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NIT छात्रों को इंसाफ का इंतजार, डिप्टी CM ने नहीं मानीं आधी शर्तें

News18India
Updated: April 9, 2016, 11:06 AM IST

श्रीनगर में NIT छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। लेकिन छात्रों को अभी तक इंसाफ का इंतजार है।

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  • Last Updated: April 9, 2016, 11:06 AM IST
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श्रीनगर।श्रीनगर में NIT छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। लेकिन छात्रों को अभी तक इंसाफ का इंतजार है। इससे पहले जम्मू कश्मीर के उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने छात्रों से मुलाकात की जिसमें छात्रों की कई मांगों को मान लिया गया, लेकिन कैंपस शिफ्ट करने या छात्रों को उनके राज्य में ट्रांसफर करने की मांग को सरकार ने नहीं माना।

निर्मल सिंह ने छात्रों से मुलाकात के बाद बताया कि जो छात्र परीक्षा देना चाहते हैं उनके लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी लेकिन विवाद की वजह से जो छात्र पहले अपने घर जाकर फिर परीक्षा देना चाहते हैं उनके लिए बाद में परीक्षा आयोजित कराई जाएगी।

उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया है कि पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच होगी साथ ही छात्रों को कैंपस के बाहर जाने की इजाजत दी जाएगी, लेकिन ग्रुप में नहीं। ये फॉर्मूला छात्रों और निर्मल सिंह के बीच हुई लंबी मुलाकात के बाद निकाला गया। इससे पहले रात में छात्रों ने एक पीस मार्च निकाला और उनके पक्ष में कश्मीरी पंडितों ने भी प्रदर्शन किया।

कल निर्मल सिंह के सरकारी निवास में हुई NIT के बाहरी छात्रों के 6 प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक बेनतीजा रही। सरकारी सूत्रों के मुताबिक के सरकार इस बात को मानने को फिलहाल तैयार नहीं कि छात्रों को उनके राज्य भेजा या फिर NIT शिफ्ट किया जाए।

हालांकि सरकार इन बातों को तैयार है कि आरोपी पुलिसवालों पर कार्रवाई हो, अगर छात्र घर जाना चाहते है वो जा सकते हैं। उनकी परीक्षा बाद में ली जा सकती है जो कि सोमवार से शुरू हो रही है। सरकार ने छात्रों को ये भी भरोसा दिलाया है कि छात्रों के खिलाफ जो FIR हुई है उनको वापस लिया जाएगा।

इस पूरे मामले में उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह का कहना है कि मेरे साथ नईम अख्तर, पुलिस और एचाआरडी, एनआईटी के बॉर्ड ऑफ गवर्नर्स भी थे और छात्र भी थे। ये मैच का मसला तो है ही इसके अलावा ये पुराने समय से चला आ रहा है मामला है। लड़कियों को 6 बजे के बाद कैंपस के अंदर भी घूमने की इजाजत नहीं है। छात्रों का एक कंसर्न  था उनकी पर्सनल सिक्योरिटी का,  दूसरा उनकी एकेडमिक्स की समस्या है। एचआरडी ने उन्हें दो ऑफर दिए हैं,  पहला जो एग्जाम देना चाहते हैं वो देंगे और जो घर जाना चाहते हैं उन्हें बाद में एग्जाम देने की अनुमति दी जाएगी।

वहीं केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने कहा है कि NIT समेत देश के कई शिक्षण संस्थाओं में लंबे समय से विवाद चला आ रहा है लेकिन सरकार का पक्ष यही है कि शिक्षण संस्थाओं में राजनीति नहीं होनी चाहिए।

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First published: April 9, 2016, 9:30 AM IST
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