भारत के वर्कफोर्स में महिलाएं हुईं 48% तो इकॉनमी में होगी 700 अरब डॉलर की बढ़त: अमिताभ कांत

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा है कि अगर हम वर्तमान में भारतीय वर्कफोर्स में शामिल केवल 27% महिलाओं की संख्या 48% कर पाते हैं तो हम अपनी अर्थव्यवस्था में 700 अरब डॉलर जोड़ेंगे.

भाषा
Updated: August 10, 2019, 5:46 AM IST
भारत के वर्कफोर्स में महिलाएं हुईं 48% तो इकॉनमी में होगी 700 अरब डॉलर की बढ़त: अमिताभ कांत
नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने भारत में महिला वर्कफोर्स को बढ़ाने की बात कही है (फाइल फोटो)
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Updated: August 10, 2019, 5:46 AM IST
भारत को अगले दस साल में कार्यबल (Workforce) में महिलाओं की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 48 प्रतिशत के वैश्विक स्तर तक ले जाने की जरूरत है. इससे जीडीपी वृद्धि (GDP Growth) में 700 अरब डॉलर का इजाफा होगा. नीति आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह बात कही.

वहीं नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने बताया कि 9-10% की उच्च दर से वृद्धि आधी आबादी की भागीदारी के बगैर मुमकिन नहीं है. उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर यह सुनिश्चित करना पुरूषों का काम है कि महिलाओं को नेतृत्व करने का अवसर मिले.

अगर वर्कफोर्स में महिलाएं अभी के 27% से हुईं 48% तो अर्थव्यवस्था में जुड़ेंगे 700 अरब डॉलर
नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने इस साल के वुमेन ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (WTI) अवार्ड के लिए प्रविष्टियों की शुरुआत करते हुए कांत ने कहा, 'महिलाओं की भूमिका बहुत अहम रहने वाली है क्योंकि अगले एक दशक में भारत में कार्यबल में साढ़े सात करोड़ महिलाएं आनी चाहिए. वर्तमान में केवल 27% महिलाएं ही कार्यबल में हैं और हमें इसे 48% के वैश्विक औसत पर लाना है.'

उन्होंने कहा, 'अगर हम उसे 48% कर पाते हैं तो हम अपनी अर्थव्यवस्था में 700 अरब डॉलर जोड़ेंगे.'

महिलाओं और पुरुषों के वेतन में असमानता भी है बड़ा मुद्दा
हाल ही में एक सरकारी सर्वे (पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे) में भारत में महिलाओं और पुरुषों को मिलने वाले वेतन में भी काफी असमानता पायी गई थी. इसमें कहा गया था कि 45% भारतीयों को 10 हजार रुपये या फिर इससे कम वेतन मिलता है. वहीं 63% महिलाओं को 10 हजार रुपये से कम वेतन मिलता है. उनमें से भी 32% महिलाओं को तो पांच हजार रुपये वेतन मिलता है.
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वहीं आबादी के हिसाब से देखें तो ग्रामीण इलाकों में 54.9% पुरुष और 18.2% महिलाएं नौकरी करती हैं. वहीं शहरी इलाकों में 57% पुरुष और 15.9% महिलाएं नौकरी करती हैं.

पूरे देश से सिर्फ 2% महिलाएं कमाने के लिए छोड़ती हैं घर
इतना ही नहीं लाइवमिंट अख़बार की एक रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं के संबंध में अधिकतर प्रवास काम के चलते नहीं हुआ है. भारत में प्रवास करने वाले 45 करोड़ लोगों में 68% (30 करोड़ 60 लाख) महिलाएं थीं. इसमें से केवल 2% यानी 72 लाख महिलाओं ने काम की वजहों से प्रवास किया. जबकि पुरुषों में यह प्रतिशत 26% रहा.

बंगलैर, थाने, पुणे, रंगारेड्डी (तेलंगाना) और मुबंई उप नगरीय में जिलों में काम के चलते सबसे अधिक महिलाओं ने प्रवास किया. उत्तर प्रदेश (19% प्रवासी महिलाएं) और बिहार (11% प्रवासी महिलाएं) में पुरुषों की ही तरह महिलाओं का प्रवास भी अधिक रहा.

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First published: August 10, 2019, 5:46 AM IST
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