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कश्मीर में गंदी फिल्में देखने के लिए होता है इंटरनेट का इस्तेमाल- NITI आयोग के सदस्य

News18Hindi
Updated: January 19, 2020, 11:10 AM IST
कश्मीर में गंदी फिल्में देखने के लिए होता है इंटरनेट का इस्तेमाल- NITI आयोग के सदस्य
नीति आयोग ने सदस्य वीके सारस्वत ने कहा कि कश्मीर में इंटरनेट बंद होने से अर्थव्यवस्था पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा.

नीति आयोग (Niti Ayog) के सदस्य वीके सारस्वत ने अपने इस बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनके कहने का मतलब था कि जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में इंटरनेट बंद (Internet Ban) होने से अर्थव्यवस्था पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा.

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  • Last Updated: January 19, 2020, 11:10 AM IST
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गांधीनगर. नीति आयोग ने सदस्य वीके सारस्वत ने जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट बैन को सही ठहराते हुए एक विवादित बयान दे दिया. उन्होंने कहा कि इलाके में इंटरनेट सेवा का इस्तेमाल 'गंदी फिल्में' देखने में होता था. सारस्वत ने हालांकि थोड़ी ही देर बाद अपने इस बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनके कहने का मतलब था कि कश्मीर में इंटरनेट बंद होने से अर्थव्यवस्था पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा.

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने सारस्वत के हवाले से लिखा, 'ये जितने नेता वहां जाना चाहते हैं, वो किसलिए जाना चाहते हैं? वह जैसे आंदोलन दिल्ली की सड़कों पर हो रहे हैं, वो कश्मीर की सड़कों पर लाना चाहते हैं. जो सोशल मीडिया है उसको वे आग की तरह इस्तेमाल करते हैं… तो आपको वहां इंटरनेट ना हो तो क्या अंतर पड़ता है? और वैसे भी आप इंटरनेट में वहां क्या देखते हैं? वहां गंदी फिल्में देखने के अलावा कुछ नहीं करते आप लोग'

हालांकि थोड़ी देर बाद सफाई देते हुए सारस्वत ने कहा, 'मैं यह बात बता रहा हूं कि इंटरनेट में अगर नहीं हैस तो उससे अर्थव्यवस्था पर कुछ खास अंतर नहीं पड़ता.'

सारस्वत का यह बयान ऐसे समय आया है जब जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने घाटी में प्रीपेड मोबाइल सेवाओं पर पांच महीने से लगी रोक को हटाने का आदेश दिया है. एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि इसके अलावा पूरे जम्मू क्षेत्र में पोस्टपेड कनेक्शनों पर 2जी मोबाइल डेटा सेवा भी बहाल कर दी गई. वहीं कश्मीर में पोस्टपेड मोबाइलों पर 2जी मोबाइल डेटा सेवा केवल दो जिलों - कुपवाड़ा और बांदीपोरा में शुरू की गई हैं. प्रशासन ने घाटी में सॉफ्टवेयर सेवाएं देने वाली कंपनियों से फिक्स्ड लाइन इंटरनेट संचार सेवा को सावधानीपूर्वक शुरू करने का भी आदेश दिया.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 10 जनवरी को महत्त्वपूर्ण फैसला देते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन से केंद्र शासित प्रदेश में प्रतिबंध लगाने संबंधी सभी आदेशों की एक हफ्ते के भीतर समीक्षा करने को कहा है. राज्य प्रशासन के इस कदम को उसी परीपेक्ष्य में देखा जा रहा है.

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First published: January 19, 2020, 10:52 AM IST
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