासपूर्ण समारोहों की सूचना दी. खबरों में दावा किया गया कि उनके परिजनों ने लोगों के बीच मिठाइयां बांटी. नरेंद्र मोदी कैबिनेट में प्रमाणिक के शामिल होने पर बांग्लादेश प्रतिदिन, भोरेर कागोज, प्रोथोम आलो, आदि जैसे अखबारों में उनकी विस्तृत चर्चा की गई. इन रिपोर्टों के अनुसार, मंत्री के पिता के बड़े भाई अभी भी बांग्लादेश के गैबांधा जिले के वेलाकोपा इलाके में रहते हैं.


    टीएमसी नेता ने निसिथ को बताया बांग्लादेशी
    तृणमूल कांग्रेस के नेता उदयन गुहा ने कहा, 'केंद्रीय राज्य मंत्री की शैक्षणिक योग्यता और नागरिकता को लेकर आम लोगों के मन में सवाल हैं. यह सब उन्होंने खुद लोगों को बताया. हर कोई जानता है कि चुप रहने का क्या मतलब होता है.' रिपुन बोरा ने दावा किया कि निसिथ प्रमाणिक का जन्म बांग्लादेश में हुआ था. उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रमाणिक की चुप्पी पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, 'मुझे यह जानकारी असम के कुछ मीडिया से मिली. कई लोगों को संदेह है कि निसिथ एक प्रामाणिक भारतीय नागरिक नहीं है. उनका जन्म बांग्लादेश के पलाशबाड़ी थाना क्षेत्र के हरिनाथपुर गांव में हुआ था.'


    हालांकि, भाजपा के वरिष्ठ नेता तथागत रॉय ने इन आरोपों का खंडन किया है. उन्होंने ट्वीट किया, 'तृणमूल के मंत्री और असम के रिपुन बोरा नहीं जानते कि उन्हें इस तरह के गंभीर आरोप लगाने के लिए सबूत देने होंगे? निसिथ के बांग्लादेशी होने के पक्ष में जो कहा गया है वह गपशप के अलावा और कुछ नहीं है.'

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