कोरोना के खिलाफ प्लान-B करें तैयार, रोजाना 6 लाख मरीजों के लिए ऑक्सीजन की रखें तैयारी- डॉ. पॉल पैनल

देश में अब कोरोना संक्रमण के रोजाना साढ़े तीन के करीब मामले आ रहे हैं. (सांकेतिक फोटो)

देश में अब कोरोना संक्रमण के रोजाना साढ़े तीन के करीब मामले आ रहे हैं. (सांकेतिक फोटो)

डॉ. पॉल के ही पैनल ने अब से ठीक 10 महीने पहले स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) सहित अन्य अधिकारियों को बताया था कि रोजोना 3 लाख नए मामलों को ध्यान में रखते हुए ऑक्सीजन का इंतजाम करना होगा.

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  • Last Updated: April 26, 2021, 2:49 PM IST
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नई दिल्ली. नीति आयोग (Niti Aayog) के सदस्य डॉ. वीके पॉल की अगुवाई वाली एक अधिकार प्राप्त समूह ने कहा है कि देश में हर रोज 6 लाख मामलों के लिए ऑक्सीजन का इंतजाम करे. अब से ठीक 10 महीने पहले डॉ. पॉल के ही पैनल ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) सहित अन्य अधिकारियों को बताया था कि रोजोना 3 लाख नए मामलों को ध्यान में रखते हुए ऑक्सीजन का इंतजाम करना होगा.

डॉ.पॉल की अगुवाई वाले 'मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर और कोविड मैनेजमेंट प्लान' पर इस अधिकार प्राप्त समूह -1 ने 'प्लान बी' के तहत 'ऑक्सीजन प्रावधान को बढ़ाने के असाधारण उपाय' की सिफारिश की है. समूह ने यह सिफारिश 'एक दिन में 6 लाख नए मामलों की वृद्धि को पूरा करने के लिए' की है. एक आदेश में कहा गया कि 'ऑक्सीजन की उपलब्धता और बिगड़ती महामारी की स्थिति के बारे में अधिकार प्राप्त समूह -2 को जानकारी दी जानी चाहिए. अधिकार प्राप्त समूह 2 की अगुवाई डॉ. गुरुप्रसाद महापात्र कर रहे है. इस समूह की प्राथमिक जिम्मेदारी प्रभावित राज्यों को मेडिककल ऑक्सीजन सहित जरूरी उपकरण सुनिश्चित करना है.

प्रबंधन और नियमन में सख्ती लाने का निर्देश

सूत्रों ने कहा कि अप्रैल के पहले हफ्ते में एक बैठक के बाद डॉ. पॉल के नेतृत्व वाले अधिकार प्राप्त समूह ने सरकार से 'प्लान बी' की सिफारिश पर जांच करने को कहा. हाल ही में एक प्रेस विज्ञप्ति के दौरान स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्यों को कोरोना के बढ़ते मामलों वालों में प्रबंधन और नियमन में सख्ती लाने को कहा था. मंत्रालय ने कहा था कि 'मौजूदा बुनियादी ढांचा इस तरह के उछाल का सामना करने में सक्षम नहीं है.'


हालांकि सरकार को पिछले साल सितंबर में पहली लहर के पीक के दौरान इसके बुनियादी ढांचे का अंदाजा था. मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर ’पर अधिकार प्राप्त समूह-1 ने पिछले सितंबर में कहा था कि एक दिन में 3 लाख नए मामलों की वृद्धि को पूरा करने के लिए, देश को 1.6 लाख आईसीयू बेड और 3.6 लाख गैर-आईसीयू बेड की आवश्यकता थी. यह भी कहा कि गैर-आईसीयू बेड में 75 प्रतिशत ऐसे होने चाहिए जिसमें ऑक्सीजन सप्लाई हो सके.
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